आखिर जमीन पर आएल बैंक

बिहार क किसान कए 16 हजार टका ऋण देबा लेल तैयार

पटना। रिजर्व बैंक क चेतावनी आ बिहार सरकारक धमकी क बाद आखिरकार बैंक बिहार क किसान कए कर्ज देबा लेल तैयार भ गेल अछि। बैंक नव वित्त वर्ष मे बेसी-स-बेसी कर्ज देबाक फैसला केलक अछि। एहि बेर ओ खास तौर पर किसान क लेल अपन तिजोरी खोलत। कृषि कार्य क लेलनव वित्त वर्ष मे 16 हजार करोड़ टका कर्ज क रूप देल जाएत। एकर अलावा, बैंक राज्य मे कर्ज जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) कए सेहो 35 फीसदी क स्तर पर अनबाकलक्ष्य रखलक अछि। उप-मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी कहला, ‘बैंक राज्य मे धीमा सही, मुदा बीतल चारि साल मे नीक प्रगति दर्ज केलक अछि। एहि राह मे नव वित्त वर्ष मे बैंक राज्य मे कर्ज क रूप मे 37,000 करोड़ टका बांटबाक इरादा रखने अछि। बीतल किछु साल मे बैंक एहि राह मे प्रगति करि रहल अछि।Ó चालू वित्त वर्ष मे राज्य मे बैंक 21,127 करोड़ टका कर्ज क रूप मे बांटबाकलक्ष्य रखने छल, जाहि मे स ओ दिसंबर, 2009 तक 12,879 करोड़ कर्ज बांट चुकल अछि। सूत्र क मानी त एहि वित्त वर्ष क अंत तक बैंक 17-18 हजार करोड़ टका बांटबा मे कामयाब रहल अछि।
दोसर दिस, अगिला वित्त वर्ष मे बैंक किसान पर सेहो मेहरबान रहत। बैंक एहि साल राज्य क किसान कए 16 हजार करोड़ टका क कर्ज देबाकफैसला लेलक अछि। मोदी कहला, ‘इ बहुत पैघ लक्ष्य अछि। हम बैंक सबस कहलहूं अछि जे जखन ब्याज क दर कए हम 4 फीसदी तय करि चुकल छी, त एहन मे हुनकर कर्ज कए डूबबाक उम्मीद सेहो कम भ गेल अछि। एहि लेल आब कोनो बहाना बनेबाक जरूरत नहि अछि आ बेसी स बेसी ऋ ण बांटू।Ó
शनिदिन सेहो ओ विभिन्न मसला पर राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी क बैठक मे भाग लेलथि आ ऋ ण वितरण क समीक्षा करबाक निर्देश देलक। हुनकर मुताबिक एक अप्रैल 2010 स 7 क बदला मे 4 फीसदी क दर स किसान कए ऋ ण पर ब्याज अदा करबाक अछि। तीन फीसदी अनुदान भेटत। केन्द्र सरकार एहि साल कृषि ऋ ण पर दू फीसदी अनुदान क घोषणा केलक अछि। हालांकि पिछला साल सेहो एक फीसदी अनुदान क घोषणा भेल छल, मुदा राशि अदा नहि भेल। ओ आश्वस्त केेलथि जे केन्द्र सरकार स अनुदान क राशि नहि भेटला पर किसान कए 4 फीसदी क दर स ब्याज अदा करबाक अछि। मार्च 2012 तक दू हजार स बेसी आबादी वाला गाम मे बैंकिंग सुविधा मुहैया कराउल जाएत। एहि श्रेणी क 10749 गाम अछि, जाहिमे 8009 गाम मे कोनो सुविधा नहि अछि। बैंकिंग कियोस्क, बायोमेट्रिक सिस्टम या फेर बिजनेस करसपोंडेंट क माध्यम स बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराउल जा रहल अछि। तखन गाम क लोक कए बैंक जेबाक सेहो जरूरत नहि होएत। बैंक एहि दिशा मे काज प्रारंभ करि देलक अछि। 367 गाम मे बैंक करसपोंडेंट क सुविधा प्रारंभ भ चुकल अछि। जाहि गाम मे बिजली नहि अछि, ओतह सौर ऊर्जा स एटीएम चालू कैल जा रहल अछि। बैंकिंग क मामला मे ग्रामीण बिहार क तस्वीर जल्द बदलल भेटत।

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