एकटा चूक स पिछडि गेल मधेपुरा

देश अपन स्‍वतंत्रताक 68 वर्ष पूरा केलक। एहि 68 वर्ष मे देश कतेको मामले मे सकारात्‍मक परिणाम देलक आ खूब प्रगति केलक अछि। सामाजिक, आर्थिक आ सांस्‍कृतिक प्रगतिक सं संग आन क्षेत्र मे सेहो देश उल्‍लेखनीय प्रगति केलक अछि। मुदा 1947 क परिपेक्ष मे देखिए त 2015 मे किछु एहनो क्षेत्र अछि जे उपेक्षित रहि गेल त किछु एहनो अछि ताहु स बदतर भ गेल। जाहि पर विचार आ मंथन समग्र विकास लेल जरूरी नहि बल्कि अनिवार्य अछि। आशावादी नजरि स  निराशावादी समाजक मसला कए उठेबाक हमर सतत प्रयास रहल अछि। आजादीक 69 साल बाद हम अपन शहर, अपन राज्‍य, अपन देश आ अपन समाज कए कतए आ कोना देखैत छी, ओकरा केहन आ कोना बनेबाक सपना गढैत छी ताहि पर इसमाद किछु विशेष लोक क आलेख अपने लोकनिक समक्ष राखि रहल अछि। आजादीक 69 साल बाद क एहि विशेष आयोजन क आजुक आलेख प्रस्‍तुत अछि।समदिया

सूरज मंडल 

Suraj Mandalविकास लेल कोनो क्षेत्रक अपन पहचान जरूरी दै, एहि मादे मधेपुरा कए जिला बनेबाक प्रयास सच पूछू त आजादी स पूर्व मे शुरू भेल। भागलपुर स अलग मधेपुरा क अपन अस्तित्‍व बनेबा लेल सतत प्रयास होइत रहल मुदा एकटा चूक नहि केवल सहरसा कए मधेपुरा स पहिने जिला बना देलक बल्कि मधेपुरा कए जिला बनबा लेल 1981 तक इंतजार करै पडल। सहरसा 1 अप्रैल, 1954 मे भागलपुर जिला स अलग जिला घोषित भेल, मुदा सहरसा क मुकाबला मधेपुरा जिला बनबा लेल बेसी योग्‍य छल। एहि लेल मुहिम सेहो चलि रहल छल। मुहिम कए सफल करबाक जिम्मा बिहार सरकार मे कानून विभाग क कैबिनेट मंत्री बाबू शिवनंदन प्रसाद मंडल पर छल जे एहि इलाकाक पैघ नेता छलाह। मुदा जाहि दिन एहि विषय पर सदन मे बहस चलि रहल छल ओ गहिर नींद मे छलाह। एहन सुतल छलाह जे मतदान तक मे भाग नहि ल सकलाह। बाबू शिवनंदन प्रसाद मंडल क आंखि अगर सदन मे खुलल रहिते त सहरसा क बदला मे ओहि दिन मधेपुरा जिला बनि गेल रहिते। सदन मे सहरसा क प्रस्‍ताव पारित भ गेल आ मधेपुरा क चर्च तक नहि भेल।

मधेपुरा कए जिला बनेबा लेल पहिल प्रयास 1935  मे कैल गेल। ओहि समय मे गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया एक्ट क तहत किछु प्रान्त मे जे चुनाव भेल, ओहि ठाम क सदर कए प्राइम मिनिस्टर या प्रीमियर कहल गेल। अतः जिला बनेबा लेल बिहार क प्राइम मिनिस्टर कए 1935 मे पहिल बेर ज्ञापन देल गेल। तत्‍कालीन प्रधानमंत्री बिहार डॉ श्रीकृष्ण सिंह एहि संबंध मे ज्ञापन स्‍वीकार केलथि। मुदा एकरा लेल गंभीर प्रयास शुरु भेल 1947 मे। सहरसा लेल जखन मुहिम शुरू भेल त मधेपुरा कए सहरसा स पहिने जिला बनेबाक मांग जोर पकडी लेलक। एहि उद्देश्य कए ल कए मधेपुरा कांग्रेस आफिस मे दिनांक 8-8-1947 क सांझखन करीब 7 बजे एकटा सार्वजानिक सभा भेल, जेकर अध्‍यक्षता भूपेंद्र नारायण मंडल केलथि। हुनक नामक प्रस्ताव देलथि उमादास गांगुली आ समर्थान केलथि शीतल प्रसाद मंडल।  एहि बैसार मे सर्वसम्‍मति स प्रस्ताव पास भेल जे मधेपुरा कए सहरसा स पहिने जिला बनेबाक चाही। जेकरा लेल निम्नलिखित कारण क उल्‍लेख कैल गेल-

