पांच किश्त मे होएत वेतन क भुगतान

राजगीर (नालंदा)। राजगीर क रत्नागिरी पर्वत पर शांति आ सौहार्द क प्रतीक विश्वशांति स्तूप क सभागार मे बैसल कैबिनेट अपन फैसला स राज्यकर्मी कए राहत पहुंचेबाक प्रयास केलक अछि। छठा केन्द्रीय वेतन आयोग क रिपोर्ट पर गौर करेबा लेल गठित वेतन समिति क अनुशंसा पर 1 अपै्रल 07 स 31 दिसंबर 08 तक बढ़ल वेतन आ भत्ता कए भुगतान करबा पर राज्य सरकार सहमत भ गेल अछि। एहि बकाया कए एक वर्ष क भीतर पांच किश्त मे देबाक फैसला कएल गेल अछि। हालांकि रिटायरमेंट क दहलीज पर खाड़ राज्यकर्मी कए एकमुश्त भुगतान करि देल जाएत। एकर अलावा राज्य सरकार वेतन वृद्धि क प्रारूप बदल देलक अछि। आब पे स्केल क बजाय ग्रेड पे क आधार पर वरीयता निर्धारित होएत। इ फोर पे बैंड क फार्मूला पर आधारित होइत। दोसर दिश एसीपी क तहत सेवा क 12वें आ 24वें साल मे होबै वाला वेतन वृद्धि आब नौकरी क दौरान तीन बेर 10वें, 20वें आ 30वें वर्ष मे होइत। भत्ता मे सेहो सुधार कएल गेल अछि। हाउस रेट क निर्धारण शहर, कस्बा आ ग्रामीण क्षेत्र क लेल अलग-अलग कएल गेल अछि। पटना मे तैनात राज्यकर्मी कए वेतन क 20 फीसदी, राज्य मे चिन्हित 21 टा शहर क लेल 10 फीसदी, 50 हजार क आबादी वाला कस्बाई इलाका क लेल 7.5 फीसदी आ ग्रामीण क्षेत्र मे कार्यरत कर्मी कए वेतन क 5 फीसदी बतौर हाउस रेट भेटत। परिवहन भत्ता केवल पटना मे नियुक्त राज्यकर्मी कए देबाक प्रावधान कएल गेल अछि, जेकर निर्धारण अलग-अलग वेतन वर्ग क लिहाज स भेल अछि। 8 हजार वेतन वर्ग क कर्मी कए एक हजार, 6500 वाला कए 700 आ 5500 वाला कए 400 टका देय होएत। दृष्टिहीन आ विकलांग कर्मी कए दूना परिवहन भत्ता भेटत। चिकित्सा यात्रा पहिने स दूना करि दू सौ टका करि दे गेल अछि। राज्यकर्मी क छुट्टी क आ मनोरंजक बनेबाक उपाय सेहो कएल गेल अछि। आब हुनका देश क भीतर कोनो स्थान पर छुट्टी मनेबाक आजादी होएत। इ सुविधा 5 वर्ष क कार्यकाल मे दू बेर भेटत। मालूम हुए जे पहिने राज्यकर्मी कए राज्य क सीमा क अंदर कोनो टूरिस्ट स्थल आ अन्यत्र छुट्टी क एवज भत्ता भेटैत छल। कैबिनेट क बैठक क बाद वेतन आ भत्ता वृद्धि क बारे मे वित्त विभाग क प्रधान सचिव भानु प्रताप शर्मा कहलथि जे बढ़ल भत्ता क कारण राज्य क खजाना पर 600 करोड़ टका क अतिरिक्त बोझ पड़त। कैबिनेट सचिव कहलथि जे आब हर वर्ष 22 मार्च कए राजकीय समारोहपूर्वक बिहार दिवस मनाएउल जाएत। ब्रिटिश शासनकाल मे एहि दिन बिहार प्रांत क गठन क अधिकारिक घोषणा भेल छल। एकर अलावा राज्य सरकार देश क प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद क प्रति सेहो अपन श्रद्धा जतउलक अछि। आब हुनकर जन्मदिन 3 दिसंबर कए हर वर्ष मेधा दिवस क तौर पर मनाउल जाएत।

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