नव जोश, पुरान लक्ष्‍य

कोना बिसरब 9 नवंबर क तारीख। ओना त 14 जनवरी कए इ अखबार नेट पर आयल अछि, मुदा मुदा 9 नवंबर एहि अखबार लेल एकटा खास दिन अछि। 9 नवंबर कए एकर स्वरूप मे बदलाव आयल आ इ एकटा ब्‍लाग स स्‍वतंत्र साइट अर्थात डॉट कॉम बनि अहांक सामने अछि। दिल्‍ली क प्रेस क्‍लब में भागलपुर क सासंद शाहनवाज हुसैन मैथिली क पहिल इपेपर कए लोकार्पित केलथि। वरिष्‍ठ पत्रकार शिवनाथ झा आ अमिताभ अग्निहोत्री क आशिर्वाद हमरा सब कए आगू बढबा मे सहायक भेल। ब्‍लाग स साइट मे बदलाव तकनीक रूप स जरूरी छल। ओना इसमाद क लक्ष्य मे कोनो बदलाव नहि आयल अछि आ इ एखनो बिहारक विकास लेल जमात तैयार करबाक अपन काज जारी राखने अछि। इसमाद पिछला चारि साल मे बिहारक विकास स जुडल कईटा समाद आन गोटे स पहिने अहां तक पहुंचेलक। जे समाचार कए अखबार क पन्‍ना मे जगह नहि भेटैत छल आ जेकरा लेल समाचार चैनल लग समय नहि छल, ओहन समाद कए हम प्रमुखता स अहां सबहक समझ रखलहुं। एक दिस जतए पैघ-पैघ औद्योगिक घराना सब मीडिया मे कूदल अछि आ सौ स हजार करोड तक क निवेश स मीडिया ब्रांड ढार भ रहल अछि, ओहि ठाम हमर सामर्थक चर्च करब व्‍यर्थ अछि। अल्‍प संसाधन आ पैघ लक्ष्‍य ल जखन इ शुरू केने रही त एकटा सपना देखने रही आ लोक कए सेहो सपना देखेबाक कोशिश केने रही।
बिहार मे समाचारक नाम पर केवल घोटाला, अपराध आ राजनीतिक आरोप-प्रत्‍यारोप छपैत छल। अखबार एकटा धंधा बहुत पहिने बनि गेल अछि एहन मे बिहारक किछु पत्रकार क इ दावा जे बिहार मे खून बिकाइत अछि आ अखबारक प्रसार बढेबा लेल अपराध कए प्रमुखता देब मजबूरी अछि, हमरा सब कए स्‍वीकार नहि छल। टूटल सडक, अपराध आ असभ्‍य समाज बिहार क नाम पर दुनियाक सामने परोसल जा रहल छल। कोनो समाज मे नीक आ अधलाह दूनू क्रिया होइत अछि, मुदा बिहार एकटा पैघ समय एहन देखलक जाहि मे ओकर नीक काज दिस कियो देखबाक कोशिश नहि केलक। समाचाक अर्थ स देखल जाए त सामान्‍य भ चुकल घटना समाचार नहि मानल जाइत अछि। जेना कुत्‍ता आदमी कए कटलक समाचार नहि कहल जाइत अछि, मुदा आदमी कुत्‍ता कए कटलक इ समाचार कहल जा सकैत अछि। बिहार मे अपराध, घोटाला आ रंगदारी सामान्‍य घटना भ गेल छल। एहन मे अगर कतहु एहि स विपरित काज भ रहल छल त ओ हमरा सब लेल समाचार भ गेल छल।
बदलाव क आहट सब सुनि रहल छलथि, मुदा विश्‍वासक कमी सबहक कलम रोकि दैत छल। इ एकटा जुआ जेकां छल। एक टा सपना जेकां छल। आखिर भविष्‍य की होएत ओकर प्रमाणिता त समय क संग भेट सकैत अछि आ कोनो काज या योजना एक दिन मे जमीन पर नहि आबि सकैत अछि। इसमाद परिवार इ सपना देखलक आ सपना पर विश्‍वास केलक जे बिहार मे बदलाव भ रहल अछि। जेना जेना घोषणा जमीन पर उगैत गेल, इसमाद क विश्‍वसनीयता बढैत गेल। आइ हम इ कहबा लेल तैयार छी जे हम सबटा गप भविष्‍य काल मे नहि वर्तमान काल मे सेहो क रहल छी। एकटा समय एहन जरूर छल जखन मे लिखबा लेल मजबूर छलहुं जे ”होएत”, मुदा आइ ओहि स स बहुत ”भ गेल” तक पहुंच चुकल अछि। ”होएत” स ”भ गेल” तक पहुंचबाक गति जरूर मध्‍यम रहल, मुदा ओ झूठ नहि छल। सबटा सपना सच नहि भेल मुदा सपना किछु एहनो रहल जे सच भ सामने अछि। आइ बिहार क अखबार मे योजना पहिल पन्‍ना पर जगह पाबि रहल अछि। अखबारक प्रसार बढि रहल अछि। निश्चित रूप स बिहार मे केवल खून नहि बिकाइत अछि।
अपराध आ राजनीति कोनो समाजक एकटा अभिन्‍न अंग अछि। ओकर बिना कोनो समाजक कल्‍पना करब बेमानी अछि। बिहार मे सेहो अपराध आ राजनीति समाचारक महत्‍पूर्ण हिस्‍सा अछि। मुदा आजुक अखबार एकरा नजरअंदाज क रहल अछि। सरकारक पैघ स पैघ गलती बिहारक अखबार स ओहिना गायब अछि जेना पहिने सरकारक पैघ स पैघ उपलब्धि गायब छल। इसमाद समय समय पर सरकार क नीति क आलोचना करैत रहल अछि, जे आगू सेहो जारी रहत। मुदा सरकारक आलोचना क बीच ओ उपलब्‍धि कए नजर अंदाज नहि कैल जा सकैत अछि जे बिहारक समाज अर्जित क रहल अछि। औद्योगिकीकरण क मोर्चा पर छोट सन मुदा दूरगामी सफलता बिहार कए एहि साल भेट रहल अछि। इ एकटा एहन क्षेत्र अछि जाहि मे एखनो एकर गति स बेसी एकर सक्रियता पर बहस हेबाक चाहि। जाहि ठाम उद्योग लागब एकटा सपना भ गेल छल ओतहि कईटा इकाइ उत्पाद शुरू करबाक तैयारी मे आबि चुकल अछि। एहन मे कहल जा सकैत अछि जे पिछला किछु साल मे हम बिहारक ओ भविष्‍य देखेबा मे बहुत हद तक सफल भेलहुं अछि जे वर्तमान मे अहां देख रहल छी। आइ हम फेर इ दावा करबा लेल तैयार छी जे हम नहि किछु नुकबैत छी आ नहि किछु बिसरैत छी, जे बिहार कहैत अछि हमरा, समदिया बनि अहां तक पहुंचबैत छी। आशा नहि बल्कि विश्‍वास अछि जे हमरा सब कए जेना अहांक स्‍नेह भेटल ओ आगां सेहो जारी रहत। बढैत रहूं आंगा, पढैत रहू इ’समाद।
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1 टिप्पणी

  1. Jabardast, Ismaad ker janmdin ker hardik shubhkmaanaa…. asha achhi isamaad ehina neek neek khabair aanait rahat…..

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