नियुक्त हेताह 4800 ड्राइवर

पटना । अगर सब किछु ठीक ठाक रहल, त एहि साल क अंत तक पुलिस विभाग मे 4800 ड्राइवर क बहाली भ सकैत अछि। एहि स संबंधित प्रस्ताव गृह विभाग कए हाल मे पठाउल गेल अछि। प्रक्रिया मे तेजी अनबा लेल पुलिस मैनुअल मे संशोधन कैल जा रहल अछि। विभाग कए कहब अछि जे गाड़ी त अछि मुदा ड्राइवर नहि। विभाग क कहब अछि जे हाल क दिन मे अपराध आ नक्सल समस्या स निबटबा लेल पैघ संख्या मे गाड़ी कीनल गेल अछि, मुदा ड्राइवर नहि अछि। जे ड्राइवर छथि हुनका प्रोन्नत करि देल गेल अछि। हालात इ अछि जे आब आलाधिकारी कए सेहो अपन गाड़ी अपने चलेबा लेल कहल जा रहल अछि। एकर अलावा एंटी लैंडमाइंस सन  वाहन कए चलेबा लेल ड्राइवर नहि अछि। वैकल्पिक व्यवस्था क तहत सैप क जवान एहि वाहन कए चला रहल छथि।
जानकारीक अनुसार पहिने मात्र 800 ड्राइवर बहाल करबाक योजना छल, मुदा जाहि ढंग स वाहन बढ़ल अछि ओकरा देखैत इ संख्या कम पडि़ रहल अछि। हाल मे गृह सचिव आ पुलिस मुख्यालय क अधिकारी क बीच भेल बैठक मे चारि हजार आओर ड्राइवर बहाल करबाक प्रस्ताव रखल गेल अछि।
पुलिस मुख्यालय एहि मामले मे स्पष्ट केलक अछि जे सैप क जवान कए छोडि़ अन्य कोनो पद पर कांट्रैक्ट पर बहाली नहि होएत। पहिने ड्राइवर क लेल इ योजना छल, जेकरा आब त्याग देल गेल अछि। आब सिपाही चयन पर्षद क माध्यम स प्रतियोगिता होएत। चयन क प्रक्रिया आ योग्यता मे सेहो संशोधन कैल जा रहल अछि। पहिने ड्राइवर क लेल सेहो दौड़ प्रतियोगिता होइत छल। एकरा हटेबा पर विचार कैल जा रहल अछि। पहिने जेकरा लग ड्राइविंग क पांच सालक अनुभव छल, हुनकर चयन कैल जाइत छल। आब तीन साल क अनुभव क प्रावधान कैल जा रहल अछि। ड्राइविंग ट्रायल कए अनिवार्य कैल जा रहल अछि।
एडीजीएडीजी (मुख्यालय) पीके ठाकुर कहैत छथि जे ड्राइवर नियुक्ति क लेल पुलिस मैनुअल मे संशोधन भ रहल अछि।  रिक्ति बढ़ल अछि। पूर्व स नियुक्त ड्राइवर क प्रोन्नत भेला स परेशानी बढ़ल अछि। पैघ संख्या मे लोक रिटायर सेहो भ रहल अछि। ठाकुर क कहब अछि जे सिपाही बहाली क प्रक्रिया पूरा भेलाक बाद ड्राइवर क बहाली प्रक्रिया शुरू करि देल जाएत।
जानकारक कहब अछि जे पुलिस मुख्यालय क प्रस्ताव पर गृह विभाग गंभीरता स विचार करि रहल अछि। गृह विभाग क पुलिस मुख्यालय क प्रस्ताव कए स्वीकार करबा आ ड्राइवर क बहाली स राज्य मे कानून और व्यवस्था कए दुरुस्त रखबा मे  मदद भेटत। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लॉ एंड ऑर्डर कए दुरुस्त रखबा पर हरउम जोर दैत रहैत छथि।

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