एकटा अभिनव प्रयोग रहल सुर समाद

नई दिल्‍ली। मैलोरंग द्वारा आयोजित सुर समादक आयोजन मैथिली संगीतक क्षेत्र मे एकटा अभिनव प्रयोग रहल। मैलोरंग अपन पहिल सुर समाद क केन्द्र मे रखलक गीतकार सुधीर क गीत रचना संसार। रविदिन साँझ 6.30 बजे स’ स्थानीय राजेन्द्र भवनक मुख्य प्रेक्षागृहमे समय स’ लगभग 15 मिनटक देरी स’ प्रारंभ भेल ई आयोजन मे प्रेक्षागृह समय स’ पूर्वहि प्रेक्षकगण स’ भरि चुकल छल। जखन कि एहि समय देशक महत्वपूर्ण आयोजन आई.पी.एल. क फाइनल मैच कए छोड़ि लोक सुर समाद सुनबा लेल दिल्लीक गर्मी 45/46 डिग्रीक पारा क झेलैत प्रेक्षागृह कए अपन उपस्थिति स’ भरि देने छलाह। कार्यक्रमक शुरुआत रंगकर्मी रंजू जीक प्रति हुनकर आत्माक शांति लेल एक मिनटक मौन स’ भेल। मैथिली रंगमंचक प्रति रंजूजीक लगाव, अभिनयमे हुनक लगाव, मैथिली मिथिला लेल शहादत आदिक चर्चा करैत नम आँखिए मैथिलीक प्रेक्षक लोकनि मौन भ’ ठाढ भेलाह।
तदुपरांत स्वागत कयल गेलनि साँझक मुख्य केन्द्र गीतकार सुधीर क। सुधीर आजुक समयमे सबस बेसी मैथिली गीत लिखनिहार आ मैथिल समाज मे कैसेट मे बजनिहार गीतकार छथि। मैलोरंग दिस स’ हिनकर स्वागत केलन्हि मैथिलीक सुप्रसिद्ध अभिनेता आ मैलोरंग रंगमंडल प्रभारी मुकेश झा। गीतकार सुधीर एहि तरह क पहिल आयोजन लेल मैलोरंग परिवारक भुरि भुरि प्रसंसा केलन्हि।
एकर बाद शुरू भेल सुधीरक गीत रचनाक श्रवण। प्रथमत: छल बिहार गीत जकरा स्वर देने छथि विकास झा आ देवानंद। एहि गीत कए ट्रैक पर बजाओल गेल आ एहि ध्वनि पर नृत्य केलीह तनीशा, बॉबी आ ज्योति। तीनू बहिना अपन नृत्य भंगिमामे शास्त्रियता कए समाहित क’ खूब नीक प्रस्तुति देलन्हि। एकर बाद मंच पर अयलाह युवा पीढ़ीक अग्रणी आवाजक प्रणेता देवानन्द। सुधीर लिखित सरस्वती वन्दना आ बौआ-बच्चा लेल लिखल गीत दूध रोटी गूड़ि क’ खुआ दे… गौलन्हि। लगाव आ स्नेह क परिचायक बनलीह सुश्री ऋचा ठाकुर। अपन शारीरिक असमर्थताक बादो ऋचा जी एहि सुर समाद मे अयलीह। हिनकर अदम्य साहस कए अहाँ लोकनि सेहो सलाम करबनि। ऋचा जी कए प्रेक्षागृह स’ बाहर हुनकर गाड़ी स’ उतारल गेलन्हि एकटा कुर्सी पर आ सब लोकनि हुनकर एहि कुर्सी कए उठा क’ मंच पर अनलाह आ मंच स’ ऋचा जी अपन खनकैत आवाज मे गीत गौलन्हि। कनियो क्लेश नै छलन्हि हुनकर मुखमंडल पर अपितु हुनक मुँहक आभा आरो मोहित करैत छल। जखनि ऋचा कए मंच पर आनल गेलन्हि सम्पूर्ण प्रेक्षक लोकनि ठाढ़ भ’ क’ हिनकर स्वागत केलथि। ऋचा जी दूटा गीत गौलीह पहिल सिहकि क’ पूर्वा वदन सिहराबै… आ दोसर छल कहबौ कि बहिना बेरिन भेल कंगना… सुन्दर गीत रचना आ ओहने सुन्दर आवाज। सुधीर क प्रति लगाव आ आगू बैसल सुधि प्रेक्षकक स्नेह स’ तृप्त भ’ ऋचा आओर गीत गाबए चाहैत छलीह, मुदा समयाभावक कारण ई संभव नै भ’ सकल।
आब मंच पर अवतरित भेलाह गायक सुनील कुमार पवन। सुनील पवनजी मंचपर अपन हारमोनियम ल’ बैसलाह आ सुधीरक रचना से अछि माँ कए आँचर… आ भ्रूण हत्‍या पर आधारित गीत बेटी कए जनम स’ डेराय कए… गौलन्हि। प्रेक्षागृह कए अपन तान स’ शास्त्रीय गायन दिस मोड़ि लेलाह। कुमकुम मिश्रा जखन मंच पर ठाढ़ भेलीह त’ हुनकर गीत आबि जाउ कटनी मे गाम हेयौ सजना… सुनि युवा प्रेक्षक लोकनि झुमि उठलाह। मंच पर कुमकुम क उपस्थिति आकर्षक छल। अपन ध्वनि मे अलग अलग टोन कए खूब नीक जेना समाहित केने छलीह। प्रेक्षक लोकनि कए आओर गीत सुनबाक इच्छा छलन्हि संगहि कुमकुम कए सेहो आओर गीत गेबाक मोन रहन्हि, मुदा समयाभावक ….।
