पटना देखलक दरभंगा क रंगत

पटना । साल 1941 स साल 2013 क बीच दरभंगा क सफर देखि पटना क लोक अभिभूत भेलाह । दरभंगा क महल क खूबसूरती कतहु स जयपुर वा अान जगह क महल स कमतर नहि छल। शहर क बनावट पैघ-पैघ शहर कए चुनौति द रहल छल । पोलो मैदान मे घोड क चालि आ एयरपोर्ट पर उतरैत जहाज क कतार बतेबा लेल काफी छल जे इ शहर जिंदा छल ,विकासित छल । दरभंगा क रंगत देखि लोक यैह सोचैत रहलाह जे काश एकरा कियो संरक्षित करि सकत। लोक कए बिहार क एहि धरोहर क तखन आ अखन मे आयल अंतर क एहसास शनिदिन विधानपरिषद क सभागार मे देखबा लेल भेटल । विकास झा क निर्देशन मे बनल करीब आधा दर्जन लघु फिल्‍म क एहि ठाम प्रदर्शन भेल। एक दिस जतय पुरान फिल्‍म कए देख लोक प्रसन्‍न भेलथि ओतहि दोसर दिस दरभंगाक दुर्दशा देखि अफसोस जाहिर केलथि ।
एक्‍सट्रीमीज फिल्‍म आ इसमाद डॉट कॉम क तत्‍वावधान मे आयोजित क्रोमेटिक दरभंगा कार्यक्रम मे दरभंगा स जुडल करीब 72 साल पुरान रंगीन फिल्‍म दिखाउल गेल। एकर अलावा संविधानसभा क पहिल बैसार मे तिरहुत सरकार क उपस्थिति कए एकटा फिल्‍म क माध्‍यम स देखाउल गेल। एकर बाद दूटा फिल्‍म दरभंगा क वर्तमान दशा कए देखेलक, जाहिमे स एकटा भारतेंदु दास क ‘एक यहीं कहीं दरभंगा था’ क लोकप्रिय कविता पर आधारित छल। फिल्‍म प्राइड ऑफ मिथिला जतए तिरहुत मे पर्यटन क संभावना कए देखेलक ओतहि एकटा फिल्‍म पटना मे तिरहुत सरकार क योगदान पर आधारित छल। एहि मे हार्डिंग पार्क, छज्‍जूबाग आ रेलवे स्‍टेशन पर तांगा पडाव सन धरोहर पटना कए समर्पित करबाक आ पटना मे पेयजल योजना आ मेडिकल कॉलेज शुरु करबाक लेल धन मुहैया करेबाक चित्रण छल। एहि मौका पर भैरव लाल दास क अगुवाई मे आयोजित परिचर्चा मे भाग लैत बिहार संग्रहालय क पूर्व निदेशक उमेश चंद्र द्विवेदी तिरहुत क राजधानी क तुलना जयपुर स करैत कहला जे दूनू शहर क निर्माण मे कोनो बहुत पैघ कालखंड क अंतर नहि अछि। बस जयपुर कए दिल्‍ली स लग भेलाक फायदा भेटल आ ओकर मार्केटिंग सही रूप स भेल, जखन कि दरभंगा दिस ककरो नजरि नहि गेल। ओ कहला जे अगर दरभंगाक सही ढंग से मार्केटिंग कैल जाये त एहि ठाम पर्यटनक अपार संभावना अछि। ओ कहला जे पश्चिम आ दक्षिण भारत जेकां बिहार क लोक मे धरोहर कए संग्रहित करबाक जज्‍बा नहि अछि। जयपुर महाराजा संग्रहालय क कर्मचारी क वेतन ओकर टिकट बिक्री स आबि जाइत अछि जखनकि दरभंगा महाराजा क संग्रहालय लेल बेहतर भवन तक उपलब्‍ध नहि अछि। ओ कहला जे हुनका इ कहबा में कोनो हर्ज नहि अछि जे बिहार मे दरभंगा सन सुसज्जित शहर दोसर नहि अछि। दरभंगा सन महल बिहार क दोसर शहर मे नहि अछि। मुंगेर क बाद केवल दरभंगा मे आब किला बचल अछि। पर्यटन क अपार संभावना क बावजूद दरभंगा धरोहर क संग्रहालय नहि बनि सकल इ दुखद अछि।
