केंद्र क उपेक्षा 4: बिहार कए अपन सूची स बाहर केलक पर्यटन मंत्रालय

नई दिल्‍ली। पर्यटन मंत्रालय लेल बिहार शायद एखनो पर्यटक योग्‍य जगह नहि अछि ताहि लेल मंत्रालय अपन सूची मे बिहार कए शामिल करबा स परहेज करि रहल अछि। इ आरोप कोनो 10-20 साल पहिने कैल गेल व्‍यवहार पर नहि लगाउल जा रहल अछि, बल्कि हाल मे कनाडा मे भेल एकटा आयोजन मे बिहार कए भारत क सूची स हटेबा पर लागि रहल अछि। पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार पिछला सप्‍ताह कनाडा आ अमेरिका मे एकटा रोड शो क आयोजन केने छल। दूनू देश मे भारतीय पर्यटन कए बढ़ावा देबा लेल आयोजित कैल गेल एहि रोड शो मे बिहार कए छोडि कए सबटा प्रमुख राज्य कए निमंत्रण देल गेल। ओना त पर्यटन मंत्रालय क बिहार संग पक्षपात करबाक लंबा इतिहास रहल अछि, मुदा इ ताजा उपेक्षा कोनो नजरि स तर्कसंगत नहि लागि रहल अछि। केंद्र क इ उपेक्षा तखन अछि जखन बिहारक चर्च पूरा दुनिया मे भ रहल अछि आ बिहार मे पर्यटकक संख्‍या मे पिछला पांच साल स सर्वाधित बढोतरी देलखल जा रहल अछि। एकर बावजूद केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय क उपेक्षाक हद अछि जे टूरिस्म स्‍पॉटक टॉप-टेन स बिहार गायब करि देल गेल अछि। जखनकि बोधगया आ राजगीर अंतरराष्ट्रीय आ राष्ट्रीय स्तर पर 23 फीसदी स बेसी पर्यटक कए अपना दिस आकर्षित केलक अछि। वेबसाईट पर बिहार क हाल इ अछि जे एकर ट्रेवल डाइरेक्ट्री मे बिहार क एकटा होटल क नाम सर्च नहि होइत अछि, आइटीडीसी क होटल आन राज्‍यक अपेक्षा बिहार मे काफी कम अछि। उत्‍तर बिहार आ पूर्वी बिहार मे त पर्यटन मंत्रालयक एक टकाक निवेश नहि देखल जा सकैत अछि। उपेक्षाक हालत इ अछि जे बेवसाइट पर बिहार राज्य सर्च करब त केवल पाँचटा शहर बाँका, बोधगया, पटना, राजगीर, सिकंदरा आ वैशाली क नाम अबैत अछि। एहि पांचटा शहरक चुनाव कोन आधार पर भेल इ बुझब कोनो बिहारी लेल कठिन अछि। एहि सूची मे यूनेस्को क विश्व विरासत क सूची मे आयल नालंदा आ दुनियाक सबस पुरान विश्‍वविद्यालय मे स एक विक्रमशिला विश्‍वविद्यालय एहि सूची स बाहर क देल गेल अछि। जखन कि पावापुरी आ सीतामढी सन जगह कए सेहो एहि मे शामिल करबाक चाहैत छल। मुदा महल आ पोखरिक शहर दरभंगा हुए बा सिल्क सिटी भागलपुर एहि मे कोनो शहर शामिल नहि कैल गेल। ओना राज्‍य सरकार अपन प्रयास स बिहार पर्यटन मे एहि वर्ष 10 फीसदी क विकास दर दर्ज केलक अछि। 2011 क सर्वे क अनुसार 2011-12 मे कुल 1.27 करोड़ पर्यटक बिहार एलथि जाहि मे 5.27 लाख पर्यटक केवल बुद्ध सर्किट लेल आयल छलाह। पिछला पांच साल स बिहार मे गोवा स बेसी पर्यटक आबि रहल छथि। एहन मे एक दिस बिहार कए देखबा लेल बिहार मे विहार करबा लेल देश-विदेश क लोक बिहार कए प्रमुखता द रहल अछि मुदा पर्यटन मंत्रालय लेल बिहार विहार योग्‍य नहि अछि। भारत सरकार क पर्यटन मंत्रालय क उपेक्षापूर्ण व्यवहार स बिहार मे पर्यटनक विकास कए समुचित गति नहि भेट रहल अछि। बिहार मे करीब 20टा एहन स्‍थान अछि जे विश्‍व स्‍तर पर पर्यटक कए आकर्षित क सकैत अछि, एकर विकास करबाक बदला मे पर्यटन मंत्रालय बिहार क पर्यटन कए अंतरराष्ट्रीय मानचित्र स गायब करबा मे लागल अछि। पर्यटन मंत्रालय बिहार क पर्यटन विभाग कए अपन सूची स बाहर जरूर क सकैत अछि, मुदा बिहार केंद्र क भरोस स कोनो योजना तैयार नहि क रहल अछि ताहि लेल पर्यटनक विकास तेज गति स नहि मुदा धीरे-धीरे जरूर भ रहल अछि। एहन मे सवाल अछि भारत क इतिहास बिहार भ कए जाइत अछि, भारत क नक्‍शा मे बिहार क स्‍थान दिल क जगह पर अछि, दिल क बिना सम्पूर्ण शरीर क कोनो अस्तित्व नहि होइत अछि, बिहारक इतिहास कए नजरअंदाज कए भारतक कोनो इतिहास लिखल नहि जा सकैत अछि, एहन मे केंद्र सरकार क पर्यटन मंत्रालय कोन आधार पर अपन सूची स बिहार पर्यटन कए बाहर क देलक अछि इ बुझब कठिन अछि।

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