एम्स कैंपस सेहो अछि जातिवाद क शिकंजा मे

aiimsनई दिल्ली/पटना। पिछला हफ्ता मुजफ्फरपुर क श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज-अस्पताल क मेस मे भोजन स पूर्व अपन जाति बतेबाक अनिवार्यता पर देशक अखबार आ समाचार चैनल खूब कहलक आ लिखलक। समाचार बिहार क छल ताहि लेल खूब चर्चा भेल। मुदा श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज कैंपस मे फैइलल जातिवाद क इ कोनो पहिल उदाहरण नहि अछि। एहि स पहिने सेहो कॉलेज कैंपस मे जातिवाद कए ले कए कईटा मामला सामने आबि चुकल अछि। मुदा एहि सब स गंभीर आ पैघ मामला देशक राजधानी दिल्ली मे उजागर भेल अछि। भारत क प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज एम्स मे अलग-अलग जातिक छात्र लेल अलग-अलग हास्टल निर्धारित कैल जाइत अछि। कईटा दलित छात्र इ आरोप लगौलथि अछि जे हुनका कथित तौर पर उच्च जाति कए छात्र अपन लगक कोठली मे नहि रहैय दैत छथिन । एतबे नहि छात्रक आरोप अछि जे हुनका सब लेल हॉस्टल मे एकटा अलग कोना बना देल गेल अछि। एम्सक पूर्व छात्रक कहब अछि जे देशक क प्रतिष्ठित एहि मेडिकल कॉलेज मे ओ भ रहल जे बिहारो मे नहि सुनबा मे आइल अछि। छात्रक आरोप अछि जे मेडिकल कॉलेज मे शिक्षक कॉपी जांचेत काल छात्र कए जाति क आधार पर नंबर दैत छथि। ओबीसी आरक्षण क मामला मे एम्स क संग पूरा देश क कईटा कॉलेजक कैंपस मे की-की भेल स त पूरा देश देखलक। कोना कए छात्र अगड़ा आ पिछड़ा खेमा मे विभाजित भ गेल छलाह आ एक-दोसर क दुश्मन बनि गेल छलाह।
रिपोर्ट तलब
ओना बिहार सरकार जातिगत आधार पर बनल मेस पर अस्पताल प्रशासन स रिपोर्ट तलब केलक अछि संगहि एकरा पर तत्काल रोक लगेबाक निर्देश देलक अछि।
बात कए बतंगर बनौलक मीडिया
अस्पताल प्रशासन एहि पूरा प्रकरण क लेल मीडिया कए दोषी मानैत अछि। प्रशासनक कहबाक छैक जे पहिल त इ मेस कॉलेज प्रशासनक अधीन नहि अछि। दोसर इ जे निजी स्तर पर संचालित एहि मेस मे जातिक आधार पर नहि बल्कि छात्र अपन मनमुताबिक भोजन ऑडर करैत छथि। अधिकारी कहैत छथि जे कॉलेज प्रशासन क दिस स मेस क संचालन कहियो नहि भेल, बल्कि छात्र अपने अपन मेस संचालित करैत छथि। एहि मे कॉलेज प्रशासन क कोनो हस्तक्षेप नहि होइत अछि। छात्र अपन इच्छानुसार भोजन बनबा खाइत छथि। जिनका जे नीक लगैत अछि ओ बनैत अछि एहि मे धर्म नहि अर्थक आधार कए मानल जा सकैत अछि। ओना सरकारक निर्देशक अनुसार मेस मे जातिक आधार पर भोजन देबाक जांच भ रहल अछि।
जातिवाद क एहि जहर कए रोकब जरूरी
की दिल्ली, की पटना । सब ठाम एकहि रंग मे रंगाइल अछि समाज। एक कात जतय हम दिल्ली कए बेहतर आ आधुनिक कहबाक मे गर्व करैत छी, ओतहि दोसर दिस एम्स मे जातिवाद सन दाग स दिल्लीक मुंह कए सुंदरता नुकेबा मे लागल छी। युवा कए देश क भविष्य मानल जाइत अछि। अगर देश क राजधानी मे जातिवाद माहौल बनल अछि, एहि ठाम देशक भविष्य अर्थात युवा मे एना जातिवाद क जहर घुलि रहल अछि, त फेर बिहार क समाज क कल्पना भला की कैल जा सकैत अछि।

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments

कोई जवाब दें