बिहारक छवि बिगाडि रहल अछि केंद्र

पटना। जखन कोनो बिहारी सफलताक झंडा लहरा दैत अछि त ओकरा आन राज्‍य मे भेटल आधारभूत सुविधाक परिणाम बताउल जाइत अछि। कहल जाइत अछि जे इ बिहार स बाहर निकलल ताहि लेल इ सफलता अर्जित केलक। मुदा जखन कोनो व्‍यक्ति बिहार स बाहर जा आतंकी बनि जाइत अछि त ओकर पूरा श्रेय बिहार कए देल जा रहल अछि। इ बिहार सिंडोम क एकटा आओर उदाहरण सामने आबि रहल अछि। आतंकवाद देशक कोनो खास राज्‍यक विषय नहि अछि। एहन मे बिहार कए आतंकवाद क संरक्षक राज्‍य क रूप मे नामित करब एकटा पूर्वाग्रह स बेसी किछु नहि कहल जा सकैत अछि। ओना बिहार एहन पूर्वाग्रह से लडबा मे सक्षम अछि आ जाहि प्रकार स बिहार मे सब स्‍तर पर एकर विरोध भ रहल अछि उम्‍मीद कैल जा सकैत अछि जे आन पूर्वाग्रह जेकां इ पूर्वग्रह सेहो खत्‍म करि देल जाएत। ओना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार कए आतंकवाद स जोड़बा पर कड़ा विरोध जतेलाह अछि। नीतीश कहला अछि जे जखन विकास क बिहार माडल क सर्वत्र चर्चा भ रहल अछि, तखन केंद्र बिहार क छवि कए बिगाडबाक प्रयास शुरू क देलक अछि। विधानसभा मे मुख्‍यमंत्री क तामस कए जायज करार दैत विपक्ष सेहो हुनकर समर्थन केलक। आतंकवाद क मसला पर प्रधानमंत्री लग एकटा सर्वदलीय शिष्टमंडल जेबाक प्रस्‍ताव कए सेहो सदन मंजूरी देलक अछि। मुख्यमंत्री सदन मे राज्यपाल क अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर भेल वाद-विवाद पर सरकार क उत्तर दैत कहला जे बिहार सन पिछड़ल राज्य क विकास देखबा लेल दूर-दूर स लोक आबि रहल अछि। मुदा केन्द्र सरकार आतंक क बिहार माड्यूल क जिक्र करबा मे व्‍यस्‍त अछि। आतंकवाद लेल कोनो समुदाय, राज्य या जिला कए टारगेट नहि कैल जा सकैत अछि। बिहार एकरा अस्वीकार करैत अछि। एहि पर नेता प्रतिपक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी कहला जे एहि मामला मे विपक्ष सेहो सरकारक संग ठार अछि। कुमार कहला जे कोनो आतंकवादी पकडल जाइत अछि त की राज्य केन्द्र कए सहयोग नहि दैत अछि, समुदाय सहयोग नहि दैत अछि? अगर कोनो अल्पसंख्यक पकडल जाइत अछि,त की अल्पसंख्यक समाज पकडल गेल व्यक्ति क संग द रहल अछि? बिहार माड्यूल कहबाक मतलब अछि जे बिहार एहि मे संलिप्‍त अछि, जेकरा हम अस्वीकार करैत छी। अपन गप कए प्रमाणित करबा लेल नीतीश दिल्ली क अखबार क कतरन सेहो सदन मे रखलथि। ओ कहला जे केंद्र आतंकवाद क नाम पर संघीय ढांचा कए सेहो खत्‍म करबा मे लागल अछि। ओ कहला जे नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर(एनसीटीसी) कए हम सब विरोध क रहल छी। एहि कानून मे केन्द्र बिना राज्‍यक सहमति कए ककरो गिरफ्तार क सकैत अछि। एहन कानून त अंग्रेज क समय मे सेहो नहि लागू भेल छल। हम आतंकवाद क खिलाफ लड़ाई मे केन्द्र क संग छी, मुदा इ एनसीटीसी बहुत खतरनाक अछि।

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