एकर हश्र एहने हेबाक छल

Harivansh-1
झारखंड क सपना देखनिहार आइ उदास छथि। उदास रहबाक कारणो अछि। पिछला नौ साल मे झारखंड जमीन स गर्त मे चलि गेल, जखन कि बिहार स अलग भेला पर सब सोचने छल झारखंड विकासक आकाश मे ध्रुव तारा बनि चमकत। एक कात जतय बिहार विकासक बाट पर चलैत बीमारू राज्यक कतार स बाहर निकलि रहल अछि, ओहि ठाम दोसर दिस झारखंड लेल अराजक शब्द छोट पडि़ गेल। हरिवंश जी लगातार एहि दूनू राज्यक हालात पर अपन विचार दैत रहला अछि। पिछला हफ्ता जेना झारखंडक इतिहास मे नव कलंक जुड़ल ओकर बाद प्रभात खबर मे हरिवंश जीक एकटा लंबा आलेख छपल। प्रस्तुत अछि एहि आलेखक प्रमुख अंश-
कोड़ा सरकार बनलाक बाद प्रभात खबर लगातार हुनकर कारगुजारी कए उजागर करैत रहल। अगर प्रभात खबर मे छपल दस्तावेज पर कार्रवाई होइते त आइ झारखंड क इतबा टका विदेश मे नहि गेल रहिते। धन महत्वपूर्ण नहि अछि। भ्रष्टाचार क संस्कृति कए झारखंड मे मजबूत बनेबाक काज सबस बेसी कोड़ा सरकार केलक। किछु दिन पहिने कोड़ाजी प्रभात खबर मे छपल खबर कए झुठला देने छलाह। इ प्रभात खबर क सवाल नहि छल। राज्य क सवाल छल। अगर पूरा मीडिया एहि सवाल पर एक मंच पर ठार भेल रहिते , त झारखंड लुटबा स बचि गेल रहिते। ओहि स बेसी झारखंड मे लोभ आ दलाली क संस्कृति एतबा मजबूत नहि होइते। इ घटना क बाद, शायद हम मीडिया क लोक सेहो एक मंच स जनता क सवाल पर एक संग ठार भ सकी।
झारखंड स जुड़ल नेता या झारखंड मे भेल भ्रष्टाचार क प्रसंग देश भरि मे छापल। कईटा राज्य क आठ शहर मे छापा मारल गेल। शायद कहियो कोनो एकटा राज्य क राजनीति स जुड़ल एतबा लोकक ओहि ठाम एक संग एतबा छापा नहि मारल गेल छल। एहि तरहें नौ वर्ष मे झारखंड देश मे रिकार्ड बना देलक। सूचना अछि जे एहि छापा मे आयकर आओर इन्फोर्समेंट विभाग क लोक छलाह। इ दूनू कए एक संग रहबा स एहि मामलाक गंभीरता साफ अछि। एक संग एतबा ठाम छापा इ सेहो बता रहल अछि जे गप (भ्रष्टाचार) केतबा आगू बढि़ गेल छल। छापा जहि वर्ग क लोकक घर मे पड़ल ओ सेहो दिलचस्प अछि। राजनीति, मीडिया, उद्योग स जुड़ल लोक क एहि मे नाम अछि। बिचौलियाक त गपे छोडू। एहि मे स अधिकतर लोक क हैसियत झारखंड बनैत समय लगभग सामान्य स नीचा छल। मुदा झारखंड बनलाक बाद एहि मे स कई गोटे करोड़पति, अरबपति भ गेलाह। जे गांव, शहर स बाहर नहि निकलल आइल छलाह ओ पूरा दुनिया मे पसरि गेलाह। अर्थशास्त्र क कोन गणित या ग्रोथ मॉडल स ? इ समाज नहि जनैत अछि। कानून कए सेहो शायद एकर तलाश अछि।
