नालंदा क गौरव लौटेबा मे मदद देबा लेल थैक्य यू

m-samaad
हुआ हिन (थाइलैंड)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बिहार क गौरवपूर्ण इतिहास क स्मरण कराबे वाला नालंदा विश्वविद्यालय क जीर्णोद्धार मे खुलिकए मदद देबा लेल पूर्वी एशियाई देश कए मन स शुक्रिया अदा कलथि। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह नालंदा परियोजना मे दिलचस्पी देखेबा लेल धन्यवाद दैत उम्मीद जतेलाह जे इ विश्वविद्यालय एक बेर फेर अपन प्रतिष्ठा क अनुरूप उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय संस्थान बनिकए उभरत। एकर संगहि मनमोहन सिंह नालंदा विश्वविद्यालय कए वैश्विक संस्थान बनेबा मे आसियान देश क लेल ठोस सहयोग क रास्ता खोलबाक घोषणा केलथि अछि।
एहि स पूर्व सातम भारत-आसियान सम्मेलन क दौरान भारत दक्षिण-पूर्व एशिया क संग आर्थिक, सामाजिक आ सांस्कृतिक क्षेत्र मे साझेदारी क नव कथा लिखबा पर जोर देल गेल। एहि क्रम मे प्रधानमंत्री बिहार क नालंदा मे प्राचीन आ ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय कए विश्व मे शिक्षा आ संस्कृति क नायाब केंद्र क रूप मे फेर स विकसित करबा क भारत क तैयारी क उल्लेख केलथि। प्रधानमंत्री कहलथि जे दक्षिण-पूर्व एशिया क देश क नालंदा स जुड़ाव रहल अछि आ भारत हिनकर सहयोग स एहि विश्वविद्यालय कए वैश्विक शिक्षा क केंद्र बनबय चाहैत अछि। मनमोहन सिंह कहला जे नालंदा विश्वविद्यालय कए ओकर गौरवपूर्ण स्थान दियेबा लेल हम आसियान आ पूर्वी एशियाई देश क संग मिलकए काज कए रहल छी। शिखर सम्मेलन मे भाग लेलाक बाद पत्रकार स गप करैत प्रधानमंत्री कहला जे नालंदा परियोजना कए मदद भेटब हमारा लेल संतोष क गप अछि। आब हमार अगिला कदम होइत नालंदा कए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ संस्थान क रूप मे विकसित करब। 1197 ईस्वी तक अस्तित्व मे रहल नालंदा विश्वविद्यालय कए लिखित इतिहास क पहिल महान विश्वविद्यालय कहल जाइत अछि। एहि विश्वविद्यालय मे कोरिया, चीन, जापान, तिब्बत, इंडोनेशिया, ईरान आ तुर्की स विद्यार्थी ज्ञान क भूख शांत करबा लेल अबैत छलाह। 1197 मे एहि विश्वविद्यालय कए बख्तियार नामक सेनापति आगिक भेंट चढ़ा देलक। एकर पुस्तकालय कए राख हेबा मे तीन साल लागल। ज्ञात हुए जे बख्तियारपुर क रहनिहार बिहारक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फेर एकरा अपन रूप देबा मे लागल छथि। एहि लेल नोबेल पुरस्कार विजेता अर्मत्य सेन क नेतृत्व मे 11 सदस्यीय नालंदा मेंटर ग्रुप क गठन कैल गेल अछि, जे एकर जीर्णोद्धार क निगरानी करि रहल अछि। पहिल चरण मे 400 भारतीय आओर 46 विदेशी गुरु क देखरेख मे सात शिक्षाशाला शुरू कैल जाइत।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments

2 टिप्पणी

  1. अहाँक वेबसाइट सेहो देखलौं आ एक प्रकार स मन अभिभूत भय गेल की अहाँ मैथिल भाषा के इन्टरनेट से जोड़ में सतत कार्यरत छि. हमरा लायक कोनो सेवा आवश्यकता होए त् जरूर याद करब.

Comments are closed.