बिहार कए गन्ना स सीधा एथेनॉल बनेबाक अनुमति देबाक तैयारी

नई दिल्‍ली । केंद्रीय कृषि आ उपभोक्ता मामला क मंत्रालय गन्ना स सीधा एथनॉल बनेबाक योजना पर विचार करि रहल अछि। आम तौर पर एथनॉल क उत्पादन चीनी क सह उत्पाद क तौर पर होइत रहल अछि, मुदा बिहार कई साल स सीधा एथेनॉल बनेबाक अनुमति मांगी रहल अछि। आब इ प्रस्ताव कानून मंत्रालय क लग मे पठाउल गेल अछि, किया जे एकरा लागू करबा लेल आवश्यक वस्तु अधिनियम क चीनी नियंत्रण संबंधी प्रावधान मे संशोधन करए पडत।
सूत्र क कहब अछि जे इ काज बिहार सरकार सबस पहिने शुरू केने छल। बिहार सरकार गन्ना स सीधा एथनॉल बनेबा लेल कईटा समझौता केने अछि। खनिज संपदा क अधिकांश हिस्सा झारखंड क हिस्सा मे गेलाक बाद बिहार अपन आर्थिक विकास क लेल कृषि आधारित उद्योग क विकास पर खास ध्यान द रहल अछि।
कानून मंत्रालय क मानब अछि जे प्रस्ताव पर अलग प्रावधान क तहत विचार कैल जा सकैत अछि नहि कि आवश्यक वस्तु अधिनियम क चीनी नियंत्रण संबंधी प्रावधान क तहत। एहि प्रावधान क तहत चीनी क उत्पादन, मार्केटिंग आ वितरण कए नियंत्रित कैल जाइत अछि। सूत्र क कहब अछि जे एथेनॉल आवश्यक वस्तु क तहत नहि अबैत अछि एहि लेल चीनी नियंत्रण प्रावधान क तहत विचार नहि कैल जा सकैत अछि।
कानून मंत्रालय संविधान क अनुच्छेद-47 क हवाला दैत कहैत अछि जे एकर तहत राज्‍य क इ जिम्मेदारी अछि जे ओ अपन ओहि ठामक लोक क जीवन स्तर आ पोषण स्तर मे सुधार करथि। सूत्र क कहब अछि जे एथेनॉल क नियंत्रित वस्तु क दायरा मे अनबाक लेल आवश्यक वस्तु अधिनियम मे संशोधन स पहिने अनुच्छेद-47 पर विचार करए पडत। कानून मंत्रालय खाद्य मंत्रालय क लग मे एखन अपन विचार नहि पठेलक अछि आ भारत क अटार्नी जनरल स राय मंगलक अछि। हालांकि, इ सेहो कहल जाइत अछि जे प्रधानमंत्री क आर्थिक सलाहकार परिषद सीधा एथेनॉल तैयार करबाक प्रस्ताव कए इ कहैत खारिज करि देने अछि जे एहि स खाद्य सुरक्षा पर नकारात्मक असर पड़त। आवश्यक वस्तु अधिनियम क अहम जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करब अछि। सीधा एथेनॉल तैयार करबाक गप तखन स जोर पकडने अछि जखन स सरकार ईंधन मे 5 स 10 फीसदी एथेनॉल मिलेबाक मंजूरी देने अछि ताकि प्रदूषण घटि सकए। हालांकि, एखनो एथेनॉल मिलेबा सबंधी कोनो अनिवार्यता नहि अछि। किया कि अनिवार्यता स पहिने तेल कंपनी आपूर्ति सुनिश्चित करए चाहैत अछि। ब्राजील आ अमेरिका मे गन्ना स सीधा एथेनॉल तैयार कैल जा रहल अछि। भारत मे एखन 122 एहन इकाइ अछि जाहि ठाम सह उत्पाद क तौर पर एथेनॉल तैयार कैल जा रहल अछि। देश मे हर साल 120 करोड़ लीटर एथेनॉल तैयार कैल जाइत अछि।

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