आर ब्लाक- दीघा रेल खंड पर सड़क निर्माण लेल भूखंड कराओल जायत अतिक्रमण मुक्त

पटना । रेलवे से स्वीकृति भेंटते राज्य सरकार आर ब्लाॅक– दीघा रेल खंड पर सड़क बनेबा लेल सक्रिय भ गेल अछि आ एसिडिटी हेतु प्रशासन के मार्ग रेखण क भूमि अतिक्रमण मुक्त करेबा के आदेश देलक अछि। आदेशक आलोक में प्रशासन अतिक्रमित भूमि के अतिक्रमण मुक्त  करेगबा लेल अतिक्रमण खाली सब के चिन्हित कय , जे लगभग ५६० कच्चा पक्का अवैध निर्माण छैक, सात दिन क समय स्टाल हेतु देलक अछि। यदि एहि  अवधि में  भू-खंड खाली नहि होयत त प्रशासनिक स्तर पर तोड़ल जायत।
इंद्रपुरी आ राजीवनगर इलाका में बन्द मंदिर सब के दोसर स्थान पर शिफ्ट कयल जायत।
शुक्र दिन डी एम कुमार रवि आ एस डी ओ सुहर्ष भगत पुलिस प्रशासन संग एहि रेल खंड। के नीरिक्षण कयल। नीरिक्षण के क्रम में ओ भू-खंड क लम्बाई चौड़ाई बगल मे बहैत नाला के स्थिति देखलथि। ओ कहलनि जे प्रशासन द्वारा मुनादी करवा सात दिन के अन्दर यदि अतिक्रमण स्वयं  खाली नहि करता तो प्रशासनिक कार्रवाई कयल जायत।
७१ एकड़ भू-खंड क चौड़ाई औसतन ४० मी.अछि आ कतौ कतौ ११०से ११६ फीट अछि।कच्चा आ झुगी झोपड़ी सब के हटेबाक काज रेलवे से नक्शाआ खेसरा पंजी प्राप्त भेलाक बाद शुरु कयल जायत। एस डी ओ बजला  जे कार्ययोजना के अनुरूप पाँचो थाना आ अंचल अधिकारी सब के नव निर्माण नहि  रोकबा के आदेश देल गेल अछि। अतिक्रमण हटेबा लेल रेल आ पर निर्माण विभाग से सहयोग लेल जायत। मार्ग रेखण क अंदर अवस्थित मंदिर के चुनौतीपूर्ण कार्य मानैत एस डी ओ बजला जे एसिडिटी हेतु अंचल अधिकारी के उचित जगह निर्धारित करबाक निर्देश देर गेल अछि जंतर मंदिर शिफ्ट कयल जा सकय।
पूर्व मध्य रेलवे के जीएम एल सी त्रिवेदी कहलनि जे एसिडिटी रूट पर रेल परिचालन सप्ताह के अंदर बंद भ जायते। ओ जनौलन्हि जे विहार सरकार रेलवे के खाता में २२१ कड़ोर टांका एहि काज लेल देते।एकर बादे जमीन विहार सरकार के नाम से होयत। डी एम  श्री कुमार रवि बरसात बाद सड़क निर्माण दीघा पुल तक शुरू करबाक संबंध में कहलनि। मुख्य सचिव दीपक कुमार शुक्र दिन रेल अधिकारी संग आयोजित बैठक मे आश्वस्त कयल जे राज्य सरकार रेलवे के ३० जून तक २२१ कड़ोर टांका द देत।
एसिडिटी मध्यम कागजी प्रक्रिया पूरा करने लेल जायत आ एहि सड़क के, जेपहिने दीघा स्टेशने तक बनै बला छल, आब दीघा पुल तक बनाओल जायत।  जी एम श्री त्रिवेदी कहलनि जे ३८० कड़ोर के लागत से बनैय बाला एसिडिटी सड़क क निर्माण में रेलवे पूर्ण सहयोग करत।आ तीन वर्ष के अंदर निर्माण कार्य पूरा करबाक प्रयास होता।

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