आखिर विनोद कए भेटल साहित्‍य पुरस्‍कार

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नई दिल्‍ली। मैथिली मे वर्ष 2011 क लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार क चयनक सूचना भेट रहल अछि। जानकारिक अनुसार एहि साल इ पुरस्‍कार उदय चन्द्र झा विनोद कए काव्य संग्रह ‘अपक्ष’ लेल देल गेल अछि। ओना एकर आधिकारिक घोषणा 13 फरवरी क बाद होएत। पुरस्कार क संभावना पर उदय चन्द्र झा विनोद क कहब अछि जे एकर आधिकारिक घोषणा तक बाट तकबाक चाही। ओना ओ कहला जे अगर एकर आधिकारिक घोषणा होइत अछि त हुनका परम संतोष होएत। एहि काव्य संग्रह क दीर्घ काव्य ‘मृत्यु नहि जीवन’ काफी चर्चा मे रहल अछि। भ्रूण हत्या पर हिनक लिखल कविता ‘अंतिम पत्र’ सेहो काफी चर्चित रहल अछि। कवि उदय चन्द्र झा विनोद मूल रूप स मधुबनी जिला क बिस्फी प्रखंड अन्तर्गत दुलहा गांव क निवासी छथि। 2003 मे सीनियर आडिटर पद स सेवानिवृत्त भेलाह। ओ 2008-09 मे लनामिवि क वित्त पदाधिकारी सेहो रहलाह। विनोद क पहिल कविता 1967 मे आयल। विनोद जी क मैथिली मे करीब दर्जन भरि पुस्तक प्रकाशित भ चुकल अछि। 1971 मे हिनक पहिल कविता संग्रह ‘संक्रांति’ प्रकाशित भेल छल। 1972 मे ‘धूरी’, 1978 मे ‘मौसम अयला पर (एकरा मैथिली अकादमी क प्रोत्साहन पुरस्कार भेटल छल)’, 1982 मे ‘एहन स्थिति मे’, 1985 मे ‘भरि देह गौरा’, 1989 मे ‘एहि जनपद मे’, 1991 मे ‘दोहा 302’, 1996 मे ‘कहलनि पत्नी’, 1999 मे ‘शहर जमीन’, 2001 मे ‘अपक्ष’ काव्य संग्रह प्रकाशित भेल। 1984 मे हिनक मैथिली कहानी संग्रह ‘जांत’ आ 1992 मे नाटक ‘उदास गाछक बसंत’ सेहो प्रकाशित भ चुकल अछि।
श्री विनोद कए पुरस्‍कार भेटला पर साहित्‍य जगत सेहो गदगद अछि। मैथिली अकादमी पटना क अध्यक्ष कमलाकांत झा मौलिक पुरस्कार लेल उदयचंद्र झा विनोद क पुस्तक क चयन पर खुशी जाहिर केलथि अछि। ओ कहला ले श्री विनोद क मैथिली सेवा क इ परिणाम छी। अनुवाद पुरस्कार लेल खुशीलाल झा क चयन कए सेहो ओ उचित कहला। लना मिथिला विवि स्नातकोत्तर मैथिली विभाग क अध्यक्ष डॉ. वीणा ठाकुर कहलथि जे श्री विनोद कए पुरस्कार देब सराहनीय अछि। साहित्यकार डॉ. अशोक कुमार मेहता कहला जे विनोदजी सन साहित्यकार क सम्मान उचित अछि। डॉ. चंद्रमणि कहला अछि जे श्री विनोद लंबा समय स मैथिली साहित्य क सेवा करि रहल छथि। हुनकर पुस्तक अपक्ष कए पुरस्कृत देब स्वागत योग्य गप अछि। पुरस्कार क घोषणा मे देरी पर दुख व्‍यक्‍त करैत चंद्रमणि कहला जे अतिवृद्ध क बदला मे दोसर पीढ़ी क रचनाकार कए जूरी मे जगह देबाक समय आबि गेल अछि। जड़ता आब टूटबाक चाही।

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  1. विनोद जीकें साहित्य अकादमी पुरस्कारक लेल शुभकामना। मुदा पुरस्कार घोषणा मे विलम्ब किछु शोचनीय प्रश्नक जन्म देलक अछि आखिर देरी कियाक भेल?

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