चीन क रेल कूटनीति पर भारत क जवाब

नई दिल्ली। समाद पिछला साल इ खबरि सबस पहिने देने छल जे भारत सरकार नेपाल स सीधा रेल संपर्क स्थापित करबा लेल तैयार अछि आ ओ दिन दूर नहि जखन अयोध्या स जनकपुर भाया सीतामढ़ी ट्रेन चलत। पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसादक इ योजना कूटनीतिक रूप स सेहो महत्वपूर्ण मानल जाइत अछि। नेपाल स नजदीकी बढ़ेबा क मकसद स रेल कूटनीति क सहारा ल रहल चीन कए आखिरकार भारत माकूल जवाब देलक। भारत नेपाल क संग एहन समझौता पर दस्तखत केलक अछि, जाहि स दूनू देशक सीमा पर कुल पांच क्षेत्र मे रेल नेटवर्क काफी बढि़ जाएत। समझौता कए अमलीजामा पहनेबा स भारत क पहुंच नेपाल क मधेस क्षेत्र मे बढि़ जाएत। एहि लिहाज स नेपाली राष्ट्रपति रामबरन यादव क भारत यात्रा काफी अहम साबित भेल।
ओना हैदराबाद हाउस मे भेल कुल चारि समझौता पर हस्ताक्षर, मुदा एहि मे सबस महत्वपूर्ण रेल आ हवाई संपर्क रहल। हिमालय क गोद मे बसल देश क तराई क्षेत्र स पहिने स बेहतर तरीका स जुड़बा लेल मार्ग प्रशस्त करबा लेल रेल समझौता क कूटनीतिक महत्व अछि। भारत मे जोगबनी आ नेपाल मे विराटनगर क बीच रेल रूट स्थापित करबा लेल समझौता भेल अछि। ओतहि भारत मे जयनगर आ नेपाल क बीरदिबस कए सेहो अहमियत देल गेल अछि। सूत्र क अनुसार, जयनगर आ बीरदिबस रूट क लेल भारत पहिने 470 करोड़ टका क वित्तीय प्रावधान करि देने अछि। एहि मे गेज परिवर्तन आ बैजलपुर आ बीरदिबस क बीच नव रेल लाइन बनेबाक प्रस्ताव अछि।
दूनू देश क बीच नव हवाई सेवा शुरू करबाक सेहो समझौता भेल। संगहि हेतौदा मकवानपुर मे नेपाल-भारत मैत्री पालीटेक्निक कए विकसित करबा क आ बीरगंज मे नेपाल-भारत मैत्री सभा गृह बनेबा लेल सेहो समझौता भेल।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments