त्वरित न्याय क दिशा मे एकटा आओर डेग

भागलपुर। जस्टिस डिलेड, जस्टिस डिनायड..। यानि न्याय भेटबा मे देरी भेल त बूझू जे न्याय स वंचित भेलहुं। एहि परिपेक्ष्य मे त्वरित न्याय क लेल पटना हाईकोर्ट राज्य क सबटा सेशन डिविजन मे संध्याकालीन कोर्ट शुरू करबाक निर्देश जारी केलक अछि। इ कोर्ट सब जिला मे 15 नवम्बर स प्रारंभ भ रहल अछि। एहि आशय क अधिसूचना हाई कोर्ट द्वारा जारी करि देल गेल अछि, जतए लंबित मामला क शीघ्र निष्पादन कैल जाएत।
विदित हुए जे एकरा लेल भारत सरकार द्वारा 13वीं वित्त आयोग क माध्यम स विभिन्न वित्तीय सहयोग देबाक अछि। जेकर सूचना बिहार सरकार क विधि विभाग कए जारी कैल गेल अछि। एहि आलोक मे हाई कोर्ट संध्याकालीन कोर्ट प्रारंभ करबाक अधिसूचना जारी केलक अछि, जेकर बाद इ कोर्ट मूर्त रूप मे आबि रहल अछि। एकर कार्यावधि पांच बजे स सांझ स सात बजे सांझा तक क होएत। मात्र दू घंटा क एहि कोर्ट क संचालन क लेल कोर्ट मे पदस्थापित जूनियर डिविजन क न्यायिक दंडाधिकारी कार्य करताह, जिनका उक्त कोर्ट क संचालन क लेल एकटा स्टेनोग्राफर, एक-एकटा बेंच आ आफिस क्लर्क समेत दूटा चपरासी सहायता क लेल देल गेल अछि। संगहि उक्त अधिसूचना क तहत एहि कोर्ट मे कार्य करनिहार अधिकारी आ सहयोगीगण कए हुनकर मूल वेतन क 25 प्रतिशत आ महंगाई भत्ता क भुगतान होएत।
हाई कोर्ट दंप्रस क धारा 11 क सब सेक्सन तीन क तहत एहि कोर्ट मे कार्य करनिहार जूनियर डिविजन क न्यायिक दंडाधिकारी कए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी क अधिकार सेहो देलक अछि। संध्याकालीन कोर्ट मे मोटर ह्वेकिन एक्ट स संबंधित मामला, एनआई एक्ट 1881 क धारा 138, मुनिसिपल एक्स, माप-तौल विभाग क विधि, फूड एडलट्रेशन एक्ट, आवश्यक वस्तु अधिनियम, सोप आ इस्टाब्लिसमेंट एक्ट, भादवि क सन धारा क केस संचालन होएत, जाहि मे आरोपी कए न्यायिक अभिरक्षा मे नहि लेल जा सकत। एहि कोर्ट मे संधि योग्य धारा क सुनवाई कैल जाएत। ओतहि दीवानी मामला जे 50 हजार स कम क दावा राशि क हाएत ओकर सेहो सुनवाई एहि अदालत मे भ सकत।

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