अपन जन्म‍ क बाट तकैत गायनिक वार्ड क आईसीयू

दरभंगा । डीएमसीएच क गायनिक वार्ड मे अत्याधुनिक सुविधा स लैस आईसीयू तैयार त तीन मास पहिने भ गेल, मुदा आब उद्घाटन क बाट तकैत तकैत एकर खंडहर हेबाक आशंका प्रबल भ गेल अछि। काज स बेसी राजनीति मे व्यकस्तल अस्पेताल प्रशासन कए तीन मास स एहि मे लटकल ताला कए खोलबा लेल तारीख तय नहि कैल भ रहल अछि। एहन मे प्रसूता कए गंभीर स्थिति मे आईसीयू क सुविधा रहैत नहि भेट पाबि रहल अछि। निर्माता एजेंसी एजीएस कंपनी सितंबर 2012 मे छह बेड क आईसीयू बनाकए अस्पताल अधीक्षक कए रिपोर्ट सौंप देलक। करीब 40 लाख क लागत स एहि आईसीयू क निर्माण भेल अछि, मुदा दरभंगा क इ दुर्भाग्य रहल अछि जे एहि ठाम बनल चीज उपयोग क बिना जर्जर भ जाइत अछि। अस्पछताल प्रशासनक एहि प्रकारक लापरवाही क कारण स मरीज कए एखन धरि एकर लाभ नहि भेट सकल अछि। जानकारक कहब अछि जे अगर इ समय स चालू भ गेल रहिते त कम स कम किछु जान कए बचाउल जा सकैत छल। निर्माता एजेंसी एजीएस कंपनी क एकटा अधिकारीक कहब अछि जे एहि आईसीयू मे ओ सबटा सुविधा अछि जे आन कोनो उन्नछत जगह पर होइत अछि। ओ कहला जे एहि ठाम फिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाउल गेल अछि। गंभीर मरीज कए डिलेवरी क पूर्व पेट मे पला रहल नवजात शिशु क स्थिति क पता लगेबा मे इ मशीन उपयोगी होइत अछि। बच्चा जीवित अछि बा मृत, ओकर धड़कन तेज अछि बा धीमी। डिलेवरी नार्मल बा सर्जरी स हो। एहि सब गपक जानकारी एहि स भेटैत अछि। जच्चा-बच्चा दूनू लेल इ एकटा जीवनदान दैत अछि।
तहिना ऑक्सीजन सेपरेटर रहबा स एहि मे जीवन बचेबाक संभावना बढि जाइत अछि। एकरा लगला स ऑक्सीजन सिलेंडर आ गैस पाइप लाइन क झंझट स गंभीर मरीज कए मुक्ति भेट जाइत अछि। इ वायुमंडल स 21 प्रतिशत ऑक्सीजन लैत अछि आ 40 प्रतिशत आपूर्ति अपने करैत अछि । मरीज कए जेतबा ऑक्सीजन क जरूरत होइत अछि ओतबा इ आपूर्ति करैत अछि।
ओ कहला जे एहि मे लागल डिफिवलेटर कोनो प्रसूता क पल्स रेट अनियमित भेला पर ओकरा नियंत्रित करबा मे काफी मददगार होएत। एहि मशीन स मरीज कए कार्डियोजेनिक शॉक सेहो देल जा सकैत अछि।
एकर संगहि एहि मे जीवन रक्षक बेड लागल अछि। सब बेड क संग मोनिटर, ब्लड स्लाइन चढेबा समेत कईटा जीवन रक्षक मशीन लागल अछि। सबटा बेड परदा स घेरायल अछि। कीटनाशक फ्लोर आ हाइजेनिक पेंट दीवार पर लगाउल गेल अछि।
ओ कहला जे निर्माणकर्ता एजीएस कम्पनी आईसीयू क व्यवस्था 13 मास धरि करत। व्यवस्था सुदृढ़ रखबा लेल एजीएस क कर्मी हरदम ओहि ठाम तैनात रहताह।
तीन मास स बनि कए तैयार एहि आइसीयू कए अस्पताल उपाधीक्षक डा. एसके मिश्रा क अध्यक्षता मे गठित कमेटी सेहो क्लीन चीट द चुकल अछि। कमेटी मे एनेस्थेसिया विभाग क अध्यक्ष डा. एसएन राय आ गायनिक वार्ड क विभागाध्यक्ष डा. एसके सिन्हा शामिल छलाह। मुदा अधीक्षक डा. सूरज नायक क एखनो बस एतबे कहब अछि जे गायनिक वार्ड क अध्यक्ष डा. सिन्हा स गप करि कए आईसीयू कए शुरू करबाक तिथि जल्द तय क लेल जाएत। देखबाक चाही जे इ तय करबा मे आओर केतबा मास लगैत अछि। किया त आवंटन क बाट तकैत खंडहर होइत दुकान हुए बा परिचालनक बाट तकैत पोखरि मे सडि रहल नौका, दरभंगा मे बनलाक बावजूद जनता लेल उपलब्धप करेबाक संस्का र प्रशासन मे कम देखल जाइत अछि। जनता क सुविधा लेल बनल चीज नष्टख भ जाइत अछि, मुदा ओकरा जनता क उपयोग मे नहि लगाउल जाइत अछि। हां, अगर नामांकरण क मसला सामने आउत, त पता नहि केकर केकर नाम पर ओकर नाम राखबा मे राजनीति शुरू भ जाएत। आखिर कहिया धरि डीएमसी आ डीएमसीएच अनेरक काज मे अपन ऊर्जा नष्ट करैत रहत। आखिर एहन राजनीतिक इलाज कौन वार्ड मे होएत।

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