नक्सलवाद क धरती पर रोपल जा रहल अछि विकास क गाछ

औरंगाबाद। आइ स चारि साल पहिने इ समाद देने रही जे जहानाबाद मे माओ नहि मैकाले क धूम अछि, आइ इ समाद कहबा लेल तैयार छी जे नक्‍सलवाद क धरती पर विकासक गाछ रोपन शुरू भ गेल अछि। औरंगाबाद क धरती पर विकास क शुरू भेल क्रांति आगू क बाट सेहो तय करत आ एहि क्रांति स एक दिन अनहार बिहार मे ईजोत होएत। पिछला साल एनटीपीसी आ रेलवे क संयुक्त उपक्रम स नवीनगर क घिरसिंडी मे बिजली परियोजना क निर्माण शुरू भेल, त रविदिन स बारुण प्रखंड क मेंह गाम स एनटीपीसी आ बिहार सरकार क संयुक्त उपक्रम स बनैएवाला बिजली परियोजना क काज सेहो शुरू भ गेल। बीआरबीसीएल क एक हजार मेगावाट बिजली परियोजना स 2012 तक बिजली उत्पादन क लक्ष्य राखल गेल अछि। 250गुणा 4 यूनिट क इ परियोजना लगभग पांच हजार करोड़ क लागत स तैयार होएत। एहि परियोजना क आवासीय परिसर आ चहारदीवारी क निर्माण कराउल जा रहल अछि। लगभग 1500 एकड़ मे एहि परियोजना क निर्माण भ रहल अछि। दोस सबस पैघ एनपीजीसी बिजली परियोजना स 2015 तक प्रथम यूनिट स बिजली उत्पादन क लक्ष्य राखल गेल अछि। परियोजना क मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी तूफानी राम क अनुसार प्रथम चरण मे 1980 मेगावाट क उत्पादन शुरू होएत। एकर बाद दोसर चरण मे 1320 मेगावाट बिजली उत्पादित होएत। एहि परियोजना क निर्माण स न केवल बिहार मे बिजली संकट कम होएत बल्कि विकास क कईटा आयाम सेहो जुडत। पैघ आ छोट कईटा उद्योग एहि इलाकाक आसपास लागत आ बेरोजगार कए प्रत्‍यक्ष आ अप्रत्‍यक्ष रूप स रोजगार भेटत। परियोजना क एजीएम ओपी शर्मा क कहब अछि जे परियोजना पर लगभग 15 हजार करोड़ खर्च आबि रहल अछि। एहि परियोजना क निर्माण मे दुनिया क सबसे नव तकनीक सुपर क्रिटिकल टेक्नोलाजी क प्रयोग कैल जा रहल अछि जे पर्यावरण संरक्षण क अनुकूल अछि। परियोजना क निर्माण स इ जिला न केवल औद्योगिक हब बनत, बल्कि विकास क नव क्रांति क अगुआ सेहो बनि जाएत। डीएम अभय कुमार सिंह कहला जे परियोजना निर्माण क लेल 2832 एकड़ जमीन अधिग्रहित करबाक अछि। जाहि मे स 1871 एकड़ जमीन एनटीपीसी कए द देल गेल अछि। परियोजना क निर्माण सुचारू रूप स चलि रहल अछि, एना चलैत रहै त 2015 इ जिला लेल एतिहासिक वर्ष होएत आ एहि ठाम स जनमल रोशनी स पूरा बिहार मे ईजोत होएत। आइ राज्य मे जेना बिजली क संकट अछि एहन हालात मे इ परियोजना असगर बिहार कए मांग क अनुरूप बिजली देबा मे सक्षम भ जाएत। संगहि एहि ठामक लोग कए रोजगार सेहो भेटत।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments