बिहारक विकास देखबाक अछि त पंजाब आउ

लुधियाना स समदिया गिरिजेश


पंजाब क इंडस्ट्री मे गंभीर मजदूर संकट, लेबर कए कए उद्यमी मे खींचतान

जालंधर/ लुधियाना। बिहार मे विकास केतबा भेल एहि पर विवाद भ सकैत अछि, मुदा पंजाबक उद्यमी स अगर पूछल जाए त बिहार मे एतबा विकास जरूर भ रहल अछि जे पंजाब मे ऐतिहासिक मजदूर संकट भ गेल अछि। पहिने पंजाबक खेत मजदूरक बाट तकलक आब एहि ठामक उद्योग सेहो बिहारी मजदूरक संकट झेल रहल अछि। संकट एतबा विकराल भ चुकल अछि जे उद्यमी एकरा लेल राज्य आ केंद्र सरकार तक कए पत्र लिख चुकल छथि। पत्र मे कहल गेल अछि जे कईटा संकट स जूझि रहल पंजाब क इंडस्ट्री क लेल अकुशल लेबर क कमी एकटा नव आ विशाल संकट बनि गेल अछि।  उद्यमीक कहब अछि जे पंजाब क इंडस्ट्रीज मे काज करनिहार ज्यादातर मजदूर बिहार स छथि।  बिहार मे औद्योगिक विकास तेजी पकडि़ रहल अछि आ अगर इ तेजी बनल रहत त पंजाब मजदूरविहीन भ जाइत।
पंजाब मे दोसर राज्य स काज करनिहार मजदूर एहि औद्योगिक विकास मे तेजी स शिफ्ट भ रहल छथि। पंजाब मे 20 फीसदी स बेसी अकुशल मजदूर क कमी अछि। उद्यमी क परेशानी क कारण इ अछि जे पंजाबी युवक कए मजदूरी मे कोनो रुझान नहि अछि। ओ यूरोपियन आ अरब देश मे कामकाज क मौका तलाश रहल छथि। उद्योग नगर मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन क प्रधान तेजिंदर सिंह भसीन क कहब अछि जे इंडस्ट्री मे नव अकुशल मजदूर नहि आबि रहल अछि, पहिने स जे छल ओ जा रहल अछि। एहन मे कुशल मजदूरक त गप छोडि़ दियउ,जे पिछला कई साल स अकुशल लेबर क तौर पर काज करि रहल छल, तेकरे ट्रेनिंग दकए स्किल्ड लेबर क तौर पर इस्तेमाल कैल जा रहल अछि। हुनक अनुसार बिहार जहि रूप मे आगू जा रहल अछि एहन मे पंजाबक अकुशल लेबर क समस्या तखने हल भ सकैत अछि, जखन पंजाबी युवक कए प्रोत्साहित करिकए इंडस्ट्री क दिस आनल जाए।
लघु उद्योग भारती क जिला सीनियर उप प्रधान पंकज धीर क कहब अछि जे  स्किल्ड लेबर क कमी कए लकए केंद्र आ राज्य सरकार कए पत्र लिखल गेल अछि। पंजाब मे एहन औद्योगिक ट्रेनिंग सैंटर खोलबाक जरूरत अछि जतय इंडस्ट्रीज क जरूरत मुताबिक लेबर कए ट्रेनिंग देल जा सकए, संगहि  इ सुझाव सेहो देल गेल अछि जे अगर एहन सैंटर जालंधर या लुधियाना मे खोलल जाए त एहि मे ट्रेनिंग मे आबै वाला खर्च क एकटा हिस्सा हम सब उठेबा लेल तैयार छी, मुदा सरकार दिस स एखन धरि कोनो जवाब नहि आयल अछि।
दोसर दिस स्थिति दिन प्रति दिन बदतर भ रहल अछि। लेबर क कमी क कारण उद्यमी क बीच लेबर कए लकए खींचतान बढ़ल जा रहल अछि। हर उद्यमी अपन लेबर कए लकए सतर्क अछि जे कहीं ओकर लेबर दोसर उद्यमी नहि खींच लिए। एकटा उद्यमी दोसर क लेबर ल जाइत अछि, त दूनू मे तनातनी भ जाइत अछि, कतेक ठाम त मामला धमकी तक पहुंच गेल अछि।

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