बिजली प्रोजेक्ट कए रोकबा मे लागल अछि वन विभाग

पटना । राज्य क एकटा विद्युत परियोजना क लेल निवेशक तैयार अछि, मुदा ओकर कार्यान्वयन मे वन एवं पर्यावरण विभाग क कानून बाधक बनि गेल अछि। ऊर्जा विभाग वन विभाग स कैमूर मे प्रस्तावित 2590 मेगावाट क्षमता क पम्प स्टोरेज परियोजना क स्थल कए दर्शेबाक लेल स्फटिक चिह्न लगेबाक अनुमति मंगने छल, मुदा विभाग एहि पर चुप्पी साधि लेलक अछि। बिहार मे निवेश लेल एकटा त कोनो निवेशक सामने नहि अबैत अछि, एहन मे जखन विदेशी निवेशक एकरा लेल तैयार अछि त वन विभाग क अधिकारी ऊर्जा विभाग क अनुरोध कए अनसुना करि देने छथि। जापान पावर बिजली परियोजना क लेल राशि निवेश क प्रति काफी उत्साहित अछि। निवेशक क भ्रम कए समाप्त करबा लेल सरकार पट्टी लगाकए स्थल क सीमा निर्धारित करबाक निर्णय लेलक अछि। एकरा लेल वन विभाग कए राशि सेहो उपलब्ध करा देल गेल अछि, मुदा वन विभाग मामला कए ठंडा बस्ता मे डालि देलक अछि। जखन कि परियोजना स्थापित करबा लेल जापान बैंक आ जापान पावर क अफसर अगिल माह बिहारक दौरा पर आबि रहल छथि। दुर्भाग्य अछि जे कैमूर मे प्रस्तावित पम्प स्टोरेज स्कीम क लेल राशि क कोनो संकट नहि अछि। एकर स्थल कए प्रकृति क वरदान क रूप मे मानल जा रहल अछि। ऊर्जा विभाग क अनुसार जापान क टीम जखन स्थलीय दौरा केने छल त ओकर टिप्पणी छल जे एहन लगैत अछि जे प्रकृति परियोजना क लेल तालाब सहित सबटा आवश्यक संरचना स्वयं निर्माण केने अछि। एहन स्थिति मे किछु स्थल पर बेसी काज क आवश्यकता नहि अछि। जापानक कंपनी एहि लेल बिहार राज्य जल विद्युत निगम क प्रबंध निदेशक क स्तर स अनवरत पत्राचार सेहो क रहल अछि। एहि परियोजनाक तहत कैमूर स्थित हथियादह-दुर्गावती पम्प स्टोरेज स्कीम स 1600, तेलहरकुण्ड स 400 आ पंचगोटिया स 225 मेगावाट पनबिजली क उत्पादन प्रस्तावित अछि। एहि स्थल पर सिनाफदर मे प्रस्तावित 345 मेगावाट क्षमता क परियोजना स्थापित करबा लेल ऊर्जा मंत्रालय राष्ट्रीय जल विद्युत निगम(एनएचपीसी) कए निर्देश देने छल, मुदा राशि कए ल कए पेंच फंसि गेल अछि। एनएचपीसी अपन स्तर स राशि निवेश करबा लेल तैयार नहि अछि। एहन स्थिति मे सबटा परियोजना क भविष्य बाहरी निवेशक पर निर्भर अछि। संयोगवश एहि परियोजना क लेल निवेशक तैयार अछि। देखल जाए जे वन विभाग अपन कार्यशौली स एहि परियोजना कए केतबा क्षति पहुंचबैत अछि।

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