हाजिर छी हम : भविष्‍य काल स वर्तमान काल तक क यात्रा


विशेष संपादकीय / सुषमा
इ समाद आइ एक साल आओर पूरा करि लेलक। निश्चित रूप स जखन इ शुरू केने रहि त एकटा सपना देखने रहि आ लोक कए सेहो सपना देखेबाक कोशिश केने रहि। बिहार मे समाचारक नाम पर केवल घोटाला, अपराध आ राजनीतिक आरोप-प्रत्‍यारोप छपैत छल। अखबार एकटा धंधा बहुत पहिने बनि गेल अछि एहन मे बिहारक किछु पत्रकार क इ दावा जे बिहार मे खून बिकाइत अछि आ अखबारक प्रसार बढेबा लेल अपराध कए प्रमुखता देब मजबूरी अछि, हमरा सब कए स्‍वीकार नहि छल। टुटल सडक, अपराध आ असभ्‍य समाज बिहार क नाम पर दुनियाक सामने परोसल जा रहल छल। कोनो समाज मे नीक आ अधलाह दूनू क्रिया होइत अछि, मुदा बिहार एकटा पैघ समय एहन देखलक जाहि मे ओकर नीक काज दिस कियो देखबाक कोशिश नहि केलक। समाचाक अर्थ स देखल जाए त सामान्‍य भ चुकल घटना समाचार नहि मानल जाइत अछि। जेना कुत्‍ता आदमी कए कटलक समाचार नहि कहल जाइत अछि, मुदा आदमी कुत्‍ता कए कटलक इ समाचार कहल जा सकैत अछि। बिहार मे अपराध, घोटाला आ रंगदारी सामान्‍य घटना भ गेल छल। एहन मे अगर कतहु एहि स विपरित काज भ रहल छल त ओ हमरा सब लेल समाचार भ गेल छल। बदलाव क आहट स सुनि रहल छलथि, मुदा विश्‍वासक कमी सबहक कलम रोकि दैत छल। इ एकटा जुआ जेकां छल। एक टा सपना जेकां छल। आखिर भविष्‍य की होएत ओकर प्रमाणिता त समय क संग भेट सकैत अछि आ कोनो काज या योजना एक दिन मे जमीन पर नहि आबि सकैत अछि। समाद परिवार इ सपना देखलक आ सपना पर विश्‍वास केलक जे बिहार मे बदलाव भ रहल अछि। जेना जेना घोषणा जमीन पर उगैत गेल, इसमाद क विश्‍वसनीयता बढैत गेल। आइ हम इ कहबा लेल तैयार छी जे हम सबटा गप भविष्‍य काल मे नहि वर्तमान काल मे सेहो क रहल छी। एकटा समय एहन जरूर छल जखन मे लिखबा लेल मजबूर छलहुं जे ”होएत”, मुदा आइ ओहि स स बहुत ”भ गेल” तक पहुंच चुकल अछि। ”होएत” स ”भ गेल” तक पहुंचबाक गति जरूर मध्‍यम रहल, मुदा ओ झूठ नहि छल। सबटा सपना सच नहि भेल मुदा सपना किछु एहनो रहल जे सच भ सामने अछि। आइ बिहार क अखबार मे योजना पहिल पन्‍ना पर जगह पाबि रहल अछि। अखबारक प्रसार बढि रहल अछि। निश्चित रूप स बिहार मे केवल खून नहि बिकाइत अछि।अपराध आ राजनीति कोनो समाजक एकटा अभिन्‍न अंग अछि। ओकर बिना कोनो समाजक कल्‍पना करब बेमानी अछि। बिहार मे सेहो अपराध आ राजनीति समाचारक महत्‍पूर्ण हिस्‍सा अछि। मुदा आजुक अखबार एकरा नजरअंदाज क रहल अछि। सरकारक पैघ स पैघ गलती बिहारक अखबार स ओहिना गायब अछि जेना पहिने सरकारक पैघ स पैघ उपलब्धि गायब छल। इसमाद समय समय पर सरकार क नीति क आलोचना करैत रहल अछि, जे आगू सेहो जारी रहत। मुदा सरकारक आलोचना क बीच ओ उपलब्‍धि कए नजर अंदाज नहि कैल जा सकैत अछि जे बिहारक समाज अर्जित क रहल अछि। औद्योगिकीकरण क मोर्चा पर छोट सन मुदा दूरगामी सफलता बिहार कए एहि साल भेट रहल अछि। इ एकटा एहन क्षेत्र अछि जाहि मे एखनो एकर गति स बेसी एकर सक्रियता पर बहस हेबाक चाहि। जाहि ठाम उद्योग लागब एकटा सपना भ गेल छल ओतहि कईटा इकाइ उत्पाद शुरू करबाक तैयारी मे आबि चुकल अछि। ब्रिटेनिया आओर बंसल बिस्किट्स क अनमोल ब्रांड बनब एहि मास स शुरू भ गेल अछि। पार्ले-जी बिस्कुट क उत्‍पादन सेहो शुरू भ गेल अछि। बांका में बिजली क एकटा निजी इकाई एहि साल स उत्पादन शुरू करत। एकर अलावा दूटा चीनी मिल आ किछु फूड प्रोसेसिंग क इकाइ सेहो एहि साल स उत्‍पादन शुरू क रहल अछि। रोहतास मे रूचि सोया अपन वेजिटेबुल आयल इकाई में मार्च तक उत्पादन शुरू करत। आरा में लागल सुमन एग्रोटेक क इकाई सेहो उत्‍पादन शुरू करबाक घोषणा क देलक अछि। बांका में ‘जास इंफ्रास्ट्रक्चर’ द्वारा शुरू कैल जा रहल विद्युत प्लांट क 660 मेगावाट मे स 500 मेगावाट बिहार कए भेटत। एहि स राज्‍य मे बिजली संकट त दूर नहि होएत मुदा किछु सुधार जरूर होएत। चीनी निगम क बंद पडल सुगौली आ लौरिया मे उत्‍पादन शुरू भ चुकल अछि। साल क अंत तक रैयाम आ सकरी चीनी मिल में सेहो उत्पादन शुरू भ सकैत अछि। एहन मे कहल जा सकैत अछि जे पिछला किछु साल मे हम बिहारक ओ भविष्‍य देखेबा मे बहुत हद तक सफल भेलहुं अछि जे वर्तमान मे अहां देख रहल छी।

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