एएसआइ क पदाधिकारी सुनील झा तिरहुत क इतिहास कए दुनिया क इतिहास बता एकटा नव जानकारी सार्वजनिक केलथि। श्री झा कहला जे  एखन धरि क ज्ञात इतिहास स कहीं बेसी पुरान इतिहास बलिराजगढ क खुदाई स सामने आयल अछि। एखन धरि इ मानल जा रहल छल जे बलिराजगढ ईशापूर्व दोसर शताब्‍दी क इतिहास छै, मुदा
हाल मे भेल खुदाई स इ साबित भेल जे बलिराजगढ क इतिहास ईशापूर्व छठम शताब्‍दी क इतिहास अछि, जे दुनिया सबस पुराना इतिहास कहल जा सकैत अछि। ओ
कहला जे असगर बलिराजगढ देखबा लेल दुनिया भरि लोक दरभंगा आउत। बस जरुरत छै सही तरीका स धरोहर कए रखबाक। परिचर्चा क अध्‍यक्ष आ समाजशास्‍त्री डॉ
हेतुकर झा दरभंगा आ गांधी क चर्चा करैत खुलासा केलथि जे जखन गांधी कए भारत मे कियो नहि जनैत छल तखन रंग भेद स लडबा लेल तिरहुत स दक्षिण अफ्रीका हुनका टका पठाउल जाइत छल। बाद मे जखन गांधी भारत एलाह त ओ तिरहुत सरकार स कांग्रेस लेल आर्थिक मदद मंगलथि । डॉ झा क दावा छल जे गांधी स परिचय क कारण कांग्रेस कए तिरहुत सरकार स धन भेटैत रहल। डॉ झा कहला जे दरभंगा स्‍थानीय या राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रभाव छोडनिहार नहि छल बल्कि इ शहर क प्रभाव त अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर छल। आइ दरभंगा क लोक इ बिसरी गेल। दरभंगा जे आजादी क काल में देश क 15 म विकसित शहर छल आइ पता नहि बिहारक केयम नंबरक शहर बनि गेल अछि। डॉ झा कहला जे ओहर शहर कहियो विकास नहि करैत अछि जेकर आम जनता ओकर इतिहास आ धरोहर क प्रति सचेत नहि रहैत अछि। एहि कार्यक्रम क सूत्रधार भैरव लाल दास कहला जे दरभंगा कए ककरो स शिकायत नहि अछि। दरभंगाक छोट सन मांग छै जे ओकर संपत्ति और धरोहर क संरक्षण कैल जाये, देश क आन शहर जेकां ओकर आत्‍मा कए सेहो संरक्षित कैल जाये। राजाक महल आ राजा क संपत्ति सब ठाम अछि, ओकर इतिहास हमर इतिहस छी, मुदा एकर मतलब इ नहि जे राजा क नीक कल्‍पना कए हम सेहो ध्‍वस्‍त क दी। दिल्‍ली लालकिला सेहो कोनो राजा बनौलक मुदा हमरा ओहि लाल किला पर गर्व अछि, इ विधानसभा क भवन सेहो अंग्रेज बनौलक मुदा हम एहि भवन में गर्व स ढार छी, तखन तिरहुत सरकार क बनाउल भवन आ धरोहर स घृणा किया औकरा संग दुश्‍मन क संपत्ति सन व्‍यवहार किया। श्री दास एहि मुहिम कए अंतिम परिणाम तक पहुंचेबाक संकल्‍प लैत दरभंगाक नीक भविरूश्‍ क कामना केलथि। आगत अतिथि कए इसमाद मेंटर ग्रुप क सदस्‍य रमणदत्‍त झा धन्‍यवाद देलथि।

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