पायरेसी सँ त्रस्त मैथिली फिल्म आ संगीत उद्योग

किसलय कृष्ण
नई दिल्ली |
ओना त’ विश्वक आन भाषाक फिल्म उद्योग आ संगीत उद्योग सेहो पायरेसी सँ प्रभावित भेल अछि मुदा आन देशक कानून एहि मामला में बेसी प्रभावी अछि , जकर फलस्वरूप ओई देश सभ में पायरेसीक कम-सँ-कम संभावना रहैत अछि | भारतक स्थिति एहि मामला मे हास्यास्पद अछि | कतेक बेर देखबा मे अबैत अछि जे फिल्म रिलीज होइते ओकर अनाधिकृत सीडी बाज़ार मे बिकाय लागैत अछि | पुनः मेमोरी कार्ड , पेन ड्राइव आदि पर अनधिकृत रूप सँ डाउनलाउड कयल जैत अछि ,जाहि सँ उद्योगक स्थिति दिनानुदिन ख़राब भेल जैत अछि |
एहि सन्दर्भ मे मैथिलीक स्थिति बहुत बेसी चिंता जनक अछि | एक त’ मैथिली मे बड्ड परेशानी सँ केओ मैथिली फिल्म निर्माणक जोगार करैत अछि , छोट बाज़ार रहबाक कारणे बजट वापसीक लेल बड्ड मेहनति लागैत अछि एहि भाषाई क्षेत्र मे | ताहि पर पायरेसी घातक सिद्ध भ’ रहल अछि मैथिली फिल्म आ संगीत उद्योग लेल जकर कारण कैकटा महत्वपूर्ण कंपनी सभ मैथिलीक रेकोर्डिंग बंद क’ देने अछि | एहि सन्दर्भ मे फिल्म निर्देशक मुरलीधर सेहो मैथिल बन्धु सँ पायरेसी त्यागबाक आग्रह केलनि अछि | मैथिली फिल्म निर्माण सँ जुडल अमित अविचल आश्चर्य व्यक्त करैत छथि जे नेटवर्किंग साईट सभ पर जे मैथिल बुद्धिजीवी सभ छथि , जे मिथिला विकास लेल आफन तोरैत छैथ सेहो सभ बड्ड निर्दयतापूर्वक यु ट्यूब आ ब्लॉग सभ पर मैथिली गीत आ फिल्म सभकें डाउन लाउड क’ रहल छथि जे ठाढ़ हेबाक प्रयास मे लागल मैथिली मनोरंजन उद्योग कें विकलांगता धरि पहुंचा रहल अछि | टॉप म्यूजिक कं. ‘क मालिक रणधीर मिश्र कहैत छथि जे जखन पढ़ल-लिखल लोक सभ ऐना क’ रहल छथि , त’ अनपढ़ लोक सभ जे मोबाईल आ मेमोरी मे गीतक पायरेसी क’ रहल छथि ,त’ कोण आश्चर्यक गप्प | एहि सन्दर्भ मे भारत सरकारक गृह आ सुचना जनसंपर्क मंत्रालय कें पत्र लिखी हस्तक्षेपक मांग कयल गेल अछि |
निश्चिते समस्त मिथिलावासीक कर्तव्य बनैत अछि जे ओ पायरेसी आ अनाधिकृत डाऊनलोड सँ अपन भाषाक एहि महत्वपूर्ण पक्ष कें बचाबी, अन्यथा ई उद्योग दिनानुदिन निचा मुहें ससरल जायत |

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comments

7 टिप्पणी

  1. नीक विषय उठौलहुँ भाइ किसलय। की करबै? विज्ञान तँ हमरासभक हाथमे उस्तरा धरा देने अछि। मुदा हमसभ ओहिसँ मोछ-दाढी बनएबासँ बेसी नाक कतरबाक काज कऽ रहल छी। तेँ अइमे हमरासभकेँ स्वयं अपन दायित्व बुझऽ पडत। बीया लेल राखल धान कुटा दू साँझक जोगाड करब कि एकाध साँज अधपेटो रहि ओहि धानसँ बहुत धान उपजा भरि साल भरि पेट खाएब, हमरासभकेँ एतबए सोचबाक अछि।

    ओना मैथिली फिल्मक क्षेत्रमे युगान्तकारी प्रमाणित भेल ‘सस्ता जिनगी महग सेनुर’ क निर्देशक मुरलीधरद्वारा निर्देशित दोसर फिल्म ‘सजनाक अङनामे सोलह शृङ्गार’ क गीतसभ आ किछु दृश्य जे देखबाक अवसर भेटल ताहिसँ ई बुझाइत अछि जे एक बेर फेर धमाका हएत। मैथिली फिल्म जँ एक बैसारमे पूरा बनि जाए आ ओहिमे कने अँखिगर लोक संलग्न रहए तँ ओ नीक होएबेटा करतैक आ दर्शकक सिनेह पएबेटा करतैक से निर्विवाद अछि। ई फिल्म प्रायः एही कोटिमे अबैत अछि।

  2. संपादक, इसमाद ,मैथिली पेपर. महोदय बहुत कष्ट भेल जानी के जे
    मैथिली सिनेमा के गलत उपयोग भ रहल एछ / ई रोकू हमर संस्था
    संस्कृति मिथिला संग एछ

  3. Vishay bahut chintaniya achhi… Bahut raas blog sab pr aai maithili gaana kr download karbak link available achhi.. yadi google pr maithili songs download likh ke search kerab ta aneko blog ke URL bhet jayat jetay anadharikrit roop se aneko geet ke muft download ke suvidha achhi.. ehen blog sab ke bahiskar krbak chahi..sange ekra band krebak prayas krbak chahi…

  4. ई नील गगन आई हंसी रहल ...मुस्का रहल अछि धरती... हे मीत चली घुरि गामे दिस अछि कानि रहल आइ परती....

    मैथिली संगीत के पाइरेसी करे बाला के विरोध हेबाक चाही ,

  5. ई रुकबाक चाही, आवश्यक अछि जे मथिली गीत संगीत के विकास हो, किसलय किशन भाई को
    मुद्दा उठेबाक कारन बधाई

  6. avedh rup se maithilee vcd ka copy roka jana chahiye, isase kafi chhati ho rhi hai.thanks kislayjee

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