अहां स इ उम्मीद नहि छल सिद्दीकी जी

17टा राजद सदस्य चलल छल सरकार खसेबा लेल
पटना । लोकतंत्र मे सरकार कए निरंकुश बा तानाशाह हेबाक डर तखन बढि जाइत अछि जखन विपक्ष मूर्ख आ लापरवाह भ जाइत अछि। 4 अप्रैल कए विधानसभा मे जे किछु भेल ओ देखि बस एतबे कहल जा सकैत अछि जे लालू त नहि सुधरता मुदा अहां स इ उम्मीद नहि छल सिद्दीकी जी। नेता प्रतिपक्ष बनलाक बाद सिद्दीकी स उम्मीद बनल छल जे ओ एकटा संभ्रांत आ शिक्षित विपक्ष क भूमिका मे रहताह, मुदा अगर लोक-लाज, मर्यादा, मान्य परंपरा कए एहिना कात लगा देल जाएत त संसदीय लोकतंत्र मे किछु संभव अछि। अब्दुलबारी सिद्दीकी सन गंभीर आ शिक्षित नेता प्रतिपक्ष कए रहैत अविश्वास प्रस्ताव सन गंभीर मसला कए एना मजाक बना देल जाएत, सहसा विश्वास नहि भ रहल अछि।
एसी-डीसी बिल पर हंगामा त बुझबा मे आयल आ ओहि मसला पर सदन स बाहर जाएब सेहो गलत नहि कहल जा सकैत अछि। मुदा शून्यकाल क दौरान जे भेल ओ नेता प्रतिपक्ष क मंजूरी क बिना त नहि भ सकैत अछि। विपक्षक मांग पर पत्रकार दीर्घा मे बैसल पत्रकार हैरान छलाह आ आसन (विधानसभा अध्यक्ष) आश्चर्यचकित। अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी सदन मे बैसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स पूछलथि -‘विपक्ष एसी-डीसी बिल मसला पर अविश्वास प्रस्ताव अनबाक अनुमति चाहैत अछि।’ मुख्यमंत्री विपक्ष क एहि मूर्खता पर बिना कोनो समय बर्बाद केने कहलो-‘विपक्ष, अविश्वास प्रस्ताव अनबा लेल तैयार अछि त हमरा सब कए कोनो आपत्ति नहि, इ विपक्ष क अधिकार अछि। प्रोसीड कैल जाए।’
विपक्ष क किछु सदस्य सेहो एहि मसला पर हैरान छलाह जे सदन मे इ की भ रहल अछि। गैर राजद सदस्य सोचैत रहलाह जे आखिर इ प्रस्ताव किया आनल जा रहल अछि, ताहि पर स आखिर सरकार एतबा जल्दी राजद क प्रस्ताव पर कोना सहमत भ गेल? एहि ऊहापोह मे अध्यक्ष कहला-‘चलू , लाउ प्रस्ताव।’ किछु काल लेल राजद क सदस्य इ तक तय नहि क पाबि रहल छलाह जे आखिर अविश्वास प्रस्ताव मूव के करते? नेता प्रतिपक्ष अब्दुल बारी सिद्दिकी सदन मे मौजूद नहि छलाह। देरी भेला पर संसदीय कार्य मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ढार भेलाह आ कहला कहा- ‘मूव किया नहि भ रहल अछि प्रस्ताव? प्रस्ताव आनब तखन त वोटिंग क समय फिक्स होएत।’
आखिरकार राजद क दुर्गा प्रसाद सिंह अविश्वास प्रस्ताव क सूचना कए औपचारिक रूप स पढ़लथि। कहला- कायर्संचालन नियमावली क नियम 109 क अंतर्गत हम अविश्वास प्रस्ताव क सूचना दैत छी।’
दुर्गा बाबू क सूचना जहिना खत्म भेल विधानसभा अध्यक्ष कहला-‘जे अविश्वास प्रस्ताव क पक्ष मे छी ओ ढार भ जाउ।’ किछु सदस्य अकबका गेलाह, पूछलाह -‘ढार भ जाउ?’ आसन ‘हां’ मे माथ हिला देलक। राजद विधायक अपन सीट पर ढार भ गेलाह। कांग्रेस आ निर्दर्लीय विधायक अपन सीट पर बैसल रहलाह। एकर बाद अध्यक्ष अधिकारी कए ढार विधायक कए गिनती करबा लेल कहला। तुरंत एलान भेल-‘संख्या केवल 17 अछि। एतबा कम संख्या मे त अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग नहि भ सकैत अछि। एहि लेल कम स कम 23 क संख्या चाही।’ एकर बाद सत्ता पक्ष जेतबा राजद क विधायक कए बेइज्जत केलक ओ बेइज्जती ओहि जनता लेल सेहो छल जे हिनका सब कए चुनाव मे जीता कए विधानसभा पहुंचा दैत अछि। राजद क राघवेंद्र प्रताप सिंह क इ कहब एकदम कुंठाग्रस्त लोकक बयान अछि जे ‘संविधान क ज्ञान हुनको छैन आ अगर राजद सदस्य कए किछु ज्ञान नहि अछि त हुनका सब कए सदन स आउट करा देल जाए।’ मुख्यमंत्री आ उपमुख्यमंत्री त इशारे स ‘ना’ मे हाथ हिला देलथि, लेकिन राघवेंद्र बाबू क सवाल क उत्तर त असल मे नेता प्रतिपक्ष कए देबाक अछि जे हुनकर अनुमतिक बिना एतबा पैघ प्रस्ताव सदन मे पेश कोना भेल। निश्चित रूप स सिद्दीकी एकरा लेल जिम्मेदार छथि।

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1 टिप्पणी

  1. Dhanybad. Ehan rochak aa parihaspurn ghatnak jankari prakasit karak lel. Ghatna ta 4th Aprilak chhi muda bujha rahal achhi jena pratipaksh ohi din “April Fool” mana rahal ho.

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