निर्मल ग्राम क मैला आंचल

पटना। निर्मल ग्राम क पुरस्कार स एहि माह वंचित भेल बिहार क परेशानी पर बल पड़ल अछि। संपूर्ण स्वच्छता अभियान क वृहत्तर कार्यक्रम क भागीदार बनल बिहार क कोनो पंचायत कए निर्मल ग्राम पुरस्कार क लेल चयनित नहि हेबा स क्षुब्ध लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री अश्विनी कुमार चौबे एहि कए साजिश करार देलथि। मंत्री कहला जे ओ एहि पर विरोध दर्ज करा रहल अछि आ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री सीपी जोशी कए पंचायत क फेर मूल्यांकन क लेल लिखल जाएत।
सूबा क सवा सौ स बेसी पंचायत क नाम विभाग क तरफ स निर्मल ग्राम पुरस्कार क लेल पठाउल गेल छल। एहि स पहिने बिहार क खाता मे लगातार इ पुरस्कार आएल छल। इ पहिल मौका अछि, जखन बिहार क कोनो पंचायत कए निर्मल ग्राम क पुरस्कार नहि भेटल। मालूम हुए जे इ पुरस्कार ग्रामीण विकास मंत्रालय ओहि पंचायत कए देएत अछि, जे संपूर्ण स्वच्छता क मानक कए पूरा करैत अछि। हर घर मे शौचालय निर्माण क संग नियमित रूप स एकर इस्तेमाल करै वाला पंचायत कए इ पुरस्कार भेटत अछि। पुरस्कार पेबा लेल अन्य शर्त मे पंचायत मे कार्यरत आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र मे सेहो स्वच्छता क लेल शौचालय होबाक चाहि। स्कूल मे लड़का-लड़की कए अलग-अलग शौचालय क मानक अछि। पंचायत क अलावा प्रखंड आ जिला परिषद क हुनकर स्वच्छता अभियान स जुड़ल काज क तहत राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत कएल जाइत अछि। राज्य सरकार स नामित पंचायती राज संस्थान क दावेदारी क जांच मंत्रालय क मानीटर करैत अछि, जेहि मे दोसर राज्य क स्वयंसेवी संगठन कए पठाउल जाइत अछि। जे स्वयंसेवी संगठन बिहार क पंचायत क जांच केलक, ओ अपन तरफ स पंचायत क खामी क तरफ कोनो इशारा नहि करि सीधा रिपोर्ट सौंप देलक। जखन कि बिहार क गया जिला क एक टा एनजीओ कए दोसर राज्य मे जांच क लेल पठाउल गेल अछि आ एहि एनजीओ क प्रतिनिधि ओहि ठाम एक सप्ताह क समय देबि कए जे खामी छल, ओहि कए पूरा करउलाह। मंत्री श्री चौबे कहला जे जेहि समय दोसर राज्य क प्रतिनिधि बिहार क दौरा पर आएल छल, ओहि समय कई पंचायत मे काज अंतिम चरण मे छल। ऐहन मे इ लोग गलत मूल्यांकन केलथि। ओ मंत्रालय क बतउता जे पुरस्कार क कसौटी पर हमर सैकड़ों टा पंचायत दुरुस्त अछि। निर्मल ग्राम मे चयनित पंचायती राज संस्था क विशेष अनुदान सेहो देल जाइत अछि। अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, केरल, उत्तर प्रदेश, बंगाल आ अन्य राज्य क पंचायत कए एहि साल एहि माह दिल्ली में पुरस्कृत कएल गेल, मुदा बिहार आंचल पुरस्कार क मामला में मैला रहि गेल।

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