ई प्रतिघात बहुत किछ कहैत अछि !

हि‍तेंद्र गुप्‍ता
पूर्णिया के बीजेपी विधायक राजकिशोर केसरी ह्त्या केर मामला दिन पर दिन उलझल जा रहल अछि. मामला ओतेक सीध नहि अछि जतेक देखायत अछि. लोक एकर तह मे जतेक जाए के कोशिश करय छथिन्ह ओतेक नव-नव गप सुनय मे आबि रहल अछि. विधायक केसरी…विपिन राय…रुपम पाठक…विधायक जीक चेला-चपाटी…पुलिस… पत्रकार सभक भूमिका सवालक घेरा मे अछि.
एमएलए केसरी के संग-संग हत्या करय वाली रुपम पाठक के लsक सेहो दस तरहक बात सुनय मे आबि रहल अछि. आओर इलाका के लोक सभ सं बेसि बात छुपल नहि छनि. एहि ठंडी मे घूर तापैत पूरा इलाका मे लोक एहि बारे मे गप करय छथिन्ह. सर्दी के सभसं हॉट टॉपिक बनि गेल अछि. तरह-तरह के बात करि रहल छथिन्ह. आओर एहि गप..चर्चा मे दूनु गोटे सवालक घेरा मे छथिन्ह.
पुलिस सेहो एहि मामला के हाई प्रोफाइल होबय के कारण दबौने रहल. जेडीयू-बीजेपी के सरकार होए के कारण पुलिस एहि मामला मे बेसि विधायक जीक संग देलक. विधायक जीक कहय के अनुसार चलल. हत्या सं पहिने रुपम पाठक के दर्ज मामला पर ध्यान देल गेल रहैति त प्रतिघातक ई दृश्य सं बाचल जा सकय छल.

पत्रकार के मामला लोक के सामने लनाय चाही
इलाका के पत्रकार भाई लोकनि सेहो सवालक घेरा मे छथिन्ह. जखन हुनका सभ के एतेक पता छलनि त ओ पहिने जे मामला दर्ज भेल छल ओहि समय सं एकरा जोर-शोर सं उठौने रहतथिन्ह. हत्या केर बादहुं पत्रकार सभ खुल क नहि आगां आबि रहल छथिन्ह. या त ओ केसरी जी सं प्रभावित छलाह आ फेर बस प्रेस विज्ञप्ति टाइप खबर पर निर्भर छलाह. जे डीएम…एसपी आओर एमएलए कहय छलखिन्ह सेहे छापय लेल भेजय छलखिन्ह. एहि मामला मे पुलिस एकटा पत्रकार के पूछताछ के लेल ल गेल अछि. एहि के खिलाफ बिहारक… इलाका के पत्रकार सभ आवाज नहि उठा रहल छथिन्ह. सभ चुप्पी साधने छथिन्ह. ई खबर के लिहाज सं… पत्रकारिता के लिहाज सं आओर प्रेसक स्वतंत्रताक लिहाज सं नीक नहि अछि. प्रशासन त मानैत अछि पेपर… अखबार के पत्रकार सभ दू-चारि दिन खबर करताह मामला शांत भ जाएत. फेर ककरो कोनो चिंता नहि.

