चंदा स बनत इंजीनियरिंग कॉलेज

अरियांव (बक्सर)। कोनो पैघ सपना कए साकार करबा लेल ग्रामीण आ किसान एकजुट हुए त देश क केहन तरक्की होएत, एकर बानगी बक्सर जिला क अरियांव गांव मे देखबा मे आबि रहल अछि। एहि ठामक ग्रामीण गाम मे इंजीनियरिंग कॉलेज बनेबा लेल संकल्प लेलथि अछि। एकरा लेल न सिर्फ गामक लोक अपन बेशकीमती बीस एकड़ जमीन दान मे द देलथि अछि, बल्कि चंदा क रूप मे राशि जमा करि कॉलेज लेल भवन क तक निर्माण करा रहल छथि। विद्यादान सोसाइटी क अंतर्गत बनि रहल तकनीकी आ प्रबंधन संस्थान कए राज्य सरकार स अनापत्ति प्रमाणपत्र आ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद स मंजूरी भेटि चुकल अछि। एहि वर्ष अगस्त स एहि ठाम चारि ट्रेडो मे शिक्षण कार्य प्रारंभ हेबाकसंभावना अछि। जिला मुख्यालय स तीस किलोमीटर दूर डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत अरियांव समेत आसपास क दर्जनभरि गाम क लोक अपन सपना कए पूरा करबा लेल जर-जमीन आ जन सबस सहयोग करि रहल छथि।
एखनधरि कॉलेज भवन क नींव मे लगल भारी-भरकम रकम आ एनओसी क लेल राज्य सरकार कए पैंतीस लाख टका ग्रामीण चंदा क रकम स द चुकथि अछि। ग्रामीण क कहब अछि जे बाहरी गाम मे एहन निवेश नहि करत आ बाहर गेल गामक लोक गाम मे निवेश करबा स कतरन रहल छथि। एहन मे गामक विकास गामक लोक नहि करत त के करत। पिछला माह निर्माण कार्य मे अचानक टकाक जरूरत आबि गेल, जखन कतहु स टकाक जोगाड़ नहि भेल त किसान चतुर्भुज सिंह अपन किसान विकास पत्र कए बीच मे तुड़बाकए टका देलथि।
सोसाइटी क अध्यक्ष आ रक्षा अनुसंधान विकास संस्थान क पूर्व वैज्ञानिक सूर्य कुमार सिंह कहला जे गामक लोकक सहयोग स इंजीनियरिंग कॉलेज आकार ल रहल अछि। जमीन छोडि़कए करीब ग्यारह करोड़ क एहि प्रोजेक्ट मे एखन धरि लगभग डेढ़ करोड़ क राशि जमा भ चुकल अछि। आब सपना कए धरातल पर उतारबा लेल बैंक सेहो मदद क लेल तैयार अछि। प्रथम चरण मे एआईसीटीई स कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रानिक एण्ड कम्यूनिकेशन, इन्फारमेशन टेक्नोलाजी आ इलेक्ट्रानिक एंड इलेक्ट्रिक ट्रेड मे 60-60 सीट क अनुमति भेटल अछि। एकेडमिक आ प्रशासनिक भवन अप्रैल तक बनि जाएत
बिहारक विकास कए आंकड़ा और सिद्घांतक तर्क स देखनिहार लोक लेल इ एकटा उदाहरण मात्र अछि। एहि ठामक ग्रामीण सिद्ध करि देलथि जे कौटिल्य क देश मे अर्थशास्त्र क नव परिभाषा बनेबाक एखनो क्षमता अछि।

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