एहन श्रृंगार किया हम देखू

कुमुद सिंह
देशक बहुत रास शहर अपन स्‍थापत्‍य कला स प्रसिद्ध अछि। दरभंगा क कामेश्‍वर नगर सेहो अपन स्‍थापत्‍य कला लेल प्रसिद्ध रहल अछि। मुगल आ यूरोपियन स्‍थापत्‍य कलाक अनुपम संगम एहि ठाम देखल जा सकैत अछि। एहि नगरक खूबसरती एहन छल जे मिथिला विश्‍वविद्यालय जखन मोहनपुर स एहि नगर मे स्‍थानांतरित भेल त विश्‍वविद्यालयक पहिल कुलपति मदनेश्‍वर मिश्र एहि परिसर कए मात्र छात्र लेल नहि बल्कि दरभंगाक आम जनता क दर्शनार्थ करीब 3 किमी दीवाल कए तोडबा देलथि आ ग्रिलिंग करबा लोक कए एहि परिसर कए देखेबाक काज केलथि। मुदा आइ इ परिसर क देखनुख भवन कए खंडहर बनेलाक बाद विश्‍वविद्यालय प्रशासन एकर स्‍थापत्‍य कला कए सेहो खत्‍म करबा मे लागल अछि। हाल इ अछि जे मिथिला विश्‍वविद्यालय प्रशासन कए कामेश्‍वर नगर क स्‍वरूप कए नष्‍ट करबा क बस बहाना भेटबाक चाही। आम लोकक विरोध कए ओ जहां तक संभव भ सकैत अछि नजरअंदाज क दैत अछि। ओना हाल मे भारत क प्रथम भूकंपरोधि नरगौना पैलेस क सामने आवासीय परिसर त विरोध क बाद नहि बनि सकल, मुदा विवि प्रशासन ओहि विरोध कए मात्र नव निर्माण क विरोध बुझबाक गलती केलक। जखन कि ओ विरोध नव निर्माण क विरोध मात्र नहि छल,बल्कि विरोध स्‍वरूप कए नष्‍ट करबा आ एहि परिसर क स्‍थापत्‍य कला कए नजरअंदाज करबाक विरोध छल। विश्‍वविद्यालय प्रशासन एहि विरोध कए बुझबा लेल एखनो तैयार नहि अछि। दरभंगाक जनताक प्रतिनिधि नगर विधायक संजय सरावगी आ दरभंगा स्‍नातक क्षेत्र स विधान पार्षद विनोद चौधरी क आपत्तिक बावजूद परिसर मे बेतरकीब निर्माण कैल जा रहल अछि। यूरोपियन गेस्‍ट हाउस क सामने बनि रहल भवन क डिजाइन ओकर आसपास क पुरान भवन स कनेको मेल नहि खाइत अछि, जखन कि भवनक डिजाइन बनेनिहार लग इ पहिल शर्त राखल जेबाक चाहैत जे नव भवन पुरान स मिलैत जुलैत रहबाक चाही बा कम स कम पुराने भवनक स्‍थापत्‍य कला स प्रेरित भ कए बनाउल जेबाक चाही। मुदा एहन एहि परिसर मे बनल कोनो नव भवन क डिजाइन तैयार केनिहार लग कहियो शर्त नहि राखल गेल। एहन मे पुरान भवन आ नव भवन क डिजाइन मे कोनो मेल नहि देखा रहल अछि। एहि स भ इ रहल अछि जे पूरा परिसर क एकरूपताक संगहि सुंदरता खत्‍म हेबाक दुहारि पर अछि। जाहि परिसर क सुंदरता देखेबा लेल पहिल कुलपति दीवार खसा देलथि ओहि परिसर क सुंदरता कए खत्‍म करबा लेल वर्तमान कुलपति हर दीवार क सामने नव दीवार ढार क रहल छथि। नव भवनक नाम पर परिसर कए चितकबडा स्‍वरूप प्रदान क रहल छथि। देश भरि मे जतए कतहु एहि प्रकार क परिसर मे नव निर्माण होइत अछि ओतए पुरान डिजाइन क अनुरूप नव डिजाइन तैयार कैल जाइत अछि, ओकर रंग-रोगन कैल जाइत अछि, मुदा मिथिला विश्‍वविद्यालय जखन कोनो नव निर्माण केलक एकर ध्‍यान रखबाक कनिको ध्‍यान नहि रखलक। एहन मे जयपुर क पहिल सांसद गायत्री देवी क अंतिम साक्षात्‍कार याद आबि रहल अछि जाहि मे ओ कहने छलीह जे गुलाबी रंगक बिना जयपुर बेरंग लगैत अछि। एहिना पटना मे बिहार विद्यालय परीक्षा समितिक भवन एक मंजिला छल। कांग्रेस सांसद रामलखन सिंह यादव जखन ओकरा बहुमंजिला बनेबाक फैसला लेलथि त बाकी क मंजिल सेहो पुरान ढांचाक अनुरूप तैयार कैल गेल। एहन कईटा उदाहरण बिहार मे सेहो मौजूद अछि, मुदा दरभंगा मे एहन भावना आम लोक मे दिन प्रतिदिन कम होइत गेल, मुदा आब विरोध शुरू भ गेल अछि। दरभंगा क नव पीढी इ बुझि लेलक अछि जे अगर आब एकर विरोध नहि होएत त दरभंगा पहिने स एहि परिसर मे बहुत किछु नष्‍ट होइत देख चुकल अछि, एहन मे भविष्‍य मे कहीं हम एहि परिसर कए फोटो मे देखबा लेल नहि मजबूर भ जाए। हमरा सब कए इ बुझबाक चाही जे कामेश्‍वर नगर दरभंगा क धरोहर छी, विवि प्रशासन एहि धरोहर कए नष्‍ट करबाक कोनो नैतिक बा कानूनी अधिकार नहि रखैत अछि। विश्‍वविद्यालय प्रशासन जाहि रूप स एहि परिसर क श्रृंगार क रहल अछि एहन मे त बस एतबा कहि सकैत छी जे एहन श्रृंगार किया हम देखू।

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नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

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