अहिंसा भारत क ताकत अछि : दलाई लामा


पटना । बौद्ध गुरु दलाई लामा क कहब अछि जे अहिंसा भारत क ताकत अछि। इ ताकत आजुकपरिपेक्ष्य मे बहुत बेसी प्रासंगिक अछि। राजधानी स्थित बांकीपुर जेल परिसर क 22 एकड़ जमीन पर बनल बुद्ध स्मृति पार्क क उद्घाटन समारोह मे दलाई लामा इ गप कहलथि। उद्घाटन क पूर्व ओ बौद्ध भिक्षु क संग पार्क परिसर क बीचोंबीच बनल स्तूप मे परंपरागत तरीका स पूजा अर्चना केलथि। स्तूप मे जापान, दक्षिण कोरिया, म्यांमार,श्रीलंका आ थाईलैंड स आनल गेल गौतम बुद्ध क अवशेष कए राखल गेल अछि। दलाई लामा एहि स्तूप क लेल गौतम बुद्ध क ओहि अवशेष क एकटा हिस्सा अनने छलाह, जे 13म लामा हुनका देने छलाह। मुख्यमंत्री क आग्रह पर दलाई लामा स्तूप क नामकरण सेहो केलथि। बुद्ध स्मृति पार्क स्थित स्तूप क नाम पाटलिपुत्र करुणा स्तूप राखल गेल अछि। बौद्ध गुरु पार्क परिसर मे श्रीलंका क अनुराधापुर आ बोधगया स आनल गेल बोधिवृक्ष कए रोपलथि। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एहि अवसर पर एलान केलथि जे बोधिवृक्ष क बीचोबीच गौतम बुद्ध क प्रतिमा लगाउल जाएत। उद्घाटन समारोह मे राज्यपाल देवानंद कुंवर, विधान परिषद क सभापति ताराकांत झा, विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी आ उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी मौजूद छलाह।

दलाई लामा कहला जे इ प्रदेश ऐतिहासिक दृष्टि स भगवान बुद्ध आ हुनकर अनुयायी स जुड़ल अछि। वैभव स पूर्ण एहि ऐतिहासिक नगर मे बुद्ध स्मृति पार्क क निर्माण कैल गेल अछि एकरा लेल एहि ठामक लोक कए बधाई। ओ कहला जे जेना तप आ कर्म स इ प्रोजेक्ट पूरा भेल अछि, तहिना भविष्य मे एहि पार्क मे एहन गतिविधि होएत जे लोग एहि ठाम आबि कए करुणा क साधना करताह। चाहे ओ कोनो धर्म विशेष स किया नहि संबंधित रखताह। भारत क धार्मिक समरसता क चर्चा करैत दलाई लामा कहला जे भारत इकलौता देश अछि जाहि ठाम अनेक धर्म क लोक एक संग रहैत अछि। कई तरह क संस्कृति क लोक क बीच सद्भाव अछि। भारत कए एहि पर गर्व हेबाकचाही। अहिंसा एकर ताकत अछि आ इ गुण एहि देश कए नहि बल्कि विश्व कए बिहार स भेटल अछि। तिब्बत क संग बिहार क संबंध क चर्चा करैत दलाई लामा कहला जे इ संबंध एकटा विश्वस्त चेला आ गुरु क अछि। बिहार गुरु अछि आ तिब्बत एकर विश्वस्त चेला। एहि मौका पर ओ बुद्धिस्ट पाठ क स्थानीय भाषा मे अनुवाद पर विशेष बल देलथि। उद्घाटन समारोह मे मुख्यमंत्री कहला जे इ ऐतिहासिक मौका छी। एहि लेल नहि जे बिहार सरकार प्राचीन पाटलिपुत्र मे बुद्ध स्मारक क निर्माण केलक अछि, बल्कि एहि लेल जेे एशिया क विभिन्न देश स प्राप्त बुद्ध क पवित्र स्मृति अवशेष क प्रतिष्ठापन करि हम विश्व बंधुत्व आ शांति क सटीक उदाहरण स्थापित केलहू अछि। बुद्ध स्मृति पार्क आ एकर पवित्र अवशेष स्तूप बुद्ध आ बिहार क पुरातन संबंध, हमर संस्कृति आ विरासत क प्रतीक छी। ओ कहला जे एहने स्तूप शीघ्र वैशाली मे सेहो बनाउन्ल जाएत।

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