उमानाथ बाबू नहि रहलाह

दरभंगा । मैथिल विद्वान आओर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ उमानाथ झाजी आब एहि दुनिया मे नहि रहलाह। सोम दिन हुनकर निधन भ गेल। डॉ उमानाथ झा जीक जन्म 1 जनवरी, 1923 के मधुबनी जिला के महरैल गाम मे भेल छल। साहित्यकार, कथाकार उमानाथ जी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष क संग-संग 1981 स 1983 धरि प्रो वीसी सेहो रहलाह। हुनकर अंतिम संस्कार सतीस्थान मे बागमती नदी कात मे भेल। हुनकर ज्येष्टï पूत्र अरविंद सुंदर झा हुनका मुखाग्नि देलथि। डॉ साहेब कइटा पोथी क रचनाक संग-संग कई टा पोथी आ पत्रिकाक संपादन सेहो केने छथि। हुनकर रचना मे अतीत ( कथा संग्रह 1984 ), मैथिली नवीन साहित्य, इंद्रधनुष , विद्यापति गीतशती (संपादन), किम अधिकम, बीतल दिन आ बिसरल लोक शामिल अछि। अतीत के लेल उमानाथ बाबू कए 1987 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सेहो भेटल छल। उमानााि बाबूक निधन क समाद सुनि पूरा मिथिला मे शोक क लहर अछि आओर विद्वानक कहब अछि जे इ मैथिली साहित्य क एकटा युगक अंत अछि।

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