आखिर बिहार कए की बुझैत छैक लोक

पटना। इ सही अछि जे बिहार में बहुत दिन त प्रशासन निष्क्रिय रहल आ सरकार नामक चीज नहि छल, मुदा देश दुनिया क नजरिया बिहारक प्रति एखनो ओहिने अछि, जखनकि बिहार बदलि चुकल अछि। विदेशी कंपनीक दुस्साहस आ केंद्रक लापरवाही स बिहारक जमीन संग दुष्कर्म करबाक खेल शुरू भ चुकल छल। मुख्यमंत्री क अनुमति क बिना बीटी मक्का क प्रयोग शुरू करबाक मामला सामने एलाक बाद पूरा बिहार हैरान अछि। बिहार कए बीटी मक्का क प्रयोगशाला नहि बनेबाक फैसला किसान संग सरकार क सेहो अछि। मुख्यमंत्री क बयान क बाद इ तय भ गेल छल जे एहन प्रयोग लेल बिहारक जमीन नहि देल जा सकैत अछि। मुदा एहन प्रयोग बिना अनुमति कए विदेशी कंपनी बिहार मे शुरू करि देलक, इ सूचना पाबि पूरा राज्य मे हड़कंप मचि गेल अछि।
दोसर दिस राज्य सरकार कए बिना जानकारी देने बीटी मक्का उत्पादन क प्रयोग शुरू कोना भेल एहि पर केंद्र स कठोर शब्द मे उत्तर मांगल जा रहल अछि। ज्ञात हुए जे शरद पवार लगातार इ दबाव बना रहल छथि जे बिहार मे एकर प्रयोग हुए। राज्य सरकार कंपनीक एहि दुस्साहस आ केंद्रक लापरवाही कए गंभीरता स लेलक अछि। बिहारक जमीन पर एहि प्रकारक भ रहल प्रयोगक जानकारी भेटला स स्तब्ध मुख्यमंत्री तत्काल केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री कए पत्र लिखलाह अछि आओर मामला क जांच क आदेश देलथि अछि। ज्ञात हुए जे बिना राज्य सरकारक अनुमति कए एहन प्रयोग कोनो राज्य मे संभव नहि अछि। मुख्यमंत्री केंद्र सरकार कए टूक जवाब देलथि अछि जे पूसा मे बीटी मक्का क ट्रायल नहि कैल जाए। ओ केन्द्र स कहला अछि जे बिना जेनेटिक इंजीनियरिंग एप्रुवल कमेटी क अनुमति क प्रयोग कोना शुरू भेल।
ओ मोन्सैंटो क रवैया पर आपत्ति जतेलाह आ कहला जे ओ जखन 21 फरवरी कए ट्रायल करि चुकल छल तखन राज्य सरकार स 24 फरवरी कए एकरा लेल अनुमति किया मांगल गेल। मुख्यमंत्री क बयान क बाद पूसा क वैज्ञानिक आ प्रबंधन क होश उडल अछि। ओ आनन-फानन मे बीटी मक्का क बीज आ पौधा कए राता राति काटिकए फेंक रहल अछि।
दोसर दिस पूसा मे किसान मेला मे गेल राज्य क कृषि मंत्री बीटी मक्का पर सरकारक राय साफ करैत कहला जे बिहार मे एकर प्रयोग कोना शुरू भेल इ केंद्र कए बतेबा लेल कहल गेल अछि, बिहार संग एहन व्यवहार कोनो हालत मे बर्दाश्त नहि कैल जाएत। इ बिहारक बजूद संग छेडछाड अछि।
वैज्ञानिक क सेहो मानब अछि जे विदेशी धरती क फॉर्मूले पर आधारित एहि तरह क बीज किसान क लेल बेसी कारगर नहि अछि, जखन कि खेत लेल खतरनाक अछि। बहरहाल राज्य सरकार क सख्ती कए देखैत कंपनी हड़बड़ी मे बखेड़ा ठार नहि हुए ताहि लेल खेत साफ करबा मे लागल अछि। एकर बावजूद जे भ चुकल अछि ओ गंभीर मामला अछि आ इ तुरंत थमि नहि सकैत अछि। मुख्यमंत्री रूख कए देखैत केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री एहि मामला क जांच क आदेश द देलथि अछि।

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