पहिल मैथिली लिटरेचर फेस्टीवल 12 स पटना मे

कुमुद सिंह
पटना । भारत आ नेपाल क विभिन्न संस्था क तत्वात्विधान में पहिल मैथिली लिटरेचर फेस्टीवल क आयोजन 12 दिसंबर स पटना मे भ रहल अछि। तीन दिवसीय एहि लिटरेचर फेस्टीवल मे कुल 15 टा विचारोत्तेजक सत्र आयोजित होएत। पटना यूथ हॉस्टलक परिसर मे भ रहल एहि आयोजन में 80टा स बेसी साहित्यतकार, शिल्पकार, चित्रकार आ रंगकर्मी क एहि मे सहभागिता हेबाक उम्मीद अछि। मैथिली लेखक संघ दिस स जारी सूचना क अनुसार एहि आयोजन मे भारत आ नेपालक मैथिली साहित्य आ कला संबंधी उत्पादक एकजुट प्रदर्शन आ विक्रय होएत। आयोजक क दावा अछि जे इ आयोजन दूनू देशक बीच एकटा सांस्कृतिक सेतुक निर्माण करत। साहित्य् चर्च क संगहि एहि आयोजन मे गीत-नाद, मैथिली फिल्म आ नाटक संगहि व्यंजन मेला सेहो होएत। कार्यक्रम क रूप रेखा क संबंध मे इ-समाद डॉट कॉम कए भेटल खास जानकारी क अनुसार कार्यक्रम क पहिल दिन ‘मोन पडै छथि’ नामक पहिल सत्र होएत, फेर कार्यक्रम क विधिवत उदघाटन होएत आ ‘हम पोथी पढब’ नामक विमर्श होएत। दुपहरिया 3 बजे स ‘खिस्साह कहए खिसनी’ नामक गपशप होएत, ‘आदान प्रदान’ नामक अनुवाद सत्र होएत आ पहिल दिनक अंत ‘गीत-नाद’ स होएत। दोसर दिन क शुरुआत ‘धिया-पूता’ नामक बाल साहित्यप पर चर्च स होएत,’ मैथिली पोथी: प्रकाशन आ वितरण’ पर विमर्श आ फेर हम नाटक देखब । दुपहरिया 3 बजे लोकनाट्य ‘पमरिया’ नामक प्रस्तुति क बाद मैथिली फिल्म निर्माण पर गपशप होएत आ दोसर दिन क अंत मैथिली फिल्म क प्रदर्शन स होएत। तेसर आ अंतिम दिनक शुरुआत ‘हम पोथी पढब’ नामक नेपाली पोथी पर विमर्श स होएत, तेकर बाद ‘मैथिली एहि पार ओहि पार’ नामक सत्र मे विमर्श होएत, संगहि मैथिली लघु फिल्म निर्माण पर विमर्श क सत्र संपन्न होएत। दुपहरिया 3 बजे लोकगाथा सलहेस पर विमर्श होएत, तखन कवि गोष्ठी क आयोजन क उपरांत कार्यक्रम क अंतिम सत्र मैथिली नाटकक प्रदर्शन स होएत। एहि आयोजनक संयोजक छथि अशोक आ मैथिली लेखक संघ क महासचिव विनोद कुमार झा (406/407, ग्रैंड प्लाजजा, फ्रेजर रोड, पटना) स एहि संबंध मे विस्तार स जानकारी ल सकैत छी ।

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