केंद्र क रवैया स बिजली परियोजना अधर मे

पटना। बिहार मे बिजली उत्‍पादन लेल पिछला किछु साल मे निजी क्षेत्र काफी निवेश करबाक इच्‍छा प्रकट केलक, मुदा अधिकतर निजी थर्मल पावर प्रोजेक्ट एकरारानामा तक सीमित भ रहि गेल। एकरारनामा क दौरान कहल गेल छल जे एहि स निवेश कए बढ़ावा भेटत, लोक कए रोजगार भेटत आ बिहार कए बिजली भेटत। मुदा एखन धरि एहन किछु नहि भेल। परियोजना मे देरी क मुख्‍य कारण बताउल जा रहल अछि कोल लिंकेज क अभाव। निवेशकक कहब अछि जे जमीन खरीद कए की करब, जखन धरि कोल लिंक नहि भेटैत अछि जमीन लेला स कोनो फायदा नहि। ओना निवेशक मानैत छथि जे जमीन अधिग्रहण एकटा पैघ समस्‍या अछि आ दिन प्रति दिन जमीनक मुआवजा बढत। तखनो बिना कोल लिंक कए जमीन मे निवेश करब ओ घाटाक सौदा मानैत छथि। हुनक कहब अछि जे कोल लिंक भेटलाक बाद जमीन अधिग्रहण क प्रक्रिया शुरू कैल जा सकैत अछि। ज्ञात हुए जे नागपुर क मेसर्स जास इन्फ्रास्ट्रक्चर कैपिटल प्राइवेट लि. द्वारा बांका मे 2640 मेगावाट, कोलकाता स्थित मेसर्स नालन्दा पावर कम्पनी प्रा. लि. द्वारा पीरपैंती मे 2000 मेगावाट, कोलकाता क मेसर्स गंगा पावर एण्ड नेचुरल रिसोर्सेज लि. द्वारा पीरपैंती मे 1320 मेगावाट, संग्रामपुर क कम्पनी मेसर्स इण्डिया पावर कारपोरेशन लि. द्वारा पूर्वी चम्पारण मे 1320 मेगावाट, गुडगांव स्थित एईएस इंडिया प्रा. लि. द्वारा भागलपुर क जगदीशपुर मे 1320 मेगावाट आ गुडगांव क कम्पनी मिराच पावर प्रा. लि. द्वारा लखीसराय मे 1320 मेगावाट क्षमता क विद्युत परियोजना क स्थापना लेल एकरारनामा पर हस्ताक्षर कैल गेल अछि। एकर अलावा बिहार पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर कम्पनी प्रा. लि. द्वारा विद्युत स्थल क चयन क प्रतिस्पर्धात्मक निविदा द्वारा न्यूनतम दर पर विद्युत उत्पादक एजेंसी क चयन करबाक अछि। एकर आधार पर पीरपैंती मे 1320 मेगावाट आ बक्सर क चौसा मे 1320 मेगावाट क थर्मल पावर प्रोजेक्ट लेल निविदा आमंत्रित कैल गेल, मुदा तकनीकी कारण स आगू नहि बढि सकल। एहि ठाम कोल लिंकेज नहि भेला स परियोजना क प्रति मात्र एकटा निवेशक रुचि देखैलथि। निवेशक क साफ कहब अछि जे केंद्र क रवैया नाउम्‍मीद करैत अछि। ओना ऊर्जा विभाग एखनो उम्मीद नहि छोडलक अछि। प्रोजेक्ट स्थापित करबा लेल एमओयू करि चुकल कम्पनी 12म पंचवर्षीय योजना अवधि अप्रैल 2012 स मार्च 2017 तक काज शुरू करबाक उम्मीद करि रहल अछि। मुदा सवाल अछि बिना कोल लिंक कए इ परियोजना आगू कोना बढत। गौतलब अछि जे एहि निजी परियोजना स 85 प्रतिशत बिजली बिहार कए भेटबाक अछि, जखन कि एनटीपीसी क थर्मल स बिहार कए अधिकतम 50 प्रतिशत बिजली भेटैत अछि।

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