अर्धरात्रि क सपना आ आजादीक जश्न


14-15 अगस्त की अर्धरात्रि मे अपन ऐतिहासिक भाषण मे नेहरू भरपूर जोश क संग अपन काव्यात्मक अंदाज मे कहने छथि, मध्यरात्रि क एहि बेला मे, जखन पूरा विश्व सुतल अछि, भारत स्वतंत्रता आ नव जीवन क लेल जागत। मुदा भारत की वास्तव मे जागल आ अपन आत्मा कए नव अभिव्यक्ति द सकल? की इ सच नहि जे जगल भारत क आत्मा कए फेर स सुता देल गेल आ एहि पर दमन क आओर मोट परत चढ़ा देल गेल?

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

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