दिसंबर तक बाजार मे आउत मैथिली मे उच्च शिक्षा क पुस्तक

भागलपुर/ भुवनेश्‍वर । राष्ट्रीय ज्ञान आयोग, नई दिल्ली क अनुशंसा पर मानव संसाधन विकास मंत्रलय भारत सरकार द्वारा नेशनल ट्रांसलेशन मिशन, मैसूर कुल आठटा पुस्तक क मैथिली भाषा मे अनुवाद क रहल अछि। एहि पुस्तक सब कए दिसंबर तक बाजार मे उपलब्ध हेबाक संभावना अछि। नेशनल ट्रांसलेशन मिशन, मैसूर क मैथिली प्रभाग प्रभारी अजीत नाथ झा छथि। मिशन सूत्र स भेटल जानकारीक अनुसार इरफान हबीब लिखित पीपुल्स हिस्ट्री ऑफ इंडिया पुस्तक क अलावा सातटा अन्य विषष क पुस्तक सब कए सेहो मैथिली भाषा मे छात्र कए पढ़बा लेल भेटत।
एकटा हिंदी दैनिक मे छपल समाचारक अनुसार पीपुल्स हिस्ट्री ऑफ इंडिया आ जॉन आस्टिन लिखित ह्लाट इज लिंग्विस्टिका पुस्तक क अनुवाद पूरा भ गेल अछि। जखन कि नेशनल ट्रांसलेशन मिशन, मैसूर द्वारा इनवर्टीब्रेट जूलॉजी (प्राणी विज्ञान), हीट ट्रांसफर (भौतिकी), प्रिंसिप्ल ऑफ मैथेमेटिक्स (गणित), सिंघलेज मैकेनिकल डिजाइन (अभियांत्रिकी), फंडामेंटल ऑफ मोलेकुलर स्पेक्ट्रोस्कोप (रसायन विज्ञान), कॉलेज बॉटनी (जंतु विज्ञान), एन इंट्रोडक्शन ऑफ द स्टडी ऑफ द इंडियन हिस्ट्री पुस्तक क अनुवाद कैल जा रहल अछि।
एहि सबटा किताब कए अनुवाद करबाक योजना पर 2009 स काज भ रहल अछि। आठटा मे स बेसीतर पुस्तक क अनुवाद आ संपादन काज बिहार मे भ रहल अछि। दिसंबर 2009 मे दरभंगा पब्लिक लाइब्रेरी मे 15टा लेखक क टीम अनुवाद लेल चयनित भेल छल। फरवरी 2010 मे अनुदित पुस्तकक मूल्यांकन पटना क विद्यापति भवन आ दरभंगा मे विभिन्न केंद्र पर भेल। अगस्त 2010 मे पीपुल्स हिस्ट्री ऑफ इंडिया क अनुवाद क संपादन भेल। नवंबर 2010 मे पीपुल्स हिस्ट्री क दोसर खंड क संपादन पटना क विद्यापति भवन मे भेल। दिसंबर 2010 मे मधुबनी आ दरभंगा मे प्रकाशक क सम्मेलन भेल जाहि मे विभिन्न पुस्तक क प्रकाशन मे भ रहल असुविधा क निराकरण कैल गेल।
फरवरी 2011 मे तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय क पीजी मैथिली विभाग मे तकनीकी शब्‍द क अनुवाद भेल। बिहार क विद्वान क अहम योगदान एनटीएम स प्राप्त जानकारी क मुताबिक इतिहास क जानल मानल विद्वान डॉ रत्नेश्वर मिश्र आ डॉ पंकज कुमार झा, मैथिली क विद्वान डॉ कमलाकांत झा, डॉ प्रेमशंकर सिंह आ डॉ केष्कर ठाकुर, भौतिक क विद्वान डॉ विजय कांत मिश्र आ डॉ जगधर मंडल, समाजशास्‍त्र क विद्वान डॉ इंद्र कुमार सिंह आदि क उक्त पुस्तक क अनुवाद, संपादन आदि मे अहम योगदान रहल अछि। मैथिली मे उक्त विषय स स्नातक या स्नातकोत्तर करनिहार इच्छुक छात्र-छात्रा कए एहि पुस्तक क सबस बेसी लाभ भेटत।

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