बिहार फेर देखेलक बाट, बच्चाक इलाज 22 मार्च स निःशुल्क

पटना। एक बेर फेर साबित भ गेल जे देश कए बाट देखैनिहार बिहार अछि। 22 मार्च कए बिहार सौ सालक भ जाएत। एहि दिन कई का रिकार्ड बनत, मुदा एकटा रिकार्ड सबस महत्वपूर्ण अछि। ओहि दिन बिहार देश क एहन पहिल राज्य बनि जाएत जतए 14 साल तक क सबटा बच्चाक इलाज सरकार अपन खर्च स करवाउत। बच्चा क इलाज राज्य क प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेन्द्र स लकए दिल्ली क एम्स सहित देश क सबटा पैघ संस्थान मे निःशुलक भ सकत।
सरकारी आंकडाक अनुसार एखन राज्य मे 14 साल तक क करीब 3.4 करोड़ बच्चा अछि। एहि मे स छह स 14 सालक अधिकतर बच्चा विद्यालय मे पढैत अछि। ‘नई पीढ़ी स्वास्थ्य गारंटी योजना’ क नाम स शुरू भ रहल इ कार्यक्रम क तहत राज्य क सबटा बच्चा कए एकटा हेल्थ कार्ड देल जाएत, जे ओकर निःशुल्क ईलाजक गारंटी होएत।
एहि योजना क शुभारम्भ 22 मार्च कए ‘बिहार दिवस’ क मौका पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करताह। इ योजना राज्य क सबटा 11,000 स्वास्थ्य केंद्र आ स्वास्थ्य उपकेंद्र क संग-संग राज्य क करीब 70,000 प्राथमिक आ मध्य विद्यालय मे शुरू होएत।
राज्य क स्वास्थ्य विभाग क प्रधान सचिव अमरजीत सिन्हा कहला जे वर्तमान मे इ योजना अगिला पांच साल तक क लेल बनाउल गेल अछि, जाहि मे प्रत्येक वर्ष चारि माह तक बच्चा क बीच हेल्थ कार्ड बांटल जाएत। स्वास्थ्य केंद्र सहित विद्यालय आ गाम मे कैम्प लगाकए चरणबद्ध तरीका स बच्चा क स्वास्थ्य क जांच कैल जाएत।
हेल्थ कार्ड मे बच्चा क स्वास्थ्य स सम्बंधित सबटा रिकॉर्ड अंकित रहत। बच्चा क ऊंचाई, वजन, आंख, नाक, गला, चर्म रोग, कटल ठोर, दिल क स्थिति सहित सबटा विवरण एहि हेल्थ कार्ड मे रहत।
ओ कहला जे एहि योजना मे प्रतिवर्ष केवल 125 करोड़ टका खर्च हेबाक सम्भावाना अछि। योजना मे राज्य क सरकारी शिक्षक क सेहो सहयोग लेल जाएत। हेल्थ कार्ड क एकटा प्रति संबंधित विद्यालय कए देल जाएत, जेकरा प्रतिवर्ष अपडेट कैल जाएत।
सिन्हा कहला जे विश्व स्वास्थ्य संगठन आ स्वास्थ्य स संबंधित पत्रिका ‘लैनसेट’ क अध्ययन क मुताबिक भारत मे तीन साल तक क लगभग 55 प्रतिशत बच्चा कुपोषण क शिकार अछि। बिहार मे इ प्रतिशत आओर अछि। रिपोर्ट क मुताबिक छह साल तक क बच्चा मे आमतौर पर आंख, दांत, चर्म रोग आ दिल क रोग क समस्या बेसी रहैत अछि।

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