(1) मधेपुरा उत्तर भागलपुर क मध्य मे पडैत अछि, मुदा सहरसा जिला क दक्षिण-पश्चिम मे अछि।

(2) मधेपुरा 80 वर्ष पुरान सबडिविजन अछि। सुपौल आ मधेपुरा मे सिविल कोर्ट, क्रिमिनल कोर्ट, जेल, अस्पताल आ प्रायः सब प्रकार क सरकारी महकमा मौजूद अछि। जनसाधारण कए मधेपुरा एबा-जेबा आ रहबा मे काफी सुविधा होएत। मुदा सहरसा एकटा नव जगह अछि आओर ओहि ठाम सबकिछु क निर्माण अनिवार्य होएत। एहन मे मधेपुरा मे जिला क सदर मुकाम भेला स सरकारी राशि क बचत होएत।

(3) मधेपुरा कोशी स दूर अछि आ एकर सतह सहरसा क सतह स 5 (पांच) फुट ऊँच अछि। मुदा सहरसा कखनो कोशी, तिलाबे आ धीमरा क प्रखर धारा  स प्रभावित भ सकैत अछि।

(4) जलवायु क दृष्टि स सेहो मधेपुरा स्वस्थ्य-कर अछि। सहरसा भयंकर महामारी (प्लेग, मलेरिया, कालाज्वर, हैजा, चेचक वगैरह) स प्रतिवर्ष पीड़ित रहैत अछि।

(5) यातायात क नजरि स जिला महकमा आ जन-सुविधा लेल मधेपुरा विशेष सुगम अछि। मुरलीगंज तक रेल सम्बन्ध, फुलौत तक बढ़िया सड़क आदि अछि।

(6) सुपौल क सातटा थाना क भीतर केवल सुपौल आ थरबिट्टा क सिवाय शेष पांच थाना (भीमनगर, प्रतापगंज, डगमारा, त्रिवेणीगंज,  छातापुर) क लोक कए मधेपुरा भ कए सहरसा जाइ पडैत अछि। एहि प्रकार स लोधरहारा कए छोडि कए बांकीये सात थाना (मधेपुरा, सिंघेश्वर स्थान, सौर बाज़ार, सोनबर्षा, किशुनगंज, आलमनगर, मुरलीगंज) क लोक कए मधेपुरा आयब बेसी सुविधाजनक होएत।

(7) एहि प्रकार स इ सभा सरकार स मांग करैत अछि जे वस्तुस्थिति क जांच लेल एकटा निष्पक्ष कमीशन नियुक्त क आवश्यक कार्यवाई कैल जाये।

(8) निश्‍चय भेल जे पाँच गोटेक एकटा प्रतिनिधिमंडल अतिशीघ्र आवश्यक अधिकारी सब स भेंट करि उक्त मांग पर चर्च करताह। एहि प्रतिनिधिमंडल मे बाबू भुवनेश्वरी प्रसाद मण्डल, बाबू सागर मल, मौलवी हलीम , बाबू कार्तिक प्रसाद सिंह, प्रेजिडेंट, थाना कांग्रेस कमिटी शामिल हेताह।

(9) एकर अलावा एकटा आओर कमेटी बनाउल गेल जेकरा एहि आन्दोलन कए बराबर चालू रखबाक जिम्‍मेदारी सौंपल गेल। एहि मे बाबू बिन्ध्येश्वरी प्रसाद मण्डल (सचिव), बाबू महावीर प्रसाद सिंह, बाबू सुधीन्द्र नाथ दास, बाबू कमलेश्वरी प्रसाद मण्डल , काजी अबू ज़फर, बाबू गजेन्द्र नारायण महतो, बाबू शीतल प्रसाद मण्डल, बाबू हलधर चौधरी,  बाबू कमलेश चन्द्र भाधुरी, बाबू सुरेन्द्र नारायण सिंह आ बाबू कैलाशपति मण्डल कए राखल गेल।

