दूटा समाद मे नुकायल हजारटा संदेश

कुमुद सिंह

बिहार स आबि रहल दूटा समाद एक प्रकार स हजार टा संदेश द रहल अछि। पहिल समाद पूर्णिया स अछि ओह‍ि ठाम एकटा महिला भाजपा विधायक कए चाकू स हमला कर‍ि मारी देलक, विधायक पर ओहि मह‍िला संग यौनशोषणक आरोप छल आ पुल‍िस ओकर जांच कए रहल छल। दोसर घटना सासाराम स अछि, एहि ठाम एकटा माइ अपन बेटा क खिलाफ गवाही द नव आदर्श प्रस्‍तुत केलथि अछि। हुनकर गवाही स इ तय भ गेल जे हुनकर पुतहूक हत्‍या आर कियो नह‍ि हुनकर बेटा केने अछि। देश मे एहन एखन धर‍ि दोसर कोनो हत्‍याक मामला नह‍ि सामने आयल अछि जतए कोनो माईक गवाही पर बेटा कए उम्रकैदक सजा भेटल हुए। बिहार मे भेल इ दूनू घटना अपना आप मिसाल अछि। समाज मे भ रहल बदलाव कए किछु लोक न्‍यायपाल‍िकाक नजर‍ि स गलत करार द सकैत छथि, मुदा इ एकटा सामाज‍िक बदलाव कए रूप मे देखल जेबाक चाही।
दरअसल दूनू मामला अनैतिक संबंध स जुडल अछि। दूनू मामला मे नारी कए सम्‍मान कए गला घोटल गेल। दूनू मामलाक प्रतिकार आक्रोश कए उबाल मे आयल। इ अलग गप अछि जे एकटा मामला मे कानून क मदद लेल गेल त दोसर मामला मे कानून अपन हाथ मे ल फैसला सुना देल गेल।
पहिल घटना सासाराम स अछि। कहल जाइत छल जे मौगीक सबस पैघ दुश्‍मन मौगी होइत अछि, मुदा जखन नारीक अस्‍तित्‍व क सवाल पैदा भ जाइत छैक तखन मौगी चंडीक रूप धारण कए लैत अछि आ एहन मे ओकरा लेल सामने बेटा अछि या पति मायने नह‍ि रखैत अछि। सासाराम कोर्ट मे रोहतास जिला क धावा गाम निवासी गंगाजल कुंअर जे कहलथि ओ हाल फि‍लहाल कोनो सिनेमा या सीर‍ियल मे सेहो देखबा मे नहि भेटल छल। ओ अपन बेटा क खिलाफ गवाही दैत कहलीह जे ओ अपन आंखि स देखने छथि जे कोना हुनकर बेटा हुनकर पुतहू कए कत्‍ल केने अछि। नाजायज संबंध क विरोध करबा पर निर्मला देवी कए हुनकर पति चंदेश्वर चौधरी गोली मारि देने छलाह। इ अन्याय गंगाजल कुंअर कए बर्दाश्त नहि भेल छल, मुदा ओ चुप छलीह। वहशी बेटा हुनको गोली मारि देबाक धमकी देने छल। इ घटना 10 अक्टूबर, 2000 कए दस बजे रात क अछि।
दोरस दिस पूर्णियाक विधायक राजकिशोर केसरी क हत्या चाकू स भेल। हत्या आरोपी महिला ओहि ठाम स भागबाक प्रयास सेहो नह‍ि केलक। विधायकक चमचा सब महिला कए पीट-पीट कए अधमरा करि देलक। सवाल उठैत अछि जे बिहार सन राज्‍य मे नेता द्वारा महिलाक यौनशोषण कोनो नव गप नह‍ि अछि। पुलिस जाहि रूप मे एहन मामलाक जांच करैत अछि ओ सेहो ककरो स नुकायल नह‍ि अछि। पिछला किछु मास मे आम लोक कए न्‍यायपाल‍िका पर स भरोस उठ‍ि रहल अछि। जज कए उपर रोज लागि रहल नव आरोप एह‍ि विश्‍वास कए आओर कमजोर बना रहल अछि। एहन मे मौगी लग इ रास्‍ता, मामलाक निराकरण स बेसी आक्रोश जतेबा लेल अपनाउल जा सकैत अछि। कोनो हाल मे कियो हत्‍या सन कार्रवाईक पक्ष नहि ल सकैत अछि। हम सेहो एकर पक्ष लेबाक पक्ष मे नह‍ि छी, मुदा जे हालात पैदा भ चुकल अछि ओहि मे इ एकटा आक्रोशक परिणाम अछि आ समाज आओर सरकार कए एहि आक्रोश कए खत्‍म करबा लेल ठोस डेग उठेबाक जरूरत अछि।

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