दिल्‍ली मे देखल मिथिलाक लोकरंग

श्रीराम सेंटर मे भेल मुक्ति पर्व क सफल मंचन
इसमाद परिवार
नई दिल्‍ली।
सांझखन जखन हाथ मे बांसक चंगेरा लेने मैथिली रंगमंच क महिला कलाकार सब सामाक गीत गुनगुनाइत मंच पर उपस्थित भेलथि त लागल जेना दिल्‍ली मे मिथिला चलि आयल। दिल्‍लीक करेज मंडी हाउस मे स्थित श्रीराम सेंटरक सभागार मिथिलाक लोकरंग मे रंगल छल। सोमदिन मैलोरंग क तत्‍वावधान मे प्रख्‍यात लेखक अविनाश चंद्र मिश्रक नाटक ‘मुक्ति पर्व’ क मंचन भेल। जितेंद्र झा द्वारा अनुदित एहि नाटक कए निदेर्शन युवा निर्देशक प्रकाश झा केलथि। प्रकाश बेर फेर अपन निर्देशनक लोहा मनबेबा मे सफल रहलाह। मिथिलाक लोक पर्व सामा-चकेबा पर आधारित एहि नाटक क मंचन अदभुत छल।
मिथिलाक पारंपरिक नटुआ नाच शैली मे प्रस्तुत इ नाटक मिथिलाक आन सेहो गायन शैली कए मंच पर स्‍थापित करबा मे सफल भेल। मैलोरंग क कुशल आ माजल कलाकारक मेहनत एक बेर फेर अपन रंग देखेलक। मिथिली नाटकक इतिहास मे शायद इ पहिल बेर छल से श्रीराम सेंटर सभागार व्‍यावसायिक रूप स खचाखच भरल छल। इ मैलोरंग क मेहनतक प्रति लोक क विश्‍वास आ मैथिली रंगमंच क व्‍यावसायिक भविष्‍य कए रेखांकित करैत अछि।
भाई-बहिन क स्‍नेह स रंगालय एहि नाटकक एक एक टा कलाकार अपन चरित्र कए बेहतरीन तरीका स निभेलाह। परदा उठलाक उपरांत जखने मंच पर सूत्रधार क रूप मे निलेश आ विपटा क रूप मे संतोष एलाह त सभगोटे क थपड़ी क आवाज स सभागार गुंजित भ गेल। मुकेश झा एक बेर फेर अपन प्रतिभा कए प्रमाण प्रस्‍तुत केलथि। चूरक क चरित्र कए जीवंत बना ओ सबहक ताली बटोलथि। विपटा क रूप मे संतोष क अभिनय गजब रहल। सभागार मे बैसल दर्शक लोकनि हुनक एक एकटा संवाद सुनि वाह-वाह कहबा स अपना कए नहि रोकि सकलाह। सामा क रूप मे स्‍वपना आ साम्ब क रूप मे अभिनेता अनिल सेहो अपन भूमिका क संग नीक जेकां न्याय केलथि। कुल मिलाके दू घंटा क ई नाटक दर्शकक भरपूर मनोरंजन केलक। सभागार मे दर्शक क रूप मे बिहार विधान सभाक सदस्‍य बिनोद नारायण झा, मोहल्ला लाइव क संपादक अविनाश दास, हेल्लो मिथिलाक हितेंद्र गुप्‍ता संगहि कईटा विशिष्‍ट लोक उपस्थित छलथि। नाटकक बाद युवा निर्देशक आ मैलोरंग संस्‍थाक संस्‍थापक निदेशक प्रकाश झा उपस्थित दर्शक लोकनि कए धन्‍यवाद ज्ञापित केलथि। संगहि ओ घोषणा केलथि जे मैलोरंग दिस स प्रदान कैल जा रहल ज्योतिरीश्वर सम्मान वर्ष 2011 क लेल कोलकाता मे मैथिली रंगमंच कए स्थापित करनिहार रंगपुरुष दयानाथ झा कए प्रदान कैल जाएत। इ सम्‍मान हुनका दिसंबर मे आयोजित एकटा समारोह मे देल जाएत।
नोट : नाटकक समीक्षा शीघ्र

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comments

5 टिप्पणी

  1. maithili lel e ekta nik snadesh je mahanagar me maithili natak safal bhel. ehi k lel melorang ke badhaai.

    • नाटकक सम्पूर्ण समीक्षाक इंतजार अछि..

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