दरभंगा मे खत्‍म भेल औद्योगिक पतझड, 15 स चालू होएत अशोक पेपर मिल

दरभंगा । दरभंगा मे एहि साल वसंत किछु अलग अछि । औद्योगिक पतझड क मौसम खत्‍म भ रहल अछि। वसंत मे नव पल्‍लव क उम्‍मीद देखा रहल अछि । दरभंगा क लोक 15 फरवरी क बेसब्री स बाट ताकि रहल अछि । सूचना क अनुसार वसंत पंचमी कए अशोक पेपर क चिमनी धुंआ उगलत । ओहि दिन एकर ब्वायलर क स्लो फायरिंग होएत आ 24 घंटा बाद उत्पादन शुरू भ जाएत । मिल चालू हेबाक सूचना स हायाघाट समेत पूरा दरभंगा मे खुशी क माहौल अछि। लोक क कहब अछि जे मिथिला मे पतझड क मौसम खत्‍म भ वर्षो बाद वसंत आयल अछि। मिल कए बंद भेलाक बाद इलाका क अर्थव्यवस्था चौपट भ गेल छल । लोक सब उम्मीद जतौलक जे अशोक पेपर मिल आब लगातार चलत। दोसर दिस एपीएम प्रबंधन उत्पादन क तैयारी मे जुटल छथि । मिल क महाप्रबंधक एनआर विद्यार्थी आ प्रशासकीय प्रबंधक एसपी सिन्हा समेत समस्‍त कर्मचारी राति-दिन मिल मे काज कए अंतिम रूप देबा मे लागल छथि। सोमवार दिन सांझखन मिल मे कच्‍चा माल क पहुंचल । कच्‍चा माल पहुंचबाक संगहि मिल खुलबाक उम्‍मीद विश्‍वास मे बदली गेल । अधिकारी स ल कए कर्मचारी तक एक स्‍वर मे दावा केलथि जे आब उत्पादन शीघ्र चालू करबा लेल हम सब तैयार छी । भगवती सब किछु ठीक रखलथि त बसंत पंचमी (15 फरवरी) क भेर मिल स केवल धुंआ नहि निकलत बल्कि नव इतिहास लिखबा लेल एहि ठाम स उत्‍पादित कागज सेहो उपलब्‍ध भ सकत। पूछला पर प्रबंधक कहला जे 12 फरवरी कए ब्वायलर मे फायरिंग क छल, मुदा कई कारण स इ नहि भ सकल।
जिला क एहि एकमात्र औद्योगिक ईकाई कए चलेबाक प्रति जिला प्रशासन सेहो गंभीर अछि। सोमदिन अनुमंडलाधिकारी प्रदीप कुमार गुप्ता सेहो अशोक पेपर मिल्स क दौरा केलथि आ प्रबंधन कए हर संभव सहयोग क आश्वासन देलथि अछि।
उल्लेखनीय अछि जे महाराजा कामेश्‍वर सिंह आ बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन द्वारा संयुक्‍त रूप स 1956 मे एहि मिलक स्‍थापना भेल अछि। 30 लाख टका बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन लगौने छल, जखन कि 30 लाख टका आइसीआइसीआइ बैंक स लेल गेल छल । कामेश्‍वर सिंह एहि मिल लेल 50 लाख निवेश केने छलाह । 1956 मे स्थापित एहि मिल स 1980 तक उत्पादन भेल । एकर बाद जे ग्रहण लागल ओ दरभंगा जिला कए उद्योगहीन बना देलक । ओना 1997 मे सर्वोच्च न्यायालय क आदेश पर एकरा चालू करबाक प्रयास शुरू भेल, मुदा परिणाम बहुत बेहतर नहि रहल। 1997 मे जखन मिलक नवका मालिक धरम गोधा दरभंगा पहिल बेर आयल छलाह, त स्‍थानीय लोक हुनका भगवान जेकां पूजने छल आ ओ कहने छलाह जे मिल शीघ्र खुलत। कई साल बीत गेल, बहुत किछु खत्‍म भ गेल, बचल अछि त बस उम्‍मीद। आ उम्‍मीद अछि जे 15 फरवरी कए मिल चालू होएत आ निरंतर चालू रहत।
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