नहि नीक सड़क बनैब आ नहि बनबै देब

बुद्धिस्ट सर्किट रोड पर दिल्ली क ब्रेक
पटना।
पथ परिवहन मंत्रालय पथ निर्माण विभाग क बुद्धिस्ट सर्किट क एकटा महत्वपूर्ण सड़क पर ब्रेक लगा देलक अछि। एहि सड़क क निर्माण क लेल किछु दिन पूर्व पथ निर्माण विभाग अनापत्ति प्रमाण पत्र क लेल पथ परिवहन मंत्रालय कए लिखने छल। मंत्रालय स अनापत्ति प्रमाण पत्र त नहि भेटल, उलटे इ कहल गेल जे इ सड़क हम अपने बनाएब। बुद्धिस्ट सर्किट क एहि सड़क क निर्माण एनएचएआई क माध्यम स करेबाक मंत्रालय क घोषणा बिहार संग एकटा आओर धोखा अछि। केंद्रक एहि फरमानक बाद राज्य सरकारक द्वारा कैल गेल सबटा मेहनत पाइन मे चल गेल, जखन कि एहि दूनू सड़क क लेल आब नव सिरा स विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होएत। एतबे नहि एनएचएआई एहि सड़क कए फोर लेन क स्थान पर दू लेन क बनाउत। कुल मिला कए कहल जा सकैत अछि जे अगिला तीन साल मे चारि लेनक सड़क बनि कए तैयार भ रहल छल, मुदा केंद्रक बिहार विरोधी नीतिक कारण इ परियोजना अनिश्चित काल लेल लटकी गेल आ चारि लेन क बदला मे दू लेनक ओहने सड़क बनत जेहन सड़क लेल बिहार जानल जाइत अछि।
जखन कि राज्य सरकार एनएच-82 आ एनएच-83 जे क्रमश: बिहारशरीफ-राजगीर-हिसुआ-वजीरगंज-गया आ पटना- मसौढ़ी-जहानाबाद-बोध गया-डोभी स गुजरैत अछि कए जोड़बा लेल पथ निर्माण विभाग महत्वाकांक्षी योजना बनेने छल। एहि परियोजना कए लकए पथ निर्माण विभाग जापान इंवेस्टमेंट कारपोरेशन स गप केने छल। आसान शर्त पर ऋण पर सहमति भ गेल छल। एहि महत्वपूर्ण सड़क क लेल मोट राशि खर्च करि परियोजना रिपोर्ट सेहो तैयार करि लेल गेल छल। उम्मीद छल जे एहि सड़क कए पथ परिवहन मंत्रालय स एनओसी भेटलाक बाद अगिला तीन साल मे बनि कए तैयार भ जाएत, मुदा केंद्र सरकार एक बेर फेर बिहार मे नीक सड़कक सपना कए अटका देलक अछि। पथ निर्माण विभाग क अधिकारी कहलथि जे एनएचएआई एहि सड़क कए लकए एखन धरि मात्र एकटा कंसलटेंट नियुक्त केलक अछि। कंसलटेंट सेहो मात्र एनएच-83 पर काज क रहल छथि।

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