एहि बैसारक सबटा प्रस्‍ताव कए निम्नलिखित अधिकारी कए पढेबाक निर्णय सेहो भेल।
1. Home Member, Government of India.
2. President, Constituent Assembly.
3. H. E. Governor of Bihar.
4. Prime Minister, Government of Bihar.
5. President, Bihar Provincial Congress Committee.
6. Hon`ble Health Minister, Government of Bihar.
7. Parliamentary Secretary Babu Shiv Nandan Prasad Mandal & Babu Bir Chand Patel

एहि बैसार मे आन्दोलन हेतु चंदा सेहो संग्रह भेल। (1) बाबू बिन्ध्येश्वरी प्रसाद मण्डल – 10 रु/- (2) बाबू सागर मल – 10 रु/- (3) बाबू मदन राम – 10 रु/- (4) बाबू रघुनन्दन प्रसाद मण्डल – 15 रु/- (5) बाबू शीतल प्रसाद मण्डल – 5 रु/- (6) बाबू नंदन प्रसाद सिंह – 5 रु/- (7) बाबू भुवनेश्वरी प्रसाद मण्डल कहलथि जे शेष खर्च हम उठायब।

मधेपुरा कए जिला बनेबाक मुहीम क अभिभावक आ संरक्षक मधेपुरा क महान सपूत स्व रासबिहारी लाल मण्डल क पैघ पुत्र स्व भुवनेश्वरी प्रसाद मण्डल छलाह जे ओहि समय मे भागलपुर जिला कांग्रेस कमिटी क अध्यक्ष सेहो छलाह। वो तात्कालिक भागलपुर लोकल बोर्ड (जिला परिषद्) क सेहो अध्यक्ष छलाह। मुदा विधि क विधान एहन जे मधेपुरा क इ मुहिम शुरू भेल छल  तखने 1948 मे हुनकर मृत्यु भ गेल। बाद मे हुनकर पीसियौत भाई स्व भूपेंद्र नारायण मण्डल (रानीपट्टी) आ सहोदर छोट भाई स्व बीपी मण्डल एहि मांग लेल संघर्ष करैत रहलाह। मुदा सहरसा कए जिला बनेबाक फैसला जखन लेल जा रहल छल, तखन मधेपुरा क पैघ नेता आ प्रतिनिधि नेता स्व शिवनंदन प्रसाद मण्डल (रानीपट्टी), जे बिहार सरकार मे कबिनेट मंत्री सेहो छलाह, स एहन चूक भेल जे टीस मधेपुरा कए बहुत दिन तक कचोटैत रहल। 9 मई, 1981 कए आखिरकार ओ सपना पूरा भेल। मधेपुरा जिला बनल। एकर औपचारिक घोषणा रासबिहारी विद्यालय में आयोजित एकटा समारोह में भेल। सभा क अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री आ मधेपुरा क पहिल विधायक बीपी मण्डल क रहल छलाह। अपन भाषण क शुरुआत करैत स्‍व मण्डल कहला जे हम इश्वर कए धन्यवाद दैत छी जे हमरा जीवैत इ दिन आयल आ हम मधेपुरा कए जिला बनबा काल नीबैत छी। मधेपुरा कए जिला घोषित करबा लेल जे लम्बा पृष्ठभूमि रहल ओ स्व मण्डल क एहि उदगार स बुझल जा सकैत अछि। मधेपुरा जिला त बनल मुदा बहुत देरी स जाहि खारित इ इलाका बहुत पिछडि गेल। एकर ओ सतत विकास नहि भ सकल जे एकरा आजादी स पूर्व अपन आसपास क इलाका स आगू बढा रखने छल।

लेखक दिल्ली विश्वविद्यालय मे प्राध्यापक आ पूर्व मुख्‍यमंत्री बीपी मंडल क पौत्र छथि।

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