कोसी क्षेत्रक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होएत लगभग 400 करोड़ : नरेंद्र

कोसी अंचलक उपेक्षा पर ओहि ठामक जनप्रतिनिधि किछु बजबा लेल तैयार नहि छथि। हुनका लग कोनो सवालक उत्‍तर नहि अछि। ओ इ बतेबा मे असमर्थ छथि जे आखिर एहि अंचल मे सबसे बाद मे विश्वविद्यालय किया खुलल। सबस बाद मे मेडिकल कॉलेज किया खुलल, खुलल सेहो निजी क्षेत्र स, सरकारी नहि। इंजीनियरिंग कॉलेज एखनो सपने अछि। देश मे आब कतहु छोटी रेल-लाइन नहि भेटत, मुदा एहि इलाका मे सबस बेसी इ पटरी मौजूद अछि। सब इलाका मे रेलवे क विद्युतीकरण भ गेल मुदा कोसी मे एखन धरि नहि शुरू भेल। उद्योग-धंधा लगबाक त चर्चा करब बेकार अछि। किछु एहने सवाल ल कए पत्रकार रंजीत पिछला मास बिहार क कानून मंत्री नरेंद्र नारायण यादव स गपशप केलथि। ओ ग्रास रूट क राजनीति स बिहार विधानसभा आओर कैबिनेट तक पहुंचलाह अछि। प्रस्‍तुत अछि पूरा साक्षात्‍कारक किछु खास अंश।

सवाल- पिछला किछु साल स बिहार क विभिन्न सरकार कोसी क संग भेदभाव केलक अछि, जखनकि एहि इलाका स कईटा पैघ राजनेता उभरलाह अछि। फेर कोसी क एहन उपेक्षा किया?

नरेंद्र ना यादव – नहि, हमरा नहि लगैत अछि जे कोसी क संग उपेक्षा भेल अछि। हमर सरकार कोसी क विकास लेल हर संभव प्रयास केलक अछि। कुसहा त्रासदी क बाद युद्ध स्तर पर राहत आ पुनर्वास क कार्यक्रम चलाउल गेल। हम सब आगू सेहो प्रयासरत छी। हम कोसी लेल केंद्र सरकार स मदद मंगने छलहुं, जेकरा अस्वीकार करि देल गेल। एकर बाद हमार सरकार विश्व बैंक क मदद स इलाका लेल कईटा योजना बनेलक अछि। इ कई करोड़ टका क पैकेज अछि। एहि स इलाका मे लगभग 125 पुल-पुलिया बनाउल जाएत। किछु क टेंडर सेहो भ गेल अछि। गाम क सड़क पक्की कैल जा रहल अछि। बाढ़ क समय राहत लेल सब पंचायत मे ऊंच टीला बनाउल जा रहल अछि। तटबंध कए मजबूत कैल जा रहल अछि। अगिला किछु साल मे लगभग 400 करोड़ कोसी इलाका मे इंफ्रास्ट्रक्चर क निर्माण पर खर्च कैल जाएत।

सवाल- लंबा समय स कोसी क जीवन-रेखा डुमरी पुल क्षतिग्रस्त अछि, मुदा एखनधरि सरकार एकर मरम्मत नहि करा सकल। की अगर एहने समस्या अन्य हिस्‍सा मे होइते, त सरकार क रवैया एहने रहिते?

नरेंद्र ना यादव- सन्‌ 2014 तक ओहि ठाम तीनटा पुल तैयार भ जाएत। एकटा पुल बीहपुर आ नौगछिया क बीच होएत। डुमरी पुल क बगल मे बनि रहल आइरन ब्रीज कए सेहो एहन मजबूत बना देल जाएत जे लंबा समय तक ओहि पर हल्‍लुक गाडी सब गुजरि सकत। डुमरी पुल क मरम्मत लेल सेहो सरकार विशेषज्ञ स राय लेलक अछि। विशेषज्ञ क कहब अछि जे एकर डिजाइन मे हल्का परिवर्तन आनि कए ठीक कैल जा सकैत्‍ अछि। किछु ओहने जेना हावड़ा ब्रीज अछि। दू साल बाद अहां देखब जे डुमरी क सामांतर तीनटा पुल होएत।

सवाल- एहन भ जाए त की कहब। मुदा एहन होएत? हम सब त कुसहा हादसा क समय सेहो बहुत किछु सुनने रही, मुदा की भेल? जिनकर घ ढहल, खेत बंजर भेल, परिजन मरल, हुनका की भेटल। हां, अधिकारी, नेता, दलाल क चांदी भ गेल। मुआवजा राशि मे लूट-पाट भेल। छातापुर मे एकटा बीडीओ सेहो धरा गेलाह। मुदा अंततः समय क संग सबटा शांत भ गेल।

नरेंद्र ना यादव- एहि सबटा सवाल क जवाब अछि। कार्रवाई भेल अछि। हम अहां कए एकर विस्तृत ब्‍योरा उपलब्ध करा देब।

सवाल- अहां गाम स अबैत छी। खेत-खेतिहर क तकलीफ बुझैत छी। अहां सब कोसी लेल किछु किया नहि करैत छी?

नरेंद्र ना यादव- ( चुप। सवाल क जवाब नहि फुरायल)

सवाल- एहन कोनो सेक्टर बताउ जाहि मे कोसी अंचल कए प्राथमिकता मे राखल गेल अछि।

नरेंद्र ना यादव- एहि सब सवाल पर गप करबा लेल हमरा सब कए कहियो आराम स बैसार करै पडत। एहि पर बहस हेबाक चाही।

सवाल- की इ उपेक्षा एहि इलाका संग एहि खातिर त नहि कैल जा रहल अछि किया कि एहि ठामक लोग साधारणतया अमन पसंद आ मासूम छथि ?

नरेंद्र ना यादव- (जवाब मे नहि फुरायल)

साभार- इ इंटरव्यू “द पब्लिक एजेंडा” क ताजा अंक मे प्रकाशित भ चुकल अछि।

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1 टिप्पणी

  1. Yadi Koshi kshetra par lamba bahas k jarurat acchi t ho.
    Sahrasa va Purnea va Araria va supaul muda ho.
    SAHARSA me AIIMS k hamar maang aa Purnea me IIM k managke Patname kay del gel neta sab dwara- Koshi kshetrak neta sootal chhathi.
    Palayan bhay rahal achhi- Saharsa stationk hal raatime ja k dekhi aau..
    Kusha bhena 3.5 saal bhel , aab dosar kusaha kathu aabi jay se sambhav..
    keval vajpayee Koshi Mahsetu dekhait acchi (muda okro nam leb sab mochh pijaine).
    Mithilak kono kalpana bina Koshik poorn sahyogk ekangee chhaik.

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