बंगाली स सीखू मातृभाषा प्रेम : सरावगी

दरभंगा। नगर विधायक संजय सरावगी कहला अछि जे मैथिल कए बंगाली स मातृभाषा प्रेम सीखबाक चाही। मैथिली लोक संस्कृति मंच दिस स आयोजित मिथिला महोत्सव क अंतिम दिन जनसमूह कए संबोधित करैत श्री सरावगी कहला जे भाषा आ लिपि स प्रेम कोना करबाक चाही इ जनबा लेल दक्षिण भारत जेबाक काज नहि। मैथिल कए त इ बंगाली स सिखबाक जरुरत अछि। ओ कहला जे लोक अनेक प्रकार स अपना कए मैथिल कहबाक प्रयास करैत छथि, दरभंगा कए मिथिलाक मुख्‍य शहर कहैत छथि मुदा एहि ठाम मैथिली कतहु नहि देखाइत अछि। अगर दरभंगा क लोक कए मैथिली स प्रेम अछि त हर घर, दुकान आ कार्यालय पर मिथिलाक्षर मे बोर्ड लगबाक चाही। ओ कहला जे मैथिली भाषा क विकास लेल एहन डेग उठेबाक जरुरत अछि। ओ कहला जे मिथिला आ मैथिली क विकास लेल ओ सरकार स अनुरोध करताह, मुदा जनता कए सेहो अपन भाषाक प्रति लगाव देखेबाक आवश्‍यकता है। विधायक श्री सरावगी कहला जे आम जनता मे जखन धरि भाषाक प्रति सम्‍मान नहि जागत, सरकार किछु नहि क सकैत अछि। ओ कहला जे ओ मिथिला कए पर्यटन क दृष्टि स विकसित करबा लेल आ अंतर्राष्ट्रीय पटल पर एकरा प्रतिष्ठित करबा लेल सीएम स आग्रह करैत रहलाह अछि। मुदा एहि लेल मिथिला कए सेहो तैयार रहबाक जरुरत अछि। अपन भाषा आ संस्‍कृति क प्रति सम्‍मान जखन धरि नहि प्रकट होएत, क्षेत्र क विकास प्रभावित रहत। एहि अवसर पर मैथिली अकादमी क अध्यक्ष कमलाकांत झा मिथिला क्षेत्र क विधायक क बैसार क मैथिली कए प्राथमिक शिक्षा क माध्यम बनेबाक दिशा मे प्रयास करबाक सुझाव देलथि। एहि अवसर पर डॉ. चंद्रमणि, डॉ. ममता ठाकुर, अणिमा, ओमप्रकाश सिंह, शिखा कुमारी, सोनाली, गोपाल आदि कलाकार अपन गायन स वातावरण कए संगीतमय बना देलथि।

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2 टिप्पणी

  1. सरावगीजीक कथन सत्य अछि। यदि हमरा भीतर अपन भाषा आ संस्कृति प्रति भावना नहि रहत तँ सरकार कि करत। मुदा ई जागरण कोना आओत एहि तँ मिथिलाक बुद्धिजीवी लोकनि सोचि रहल होयताह।

  2. Saravgi sahab ke kathan ekdum satya chhainha, muda aam janta ke sang-sang Mithila kshetrak janpratinidhi sabh ke seho aagu ebaak avasyakta chhainha.

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