अशोक पेपर मिल कए कबाड साबित करबा मे लागल छथि धरमगोधा

हायाघाट। नवक्यू कैपिटल एंड फाइनांस लि. क चेयरमैन आओर अशोक पेपर मिल क मालिक धरमगोधा कहला अछि जे अशोक पेपर मिल कए चलायब मुश्किल अछि। ओ कोलकाता हाईकोर्ट क निर्देश पर अशोक पेपर मिल क निरीक्षण करबा लेल आयल छलाह। हुनकर संग हाईकोर्ट क प्रतिनिधि क रूप मे आयल अमित बंधोपाध्याय आओर मो. शकील सेहो मिल परिसर क गहन निरीक्षण केलथि। मिल क एक एकटा पार्ट पुर्जा कए जांचलाह, परखलाह आ परिसर क स्थिति पर सेहो नजरि देलाह। निरीक्षण क बाद पत्रकार सबहक प्रश्‍नक उत्‍तर दैत धरमगोधा कहला जे हम बहुत दिन स कोर्ट कए इ कहबा क कोशिश कए रहल छी जे इ मिल आब नहि चलि सकैत अछि, मुदा किछु लोक इ मानबा लेल तैयार नहि छथि, हमरा जे मिल भेटल ओ चलबा योग्‍य नहि छल, हम एहि ठाम नव मशीन लगेबा लेल कोर्ट क आदेश मांगी रहल छी। जाहिक लेल कोर्टक प्रतिनिधि क संग एहि ठाम आयल छी।
धरम क गप कए समर्थन दैत हाईकोर्ट क प्रतिनिधि कहला जे मिलक हालत सही मे खराब अछि। छोट आ पैघ दूनू मोटर क्षतिग्रस्त भ गेल अछि। कोनो मिल कए चालू करबा लेल एहि दूनू यंत्र क बहुत अधिक महत्व होइत अछि। एकर अलावा मिल स कईटा पार्ट पुर्जा सेहो गायब भ चुकल अछि। कर्मचारीक क बकाया क बाबत दूनू प्रतिनिधि कहला जे भुगतान क अपन अलग प्रक्रिया होइत अछि। एहि यात्राक रिपोर्टक बाद ओहि दिशा मे काज शुरू होएत।
दोसर दिन मिल स जुडल एकटा पूर्व सदस्‍य कहला जे इ मिथिलाक संपत्तिक लूट भ रहल अछि। अशोक पेपर मिल बिहारक आन मिल कए जेकां जहिया अध्रिहण भेल ठीक ठाक चलि रहल छल। सरकार पहिने एकरा अधिग्रहण केलक आ बाद मे घाटा देखा बंद कए देलक। हजार स बेसी परिवार सडक पर आबि गेल। मामला कोर्ट मे गेल त उम्‍मीद बनल। कोर्ट मिल कए निलाम केलक आ औने पौने दाम मे धरमगोधा एकरा कीन लेलक। जोरशोर स एकरा चालू करबाक नौटंकी भेल आ मिलक नाम पर धरमगोधा बैंक स कर्ज सेहो ल लेलक, मुदा मिल एक दू दिन चलि कए बंद भ गेल। इ गप 1997 ’98 क छी। एकर बाद धरमगोधाक नजरि मिलक मशीन पर अछि। ओ एकरा कबाडा साबित करबा मे लागल अछि। अगर कोर्ट मे इ साबित भ गेल जे मशीन कबाडा अछि त कई करोडक कबाडा बेच ओ एहि ठाम स भागि जाएत। एकटा अन्‍य पूर्व कर्मचारीक कहब छल जे स्‍थानीय नेता एहि मिल कए ल कए एतबा उदासीन छथि जे मिल कए सामान बेचबाक प्रयास भ रहल अछि आ ओ सुतल छथि। मिथिलाक इ दुर्भाग्‍य अछि जे पहिने मिल बिकायल आ आब ओकर सामान बेचबाक गप भ रहल अछि। जखन कि मिल खुलबाक कोनो उम्‍मीद करब बेवकूफी बुझबा मे अबैत अछि।

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