गलती या साजिश : श्‍यामा मंदिर न्‍यास मे नहि रहल पदेन न्‍यासी

आशीष झा
दरभंगा। माधेश्‍वर राज शमशान परिसर स्थित रामेश्‍वरी श्‍यामा मंदिर न्‍यास बोर्ड स पदेन न्‍यासी क पद हटा देल गेल अछि, जखन कि मंदिर अधिग्रहणक दौरान इ कहल गेल छल जे एहि न्‍यास मे जिलाधिकारी या आयुक्‍त एकटा पदेन न्‍यासी रहताह। मुदा वर्तमान न्‍यास बोर्ड मे एहन कोनो उल्‍लेख नहि अछि। वर्तमान आयुक्‍त बंदना किनी कए न्‍यासी जरूर बनाउल गेल अछि, मुदा ओ न्‍यासी दरभंगाक आयुक्‍त क रूप मे नहि बल्कि एकटा महिला क रूप मे छथि। एहन मे अगर हुनक स्‍थानांतरण दरभंगा स बाहर होइत अछि त ओ एहि न्‍यासक न्‍यासी बनल रहतीह जखनकि दरभंगा क नव आयुक्‍त एकर न्‍यासी नहि भ सकताह। इ’समाद जखन एहि संबंध मे न्‍यास प्रबंधक स पूछलक त इ जरूर कहल गेल जे एहि मे गलती भेल अछि, मुदा कोनो सुधार करबाक गप पर प्रबंधक चौधरी हेमचंद राय चुप भ गेलाह। ज्ञात हुए जे माधेश्‍वर परिसर स्थित इ मंदिर महाराजा कामेश्‍वर सिंह धार्मिक न्‍यास क छल, जेकरा 1-9-2007 कए बिहार राज्‍य धार्मिक न्‍यास परिसर अपन कब्‍जा मे ल लेलक। इ मंदिर महाराजा रामेश्‍वर सिंह क चिता पर बनाउल गेल अछि। आब एहि मंदिर क जिम्‍मा मां श्‍यामा मंदिर न्‍यास समिति लग अछि। जेकर सचिव पहिने पदेन रूप स दरभंगाक जिलाधिकारी छलाह, मुदा आब बंदना किनी कए बना देल गेल अछि। कहबा लेल बंदना किनी दरभंगाक आयुक्‍त छथि, मुदा दस्‍तावेज मे हुनक पदेन अध्‍यक्ष हेबाक कोनो उल्‍लेख नहि अछि। समिति क अध्‍यक्ष पूर्व न्‍यायाधीश आ राज्‍य मानवाधिकार आयोग क अध्‍यक्ष सचिदानंद झा छथि। जखनकि सह सचिव श्रीपति त्रिपाठी छथि। समिति मे राम नारायण झा, रमेश झा, हेमंत दास, दयानंद यादव आ राजेश्‍वर पासवान शामिल छथि।
न्‍यास क गति‍विधि आ प्रबंधन क संबंध मे सेहो भ्रम व्‍याप्‍त अछि। न्‍यास प्रबंधन एखनधरि इ साफ नहि क पाबि रहल छथि जे संपूर्ण शमशान परिसर मे एहि नव गठित न्‍यास क अधीन केतबा जमीन अछि। ओना मंदिरक संबंध मे श्री राय साफ तौर पर कहला जे एहि न्‍यास लग एखनधरि मात्र रामेश्‍वरी श्‍यामा मंदिर अछि। श्री राय कहला जे बिहार धार्मिक न्‍यास परिषद दिस स महाराजा कामेश्‍वर सिंह धार्मिक न्‍यास क मुख्‍य न्‍यासी महारानी कामसुंदरी (कल्‍याणी) स अनुरोध कैल गेल अछि जे संपूर्ण परिसर एहि नव गठित न्‍यास कए देख रेख लेल द देल जाए। श्री राय स्‍पष्‍ट केलथि जे नव गठित न्‍यास परिसर स्थित आन मंदिर पर कोनो मालिकाना हक नहि जताउत। श्री राय कहला जे महारानी एखनधरि ओहि अनुरोधक कोनो उत्‍तर नहि देलक अछि। अगर ओ आन मंदिर सब नव गठित न्‍यास कए देख-रेख लेल द दैत छथि त रामेश्‍वरी श्‍यामा जेकां आन मंदिर क रंग-रोगन सेहो कराउल जाएत। श्री राय कहला जे नवगठित न्‍यास कए सरकार या बिहार धार्मिक न्‍यास परिषद दिस स कोनो आर्थिक सहायता आइधरि नहि भेटल अछि। एतबा जरूर से सरकर एहि परिसर क विकास लेल एहि साल 6 करोड 66 लाख टका देलक अछि, मुदा ओ राशि न्‍यास नहि बल्कि जिला प्रशासन खर्च करत। ओ कहला जे नवगठित न्‍यास सेहो बिहार धार्मिक न्‍यास परिषद कए एक टका नहि देलक अछि। एहन मे न्‍यास द्वारा अर्जित कुल राशि न्‍यास क खाता मे राखल अछि। इ पुछला पर जे इ न्‍यास सेहो महावीर न्‍यास जेका सामाजिक काज मे राशि क उपयोग करत। एहि सवालक उत्‍तर मे श्री राय कहला जे न्‍यास अपन सामाजिक दायित्‍वक निर्बाह लेल प्रयास क रहल अछि आ भविष्‍य मे एहि परिसर मे स्‍थान भेटला पर अनाथालय आ ब्‍लाड बैंक खोलबाक विचार कैल जा रहल अछि। मंदिर मे लिखल तांत्रिक मंत्र कए मिटेबाक संबंध मे श्री राय कहला जे इ काज मंदिर अधिग्रहण स पूर्व भ चुकल छल, ओना नव गठित न्‍यास पुरान स्थिति अनबाक प्रयास करत। शमशान मे भ रहल विवाह आयोजन पर श्री राय कहला जे इ सच अछि जे इ मंदिर रामेश्‍वर सिंह क चिता पर बनल अछि आ इ राज परिवारक शमशान छी, मुदा शहरक बीच स्थित एहि मंदिरक प्रताप एतबा भ गेल अछि जे लोक एहि ठाम शुभ काज करबा लेल तैयार भ गेल छथि। एहि ठाम कईटा विवाह कराउल गेल आ कोनो प्रकारक दुखद अनुभव नहि रहल। एहन मे इ प्रचलन मे आबि गेल अछि। ताहि खातिर परिसर स सटल एकटा विवाह भवनक निर्माण सेहो भ रहल अछि। श्री राय कहला जे लोक व्‍यवहार मे जे अनुष्‍ठान भ रहल हुए, मुदा पूजा एखनो पुरान विधि अर्थात तंत्र विधि स होइत अछि। एहन मे उम्‍मीद कैल जाए जे आगू सेहो आन मंदिर स एहि मंदिर कए जे अगल पहचान अछि ओ बनल रहत।

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1 टिप्पणी

  1. बाबाधाम लेल कहल जैत छिक ‘बैदय्नाथ चिताभूमौ ,’ जखन ओतय विवाह हो त रामेश्वरी चिता पर कोन दिक्कत.(ओहुना विवाहक बाद कुमुद कन्या सेहो काली भय जैत छथि, तैं की लोक विवाह केने छोड़ी देत )
    रहल प्रबंधनक बात एहेन में न्यासी कियो कालीभक्त हिंदुके हेबाक चाही सब आय स्थानीय न्यासक हेबाक चाही जे विकास आ समाज सेवामे खर्च करय

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