जागलथि पटनावासी, भागल डॉल्फीनक शिकारी

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उज्ज्वल कुमार
-आखिर कहिया बंद होयत डॉल्फीन क हत्या
– राष्ट्रीय जल पशु घोषित हेबाक बावजूद जारी अछि डॉल्फिन क शिकार
– कृष्णा घाट पर चार माह स जारी छल डॉल्फिन क शिकार
– नायलॉन क जाल मे आसानी स फंसि जाइत अछि डॉल्फिन
– जाल मे फंसा कए फेर ओकर गर्दन पर होइत अछि प्रहार
– सात दिन मे मारल गेल पांचटा

पटना। आखिर कहिया रुकत इ हत्याक प्रवृति। राष्टï्रीय जल जीव घोषित भेलाक बावजूद पिछला एक सप्ताह मे पांचटा डॉल्फीन क शिकार भ चुकल अछि। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 क तहत एकरा वन्य संरक्षित प्राणी क रूप मे चिन्हित कैल गेल अछि। एकर हत्या क अपराध मानवीय हत्या क अपराध क बराबर अछि। तहुमे खास कए गंगैटिक डॉल्फीन क संख्या त आब मात्र गिनल- चुनल अछि। स्थानीय लोकक कहब अछि जे केवल कानून बना देबा स एकर रक्षा नहि भ सकैत अछि। सरेआम दिन क 11 बजे दिन मे कृष्णा घाट क लग मे मछुआरा निडर भ कए डॉल्फीन क शिकार करैत अछि। इ त महज संयोग छल जे हल्ला भ गेल आ ओकरा अपन शिकार छोडि़ कए भागै पड़ल। जखनधरि मछुआरा कए एकर जीवित रहबाक अंदाजा नहि भ सकत, तखन धरि ओ निजी लाभ क लेल एहि तरह क प्राणीक हत्या करैत रहताह।

मुदा नहि बचि सकल डॉल्फीन
शनिदिन ग्यारह बजे कार्मिक सचिव गांधी घाट स्थित छोटका वोट स अपन अतिथि कए गंगा दर्शन करा रहल छलाह। एहि दौरान वो गांधी घाट स लकए अन्य कई घाट क सफर करि रहल छलाह। ओ अपन अतिथि कए कहि रहल छलाह जे अगर डॉल्फिन क दर्शन भ जाए त मजा आबि जाइत। एहि पर वोट चालक कहलथि जे एतबा आसानी स डॉल्फिन नजर नहि अबैत अछि। ताबत कृष्णा घाट पर किछु लोक हल्ला करैत देखल गेल वोट कए तेजी स घाट दिस ल जाइल गेल। घाट क समीप पहुंचलाह पर अचानक चारि स पांचटा मछुआरा क हाथ मे डॉल्फिन देखि सब स्तब्ध भ गेल। लोक मछुआरा कए गिरफ्तार करबा लेल पुलिस कए फोन मिला रहल छल। मुदा जखने कार्मिक सचिव क वोट घाट दिस अबैत देखलक मछुआरा भागि गेल। फेर दोसर वोट क मदद स डॉल्फिन कए गांधी घाट आनल गेल। डॉल्फिन कए मछुआरा क चंगुल स छुड़ाकए अननिहार अशोक कुमार सिंह कहला जे जखन हमसब एकरा उठाकए एहि ठाम अनने रही त इ जीवित छल, मुदा किछु काल बाद दम तोडि़ देलक। एकरा हम सब नहि बचा सकलहुं।

गर्दन पर छल लाठी क चोट
डॉल्फिन रिर्सचर डॉ आरके सिंह कहला जे डॉल्फिन मछुआरा क जाल मे फंसि गेल छल। ओ जाल स निकलबाक कई बेर कोशिश केलक जेकर निशान ओकर पूंछ आ मुंह पर देखल गेल। जखन ओ थाकि कए चूर भ गेल त मछुआरा ओकरा निकालबाक कोशिश केलक, जाहि क्रम मे ओकर गर्दन पर लाठी स मारल गेल। चूंकि एहि डॉल्फिन क बैस काफी कम अछि, ताहि लेल इ चोट नहि सहि सकल आ एकर मौत भ गेल

नॉयलॉन क जेल मे फंसि जाइत अछि डॉल्फिन
डॉ सिंहा कहैत छथि जे मछुआरा सब नॉयलॉन क जाल इस्तेमाल करैत अछि। जेकरा बिहार मे करंटी जाल सेहो कहल जाइत अछि। चूंकि गंगा क डॉल्फिन आंनहर होइत अछि, ताहि लेल ओ अपन प्रतिध्वनि क इस्तेमाल करि शिकार करैत अछि। मुदा नॉयलॉन जाल स प्रतिध्वनि नहि आबैत अछि, जाहि कारण स ओ जाल मे आसानी स आबि जाइत अछि। फिलहाल जहि डॉल्फिन क मौत भेल अछि ओ तीन-चार माह क छल आ ओकर लंबाई 1 मीटर 16 सेंटी मीटर छल। एकर जन्म जून क करीब मे भेल होयत।

पर्यटक कए खूब रिझबैत अछि गंगैटिक डॉल्फीन
स्टेट टूरिज्म डिपार्टमेंट क डीजीएम नवीन कुमार क कहला जे गंगैटिक डाल्फीन विदेशी पाहुन कए खूब रिझबैत अछि। ओ भोर स सांझ धरि गंगा मे टकटकी लगाकए एकरा अपन कैमरा मे कैद करबाक प्रयास करैत छथि। पांडव क्रूज क जरिए विदेशी पाहुनक क गंगा प्रवास बढ़ल अछि। नवीन कुमार कहैत छथि जे इस मार्ग पर लोकक दिलचस्पी बढ़ेबा लेल गंगैटिक डॉल्फीन क महत्वपूर्ण भूमिका अछि।

छोड़ल गेल छल डॉल्फीन
पर्यटक कए रिझेबा लेल गंगा मे खास तौर स डॉल्फीन कए छोड़ल गेल छल। एहन मे एकर हत्या कए त कतई बर्दाश्त नहि कैल जा सकैत अछि। प्रशासन स अनुरोध अछि जे एहि तरहक काज मे लिप्त लोकक खिलाफ सख्त कार्रवाई कैल जाए, ताकि एहि तरहक गतिविधि कए रोकल जा सके। इ खुशीक गप जे एहि मूहिम मे आम लोककसहयोग भेटि रहल अछि। आशा अछि इ सुंदर जीव गंगा क गर्भ मे सुरक्षित रहत।
फोटो – रेखा सिन्हाक

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