कोचिंग बिल कए भेटल झंडी

पटना। राजधानी पटना मे कोचिंग संचालक क मनमानी आ ओकर गुंडागर्दी कए रोकबा लेल विधानसभा बिहार कोचिंग संस्थान विधेयक 2010 पर अपन मुहर लगा देलक। एहि विधेयक क संबंध मे मानव संसाधन मंत्री हरिनारायण सिंह कहला जे एहि विधेयक क पारित भेला स राज्य मे कोचिंग संस्थान छात्र क शोषण नहि करि सकत। एहि विधेयक क अनुसार एक माह क भीतर सबटा कोचिंग संस्था कए सरकारी रजिस्ट्रेशन कराएब अनिवार्य होएत। निबंधन तीन वर्ष क लेल मान्य होएत आ एकरा लेल कोचिंग संस्थान कए सरकार कए 5 हजार टका दिए पड़त। एकर संगहि कोचिंग मालिक कए आब फीस क उल्लेख सेहो प्रोस्पेक्टस मे देनाई अनिवार्य अछि, ताकि ओ कोर्स क दौरान बीच मे अपन फीस मे इजाफा नहि करि सक ए।

की अछि प्रावधान-
कोचिंग संस्था कए तीन साल क लेल निबंधन अनिवार्य होएत।
निर्धारित अवधि मे सिलेवश खत्म करब अनिवार्य होएत।
सरकार कए रजिस्ट्रेशन कागज दैत समय ओहि मे फीस क उल्लेख।
शिक्षक क योग्यता क जानकारी देब अनिवार्य होएत।
मानवीय सुविधा मुहैया करब अनिवार्य होएत।
सरकार चाहत त कोचिंग संस्थान क रजिस्ट्रेशन रद्द करि सकैत अछि।

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