की मोतिहारी सेहो दरभंगा बनि जाएत

कुमुद सिंह
आइ बिहारक लोक एक बेर फेर इ सोचबा लेल विवश अछि जे विकास क रोशनी पटना धरि रहत आ कि पटना स दूर प्रमंडल आ जिला मे सेहो देखबा मे भेटत। पटना मे आइआइटी खुललाक बाद आब केंद्र केंद्रीय विश्वविद्यालय लेल सेहो पटना मे जमीन मांगी रहल अछि। जखन कि एहि लेल मोतिहारिक नाम प्रस्‍तावित अछि।
देखल जाए त नीतीश राज मे विकास एखन धरि राजधानी पटना स करीब 50 किलोमीटर दूर पहुंचल सकल अछि। मंगलदिन बिहटा मे केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल आइआइटी परिसरक आधारशिला रखलथि त राज्‍यक चिरलंबित आकांक्षा-आइआइटी हकीकत बनि सामने आबि गेल। मुदा एकरा संग इ बहस सेहो जोर पकडि लेलक जे विकास आखिर पटना तक कहिया धरि रूकल रहत। हम इ सवाल कई साल स उठबैत रहलहुं अछि जे सरकार एकटा नव प्रकारक कैपटलिस्‍ट भ गेल अछि जे कैपिटल स आगू देखबा लेल तैयार नहि अछि। केंद्रीय विश्वविद्यालय लेल मोतिहारी क नाम कए एक प्रकार स खारिज करैवाला केंद्रीय मंत्रीक बयान स इ साफ भ गेल जे केंद्र एखनो समग्र बिहारक विकास कए रोकबा लेल तत्‍पर अछि। एहि स पूर्व सेहो केंद्र आ नौकरशाह एहन काज करैत एलाह अछि। जहि आइआइटीक आधारशिला पटना जिला मे राखल गेल अछि ओकरा लेल सबस पहिने दरभंगा आवाज उठेने छल। दरभंगा क सांसद आ तत्‍कालीन मानव संसाधन विकास मंत्रालय मे मंत्री एएए फातमी क नौकरशाहीक आगू झुकबाक खामियाजा दरभंगा कए भुगतए पडल, इ कचोट दरभंगा कए एखनो अछि जे एयरपोर्ट रहलाक बावजूद आइआइटी एहि कारण स एहि शहर मे नहि बनल जे दरभंगा हवाई सेवा स नहि जुडल अछि। फातमी कए त अपन करनी क फल भेटल मुदा आन नेता एकर बाद सचेत भ गेलाह । दरभंगाक मामला पहिल छल ताहि लेल नेताक ध्‍यान एहि दिस कम गेल मुदा आब मोतिहारी मामला नीतीश अपने देख रहल छथि । केन्द्रीय विश्वविद्यालय कए ल कए हुनकर नजरि एकदम साफ अछि। एहि मसला पर सेहो ओ केंद्र स दू दू हाथ करबा लेल तैयार छथि। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क मोतिहारी मे केन्द्रीय विश्वविद्यालय क स्थापना क मांग कए एक प्रकार स खारिज करैत जेना सिब्बल कहला जे केंद्र टका दैत अछि जे देश क जनता क लेल अछि। हम टका खर्च करि रहल छी त हमरा सेहो कनि फैसला लेबाक छूट भेटबाक चाही। .. अहां मोतिहारी मे केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलबाक संकल्प नहि लियउ। इ बिहार क छात्र क संग न्याय नहि होएत। हम समझौता करबा लेल तैयार छी त अहूं एहि लेल तैयार भ जाए। जहां धरि मोतिहारी क महात्मा गांधी क चंपारण यात्रा क कारण स ऐतिहासिक स्थल हेबाक गप अछि, त 21म सदी क आंदोलन आजादी क लेल नहि, नव आजादी क लेल अछि। हमरा इतिहास क संग-संग नव बाट पर सेहो ध्‍यान देबाक चाही, नहि त लक्ष्य तक नहि पहुंच सकब। सिब्‍बल क गप बिहारक कोनो लोक क गला नहि उतरल। सच पूछु त ओ जे कहला ओ घोर आपत्तिजनक अछि। इ अपमान केवल मोतिहारीक नहि पूरा बिहारक भेल। आखिर पटना मे संस्‍थान रहला स छात्रक भविष्‍य नीक भ सकैत अछि इ कहबाक पाछु कोन आधार भ सकैत अछि। बिहार मे शिक्षाक इतिहास देखल जाए त इ साफ अछि एहि ठाम शिक्षाक केंद्र पटना कहियो