एकटा आर असंभव कए संभव करबा मे जुटलाह प्रत्यय अमृत

दानापुर स दीदारगंज तक बनत आब गंगा एक्सप्रेस वे, पंद्रह अगस्त क बाद निकालत आरएफक्यू
पटना।
बिहार मे एखन किछु एहन लोक अछि जेकर गप पर अहां विश्‍वास कए सकैत छी। एहि सूची मे सबस उपर जे नाम अछि ओ अछि असंभव कए संभव करि देनिहार पथ निर्माण विभाग क सचिव प्रत्यय अमृत कए। अमृत बिहार क लोकक एकटा पूरान सपना कए पूरा करबाक प्रयास मे लागल छथि, ताहि लेल एकर पूरा हेबाक संभावना पहिने स बेसी देखा रहल अछि। सपना अछि मुंबई मे समुंद्र क कछैर मे बनल मरीन ड्राइव जइसन सडक पटना मे गंगाक कछैर मे सेहो हुए। एहि सपना कए पहिल बेर आइ स लगभग 40 साल पहिने पटनाक लोक देखने छल। कई बेर एकरा लेल योजना बनल आ एक बेर त धनक व्‍यवस्‍था सेहो भ गेल छल, मुदा गंगा पर पुल बनेबा लेल केंद्र जखन धन नहि देलक तखन एहि सडकक लेल राखल टका स गंगा पर पुल बना देल गेल। एकर बाद सेहो एहि सडक लेल कई बेर चर्चा भेल, योजना बनल, मुदा मामला बहुत आगू नहि बढल। आब एक बेर फेर सक्रियता बढल अछि। मुदा एहि बेर दूटा गप नव अछि एकटा त एहि परियोजना स प्रत्यय अमृत सन लोकक जुडब आ दोसर पथ निर्माण विभाग पूर्व मे मरीन ड्राइव नाम स बनल एहि योजना मे संशोधन करि एकर नाम गंगा एक्सप्रेस वे करि देलक अछि। विभाग एहि लेल नव सर्वे करा परियोजना लेल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करा चुकल अछि। परियोजना लागत लगभग 2230 करोड़ अछि ताहि लेल तय कैल गेल अछि जे एकरा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड मे पूरा कैल जाएत। मुदा एकरा लेल इ अनिवार्य छल जे केन्द्रीय पथ परिवहन आ राजमार्ग मंत्रालय स एहि परियोजना कए मंजूरी भेट जाए। पिछला सप्‍ताह मंत्रालय गंगा एक्सप्रेस वे कए पीपीपी मोड मे शुरू करबा लेल मंजूरी सेहो द देलक। विभागीय अधिकारीक कहब अछि जे योजनाक केवल नाम बदलल अछि। गंगा एक्सप्रेस वे योजना दानापुर मे गंगा क कछैर स शुरू होएत आ बांकीपुर-दानापुर पथ क समानांतर बढ़ैत दीदारगंज तक जाएत। कुल 19.8 किमी लंबा इ सड़क फोरलेन होएत। बीच मे कई ठाम छोट-छोट पुल बनत। बांकीपुर-दानापुर पथ मे निकलबा लेल कई ठाम खास प्वाइंट सेहो बनाउल जाएत। योजनाक संबंध मे पथ निर्माण विभाग क सचिव प्रत्यय अमृत क कहब अछि जे परियोजना लेल पंद्रह अगस्त क बाद आरएफक्यू (रिक्वेस्ट फार क्वालिफिकेशन) आमंत्रित कैल जाएत। एक मास मे आरएफक्यू क माध्यम स निर्माण मे दिलचस्पी रखै वाला कंपनी क सूची तैयार करि लेल जाएत। एकर बाद आरएफक्यू स तय कंपनी स आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) मांगल जाएत। एहि स इ तय होएत जे कोन कंपनी परियोजना क काज लेत। राशि जुटेबाक संबंध मे ओ कहला जे गंगा एक्सप्रेस वे योजना क आर्थिक पक्ष इ अछि जे एकर निर्माण लेल पथ परिवहन आ राजमार्ग मंत्रालय स कुल परियोजना लागत 2230 करोड़ क बीस प्रतिशत 446 करोड़ वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) क रूप मे भेटत। 20 प्रतिशत राशि राज्य सरकार कए देबाक अछि आ शेष साठ प्रतिशत ओहि कंपनी कए खर्च करबाक अछि जे निर्माण क जिम्मा लेत। निर्माण कंपनी सड़क पर एक तय अवधि तक टोल लगाकए राशि संग्रह करत।

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