खुशी एहन जे नोरा गेल आंखि

सुपौल स ममता शंकर
जानकी स भारती, फनीश्वर नाथ रेणू स नागार्जुन आ विद्यापति स मंडन मिश्र सब आइ एक भ गेलथि। ”बिहारक शोक” पर ”मिथिलाक सपना” साकार भ गेल। खुशी एहन जे आंखि नोरा गेल। मिथिला क मिलन देखबा लेल पहुंचल लोकक नोरायल आंखि देख केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी सेहो एहि भौगोलिक दर्द कए महसूस केलथि। ओ कहला जे एहि भूमि कए जोडबाक मौका पाबि अपना कए ओ धन्‍य बुझि रहल छथि। एहि अवसर पर मुख्‍यमंत्री सेहो कहला जे आइ किछु बजबाक दिन नहि अछि। आजुक दिन खुशी क दिन अछि आ एहि अवसर कए अहां सब दशहरा, दीपावली, होली आ ईद जेकां बनाउ।
लगभग नौ साल मे तैयार एहि महासेतु कए केंद्रीय पथ परिवहन मंत्री सीपी जोशी आइ लोकार्पित क देलथि। ‘कोसी महासेतु’ नाम स नवनिर्मित एहि पुल क आधारशिला 2003 मे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी रखने छलाह। एहि पुल कए लोकार्पणक मौका पर बिहार क मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सेहो उपस्थित छलाह। मिथिला क विकास मे सड़क-संपर्क क सबस पैघ दुहारि खोलनिहार एहि ‘महासेतु’ क लोकार्पण भेला स एहि इलाका क सामाजिक, आर्थिक आ राजनीतिक स्‍तर पर पैघ बदलाव देखल जाएत। कोसी नदी पर चार सौ करोड़ टका स सेहो बेसी क लागत स बनल एहि चारि लेन क पुल क लम्बाई लगभग दू किलोमीटर अछि। एहि ठाम करीब 55 साल पहिने सडक पुल छल जेकर ध्‍वस्‍त भेला स सडक संपर्क टूटि गेल छल। 1934 क भूकंप मे ध्वस्त भेल भवटियाही क कारण रेल संपर्क पहिने स टूटल छल। एहन मे दूनू भाग क लोग कए ऐ दोसर स भेंट करबा लेल एकटा पैघ दूरी तय करै पडैत छल। एहि पुल कए चालू भेला स मुज़फ्फ़रपुर, दरभंगा आ मधुबनी ज़िला क सीधा सड़क-संपर्क सुपौल, सहरसा आ मधेपुरा ज़िला स भ गेल अछि।
लोकार्पण क दौरान क्षेत्र क विस्थापित सब विरोध प्रदर्शन सेहो केलथि आ मुख्यमंत्री कए कारि झंडा देखेलथि, मुदा एहि समस्या कए आम तौर पर कोसी अंचल क लोक नजरअंदाज करि बहुप्रतीक्षित पुल कए चालू भेला स प्रसन्नता जाहिर केलथि।
लोकार्पण क अवसर पर पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव , उर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, सांसद विश्व मोहन कुमार, सांसद हुकुम देव नारायण यादव, अध्यक्ष भारतीय राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण एके उपाध्याय, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, नीरज कुमार सिंह बबलू, अमला देवी, सुजाता देवी, विजय कुमार मिश्र, संजय झा, हारूण रसीद सतीश साह, संजय सरावगी, आनंदी प्रसाद यादव, मुख्य सचिव नवीन कुमार सहित विभिन्न विभाग क पदाधिकारी आ राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद छलथि।

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