बिहारक बदलैत चेहरा – पूरा भ रहल अछि पैघ परियोजना

पटना । एकटा पुरान चीनी फकरा अछि-अगर देश कए अमीर बनेबाक अछि,त सबस पहिने पुल बनाउ। बिहार मे गंगा, सोन आ कोसी पर चारिटा महासेतु बनि रहल अछि। रेल चक्का कारखाना आ एम्स निर्माण प्रगति पर अछि। एकर अलावा कईआ एहन प्रोजेक्ट अछि जे आब धीरे-धीरे पूरा भ रहल अछि आ अगिला एक-दू साल मे पूर्ण ीा जाएत। इ तय अछि जे एकर पूर्ण भेला स राज्य मे युगांतकारी बदलाव देखबा लेल भेटत। आधारभूत निर्माण कए आर्थिक विकास स सीधा संबंध अछि। सडक आ पैघ संख्या मे छोट-छोट पुल-पुलिया अपना असर न सिर्फ चुनाव मे देखेलक, बल्कि ओहि स कही बेसी इ लोकक जीवन मे बदलाव कए सेहो दिखा रहल अछि। आब निर्माण क इ महाप्रयास बिहार कए विकसित राज्य बनेबाक वाहक बनबा लेल तैयार अछि
सबस पहिने गप करि जहानाबाद क माओ स मैकाले तक क सफर तय करबा लेल इ शहर पता नहि केतबा लाश कए देखलक। आब अरवल – सहार क बीच पुल बनैत देरी मगध क अरवल, जहानाबाद, नालंदा आ पटना जिला क एकटा हिस्सा, भोजपुर, रोहतास आ बक्सर जिला स सीधे जुडि जाएत। अगर भोजपुर-रोहतास कए धान क कटोरा कहल जाइत अछि त नालंदा कए अहां आलू क कटोरा कहि सकैत छी। पुल दूनू क्षेत्र कए जोडत, जाहि स एहि ठामक अर्थव्यवस्था कए आओर मजबूती भेटत। जिनका बिहार क नदीक जानकारी अछि, ओ जानैत छथि जे सोन नद (सोन पुलिंग अछि) क पाट बहुत चौडा अछि। नाव स नद कए पार करलाक बाद सेहो दूनू दिस काफी दूर तक पैदल चलए पडैत अछि। मुदा आब इ कष्ट खत्म भ जाएत। फरवरी, 2011 तक एकर निर्माण भ जाएत। तखन जहानाबाद -आरा क दूरी महज 50 किलोमीटर रहि जाएत। फिलहाल इ दूरी लगभग 120 किलोमीटर अछि।
97.42 करोड क लागत स बनिरहल इ पुल 1980 मीटर लंबा आ 12 मीटर चौडा अछि। नद क दूनू हिस्स क जुडला स व्यापार मे त वृद्धि हेबे करत संग-संग सामाजिक आ सांस्कृतिक संबंध सेहो मजबूत होएत
एहिना सोनपुर -दीघा रेल पुल सह सडक बनलाक बाद राजधानी पटना स एक दसि छपरा होइत उत्तरप्रदेश क गोरखपुर-बलिया, त दोसर दिस प्रदेश क मुजफ्फरपुर आ अन्य जिला सीधा जुडि जाएत। पुल क सुपर स्टक्चर क काज शुरू भ गेल अछि। 2013 स एहि पुल पर रेल आ बस सरपट दौडत। देश मे बनल एखन धरिक पुलक तुलना मे एहि मे सबस बेसी स्टील क उपयोग भ रहल अछि।
बिहार मे बनि रहल एकटा पुल दूटा भाग कए जोडत जेकरा कवि आ साहित्यकार कहियो अलग नहि करि सकल। आरा आ छपरा क मिलान एकटा सपना सन छल। दूनू कए गंगा मइया बांट रखने छलीह। आब पुल बनेलाक बाद इ दूरी सदा क लेल खत्म भ जाएत। गंगा नदी पर आरा-छपरा कए जोडबा लेल बहु प्रतीक्षित गंगा पुल क कार्य युद्ध स्तर शुरू भ गेल अछि। अधिकारी, इंजीनियर आ मजदूर क अवाजाही देख लोक गदगद अछि। पुल क चर्चा स अंगनाक माहौल खुशनुमा भ जाइत अछि। नहियर जेबा लेल आब लंबा इंतजार या नावक सहारा स मुक्ति भेट जाएत। पुल बबुरा आ डोरीगंज तिवारी घाट कए जोडत। पुल बनला स उपेक्षित दियारा क्षेत्र क विकास त हेबे करत संग-संग शाहाबाद आ सारण क संग नेपाल आ उत्तर प्रदेश क संस्कृति कए जोडबा क काज सेहो करत।
एहिना अगर अहां छपरा जेबाक मौका पाबि त ओहि ठाम जा चौंकब नहि! पहिल नजरि मे ओ नोएडा लागि सकेत अछि मुदा ओ सारण जिला क बेला गांव अछि। जगमग करैत रोशनी। ऊंच-ऊंच चिमनि आ सरपट दौडैत लॉरी क दरम्यान यूनिफॉर्म, हेइमेट आ सेफ्टी बेल्ट पहिरने काज करैत देश भरिक मजदूर। इ सब एहि पूरा इइाका क लेल बिल्कुल नव अछि। फैक्टरी क काज लगभग संपन्न अछि आ एहि सालक अंत तक उत्पादन सेहो शुरू भ जाएत।

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