एहि छापा क खबरि सुनि कए झारखंड गठन क दौर मन परैत अछि। 15 नंवबर कए बिहार स झारखंड अलग भेल छल। विकास क लेल । कुव्यवस्था- अव्यवस्था क अंत क लेल। आदिवासी – गरीब क कल्याण क लेल। पशुपालन घोटाला झारखंड मे भेल, तखन बिहार क दौर छल। आब झारखंड बनलाक नौ वर्ष भ चुकल अछि। नौ साल मे झारखंड क जेतबा शोषण भेल, ओतबा शायद कहियो नहि भेल। शायद इ धरती बनबा स एखन धरि तक। झारखंड कए लॉलेस (कानून रहित) आ सबस भ्रष्ट राज्य बनेबा मे मधु कोड़ा सरकार क हाथ प्रमुख अछि, जे कांग्रेस, झामुमो आ राजद क समर्थन स चलल। इ भ्रष्टाचार झारखंड कए न्यूनतम 50 वर्ष पाछु धकेल देलक। कोना? आइ पूरा देश, झारखंड क इ घटना जानि कए स्तब्ध अछि। एहि गरीब राज्य स पैघ पैमाना पर पूंजी देश-विदेश गेल। निवेश क लेल। कई-कई हजार करोड़ क पूंजी आओर इ सब केलक के? धरती पुत्र । की झारखंड क राजनीति मे एहन तत्व क खिलाफ झारखंड क माइट स इ आवाज उठत? की झारखंड क धरती क युवा शोषक बनल अपन लोकक खिलाफ उतरत?
भ्रष्टाचार, देशद्रोह जइसन गंभीर मामला अछि। एहि स झारखंड मे गरीब क भविष्य क हत्या भ रहल अछि। गरीब आओर गरीब बनि रहल अछि। जे पुल-पुलिया बनि रहल अछि, ओ बनबा काल ढहि रहल अछि। अरबों क पुल-पुलिया गायब भ रहल अछि। करोड़ क सड़क चोरी चलि जा रहल अछि। यानी सिर्फ कागज पर काज भ रहल अछि। एहि ठाम मंत्री खुलेआम कहैत छथि जे कियो सरकारी कर्मचारी कहथि जे हुनका स टका ल कए हम हुनकर काज नहि केलहुं। इ अहंकार आ दर्प छल, मंत्री क । जाहि संविधान आ कानून क शपथ ल कए पद पर बैसलाह, ओकर जडि़ खोदैत रहलाह। ओकरे हत्या करैत रहलाह। इ भ्रष्ट तत्व पूरा नौकरशाही कए अशक्त आ पंगु बना देने छल। मीडिया क लोक कए सेहो अपन चंगुल मे ल लेने छल।
झारखंड क सत्ता मे इ सब पात्र (जिनकर ओहि ठाम छापा पड़ल) डूबि गेल छलाह। हिनका सब कए लगैत छल इ अजर-अमर अछि। टका स सब किछु सेहो करि सकैत छी। एहि गांधी कहने छथि, धर्म रहित कोनो राजनीति नहि होइत अछि। राजनीति, धर्म क सेवा करैत अछि। धर्म रहित राजनीति मौत क कुआं अछि आओर इ आत्मा कए सेहो मारि दैत अछि। धर्म स हुनकर अर्थ मनुष्य क उदात गुण आ लक्षण स छल। झारखंड क राजनीति क मूल मे मात्र धूर्तता छल। जाहि कात बेसी टका, पासा ओहि कात पलटि जाइत छल। येह दर्शन छल। एकर हश्र एहने हेबाक छल। इ साधन आ साध्य क गणित अछि। रासायनिक फ़ार्मूला क भांति। जाहि तरहे बेखौफ लूट भ रहल छल, ओकर परिणाम अछि इ छापा। लोभ, लालच आ सत्ता मद हिनकर आत्मा कए मारि देने अछि।

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