नहि रहल। सिब्‍बल कए बिहार मे शिक्षाक इतिहास क ज्ञान नहि अछि आ नहि ओ ज्ञान लेबाक कोशिश केलाह। ताहि लेल ओ इ कहबा स नहि चुकलाह जे हुनकर अनुभव इ अछि जे दूर क इलाका मे जतए जतए केन्द्रीय विश्वविद्यालय खुलल अछि, ओहि ठाम शिक्षक आओर छात्र दूनू क कमी देखबा मे भेटि रहल अछि। ओना सिब्‍बलक सबटा कुतर्क क उत्‍तर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देलाह। ओ कहला जे मोतिहारी एहि संस्‍थान लेल उपयुक्‍त जगह अछि । अगर छात्र पढबा लेल नालंदा आबि सकैत छथि त मोतिहारी किया नहि। केन्द्रीय विश्वविद्यालय लेल मोतिहारी मे 1000 एकड़ जमीन चिह्नित कैल जा चुकल अछि। गाड़ी आगू निकलि चुकल अछि, बिहार आब पाछु देखबा लेल तैयार नहि अछि। नालंदा विश्वविद्यालय मे पढबा लेल छात्र जेना इच्छुक छथि तहिना मोतिहारी लेल सेहो छथि। इ सड़क मार्ग स नीक जेकां जुडल अछि। नीतीश कुमार कहला जे इ संभव नहि जे सब किछु पटना मे हुए, एना बिहार क समावेशी विकास क सपना पूरा नहि भ सकत। आइआइटी कैम्पस लेल बिहटा मे 500 एकड़ जमीन कोना जुगाड भेल अछि इ सरकार जनैत अछि। मुख्यमंत्री कहला जे बिहार मे आबादी क घनत्व राष्ट्रीय औसत स तीन गुना बेसी अछि। एहन मे जमीन क अधिग्रहण मुश्किल काज अछि, अहां सोचि सकैत छी जमीन कोना लेल जा रहल अछि जखन कि एहि ठामक 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर अछि। एनआइटी-पटना सेहो जमीन क मांग करि रहल अछि। आइआइआइटी कए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मे खोलबा लेल हम इवेट पार्टनर ताकि लेलहुं अछि। केन्द्र सरकार कए आब एहि दिशा मे आगूक कार्रवाई करबाक चाही।
दूनू नेताक एहि मसला पर भेल बयानबाजी स एकटा गप त साफ भ गेल जे दरभंगा जेकां मोतिहारी कए नजरअंदाज नहि कैल जा सकत आ इ उम्‍मीद कैल जा सकैत्‍ अछि जे गांधीक कर्मभूमि पर बिहारक पहिल केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलबा लेल केंद्र सरकार राजी भ जाएत।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments

3 टिप्पणी

  1. Motihari me te kendriya vidyalay jarur khujat kiyak te otuka M.P. MLA. jagal achhi sabse besi otuka publick mithila se besi jagruk achhi hamar mithilak M.P. MLA aur janta seho “KUMBHKARAN” ke nind sutal chhati je sayad nahi jagtah. ja dhari nahi jagab ta dhari biharak bikas hoyat muda mithila jena pahine upeshit chhal ohina rahat.

  2. Yadi aisaa ho rahaa hai to bahut badi galati kar rahe hai log. Phir wahi islands banenge aur natijaa …. ashantosh aur asantulan. Darbhanga to ideal location thaa IIT ke liye. Naa to baadh Kaa khataraa aur naa hi law and order Kaa problem.

  3. Adhiktar, Mithilanchalak Neta apan pet bharai lel abait chathi, Pet bhari galain o suti rahlah. Ki kartah thakan bahut bhai jait chanhi kiyaki jatigat samasya aur dharmgat samasya sab bahut rahait chanhi. Ehi sab par kono dhyan nahi chanhi sab chor bhai jait chathi jena Kapil Sibbal aur auro neta chathi.

Comments are closed.