सुशील मोदी कए थू-थू
एहि मे बिहारक उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के सेहो पाक-साफ नहि कहल जा सकय छनि. ओ बिना कोनो जांच कएने रुपम पाठक पर दस तरहक आरोप लगा देलखिन्ह आओर अपन पार्टी विधायक के क्लीन चिट द देलखिन्ह. रुपम पाठक एकटा स्कूल चलाबय छलीह… पढ़ल-लिखल समझदार छलीह. आब जेहि तरहे होए विधायक जीक घर अनाय-जनाय छलन्हि. अगर रुपम जीक दिमागी हाल खराब छलैनि त कि एमएलए साहेब अपना घर किएक आबय-जाए दै छलखिन्ह? अगर ब्लैकमेल करय छलीह त कि विधायक जी एहि बारे मे कोनो शिकायत करौने छलखिन्ह? कि स्कूल के सुविधा दिआबय के नाम पर केसरी जी आओर हिनकर सहयोगी विपिन राय रुपम पाठक सं संपर्क नहि बढौने रहथिन्ह? पुलिस पत्रकार के पूछताछ के लेल त तुरंत ल गेल मामला के अहम कड़ी विपिन राय के किएक नहि ल गेल?
अगर रुपम मानसिक रुप सं ठीक नहि रहतीह त ओ केसरी जी सं अकेले मे मिलय के बजाय ओतय सभ लोक के बीच मे चाकू मारि सकय छलीह. ओ त जब कोनो चीज सर सं ऊपर गुजरय लागैत अछि त लोक किछिओ करय लेल तैयार भ जाएत अछि. एक तरहे रुपम पाठक लेल ई मामला चरम पर… पराकाष्टा पर पहुंचि गेल होएत तैं ओ ई कदम उठौने होएतीह.
फेर समाज मे… एहि पुरुष प्रधान समाज मे महिला के लोक दस तरहे बदनाम करैत अछि. पुरुष बाचल रहैत अछि… महिला के दस तरहे अग्नि परीक्षा देबय पड़ैत अछि. भ सकैत अछि केसरी जीक चक्कर मे दोसरो लोक सभ हुनका परेशान करय के शुरू क देने होएथिन्ह जेहि सं आजीज आबि ओ एहि कदम के उठाबय लेल बाध्य भ गेल होतीह.

नीतीश कुमार पर आंच
एहि मामला मे आंच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सेहो आबि रहल छनि. ओ जांच के बात करय छथिन्ह आओर हुनकर उप मुख्यमंत्री विधायक जीके पाक-साफ बता रहल छथिन्ह. हुनका ई पता लगाबय पड़तन्हि जे कोन हाल मे पहिने के मामला वापस लेल गेल छल. कि रूपम पाठक विधायक जीक प्रेशर सं परेशान भ गेल छलीह? आखिर केसरी जीक लगातार चारि बेर चुनाव जीतय के कारण कतहुं बाहुबल त नहि छल?
नीतीश जी एहि बेर जोर-शोर सं जीत क अएलाह अ मुदा एहि जीत मे हुलास पांडेय…सुनील पांडेय के रंगदारी वाला मामला… विधायिका बीमा भारती के बाहुबली पति सं मारि खा अस्पताल मे भर्ती होनाए…आओर आब केसरी जीक हत्या….सभ सरकार के बदनामी के लेल काफी अछि. नीतीश जी अहां कानून व्यवस्था के नाम पर फेर सं कुर्सी पर बैसलौं… मुदा ई हाल रहत त लोक के अहां पर सं विश्वास टूटय लागत. अहां के सख्त कदम उठाबय के जरूरत अछि आओर लोक अहांके संग देत.
एहिठाम मामला रूपम के कदम के… काज के समर्थन करय के नहि अछि मुदा सरकार के त ई पता लगैबाके चाही कि ओ कोन स्थिति आबि गेल जे एकटा टीचर के चाकू उठाबय लेल बाध्य होबय पड़ल? सवाल ईहो अछि अगर केसरी जी पाक-साफ छलाह… लोकप्रिय छलाह… बाहुबली नहि छलाह… रुपम जीके कोनो तरहे परेशान नहि करय छलखिन्ह…यौन शोषण मे कोनो हाथ नहि छलन्हि… तखन कि ई विरोधी के साजिश छल? कि ई हुनका राजनीतिक रूप सं सफाया के लेल कएल गेल? कोनो बात होए लोक के सामने मामला के दूध के दूध आओर पानी के पानी त होबाके चाही. सभ लोक जानय चाहय छथिन्ह जे आखिर ई भेल किएक?
लेखक वरीय पत्रकार आ हैलो मि‍थि‍लाक मोड़यूलेटर छथि‍

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