आब मंच पर स्वागत भेलन्हि मैथिली गीतक हरफनमौला विकास झाक। अपन तान मे सुधीर क रचना दिल्ली मुम्बई आ आसाम… गौलाह। गीत समकालीन छल। एकरे संग विकास एकटा जिंगल सेहो गेलन्हि … बिन्देसरा बीए पास… मस्त आवाजक आ सुन्दर मंच ज्ञान छनि विकास मे। ककरो डॉक्टर ककरो अफसर… गीत ल’क’ मंच पर अयलीह अंजू झा. प्राय: सब आयोजन मे श्रोता लोकनि हिनका स’ ई गीत अरबैद्ध क’ सुनैत छथि। अपन गीत गायन मे खूब नीक आभिनय के सेहो संयोजित करैत छथि अंजू जी। हिनका बाद एकटा एहन सुपरिचित गायक औलाह मंच पर जे एखन तक सुधीर क मात्र गीत गबैत छथि आ अपन आवाजक तानक उठान स’ केहनो श्रोता कए अपना दिस खिचबाक सामर्थ रखैत छथि। मैथिलीक प्रसिद्ध गयाक धनिकलाल मंडल जी पहिने त’ ठुमरी गेबाक विचार केने छलाह मुदा दर्शकक चाह आ मंच संयोजनक कारण ओ ठाढ भ’ क’ गेबाक विचार केलन्हि आ हेरायल बयार… गेलन्हि। हिनकर आवाज समुच्चा प्रेक्षागृह कए उद्वेलित क’ देने छल। अद्भुत तानक मालिक छथि धनिकलाल मंडल जी। एक-एकटा दर्शक लोकनिक मुँह स’ वाह-वाह निकलि गेलन्हि। आब अयलीह रश्मि रानी। रश्मि अयलीह आ पूर्वा वयार जेना लचकै छै डॉर केना… गीत के गाबि सराबोर केलन्हि।
एकर बाद मंच पर स्वागत भेलन्हि आयोजनक अतिथि उस्ताद जौहर अली खाँ साहबक। उस्ताद साहबक स्वागत केलन्हि पत्रकार आशीष झा। उस्ताद साहब मंच पर वायलीन स’ मधुर ध्वनि प्रसारित केलन्हि। ई रोमांचित क्षण छल जखन उस्ताद जी क वायलीन स’ मैथिली गीत रचना निकलि रहल छल।
भोला बाकाक स्तुतिक लेल मैथिली गीतक ओ आवाज जे घर घर बजैत छथि ओ अछि आमोद झा। आमोद अपन गायनक मात्र एकटा अंतरा मे अपन गायनक परिचय द’ देलन्हि। हिनकर आवाजक बुलन्दी आ गायनक तान जाहि मे शास्त्रीयताक मिश्रण स’ प्रेक्षक लोकनि गदगद भ’ गेलाह। कार्यक्रमक अंत सुधीर क लिखल महेशवाणी स भेल। भाष्कर झा ओकर एकटा अंतरा गेलाह। मुदा एक मात्र अंतरा मे भाष्कर अपन सुमधुर ध्वनि स’ मोहित क’ गेलाह। मंचपर अयनिहार सब गायक लोकनि कए मैलोरंगक अभिनेता आ संरक्षक सदस्य लोकनि मैलोरंग स्मृति चिह्न द’ क’ स्वागत केलथि। एहि गायक लोकनि कए गायन संग मंचपर वाद्य यंत्र पर रहथि : भोला वर्मा (तबला), नवनीत (कीबोर्ड), सोमेश्वर (बाँसुरी), ब्बाबू भाई (पैड), मुरारी जी (नाल) आ एकलाख भाई (बैंजो). अपन पारिवारिक कारण स’ गायक सुरेश पंकज नै पहुँच सकलाह, मुदा हिनकर अनुपस्थिति कनियो नै अखरल। मंच संचालन मैलोरंग क कर्ताधर्ता आ निर्देशक प्रकाश झा केलथि।
एहि अवसर पर मैलोरंग दूटा कार्यक्रमक घोषणा सेहो केलक जाहि मे पहिल आगामी 27 अगस्त (रविदिन) मैलोरंग रेपर्टरीक अभिनेता लोकनि स्थानीय श्रीराम सेंटर प्रेक्षागृहमे प्रथम आधुनिक मैथिली ‘सुन्दर संयोग’ मंचित करत. सुन्दर संयोगक रचना 1905 ईमे कविवर जीवन झा द्वारा भेल छल। मुदा विडम्बना अछि जे ई नाट्य प्रस्तुति एखन तक मंचित नै भेल अछि। दोसर घोषणा आओर महत्वपूर्ण अछि। दिल्ली मे 24 – 30 दिसम्बर, 2012 तक सात दिनक ‘मलंगिया नाट्य महोत्सव’ क आयोजन कयल जायत। एहि मे सातो दिन महेन्द्र मलंगिया लिखित सात टा नाटकक मंचन होयत। ई आयोजन सेहो श्रीराम सेंटर प्रेक्षागृह मे होयत।

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